धमकी नहीं अब गवाह को सीधी गोली
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गवाह को धमकाना तो आम बात सी हो गई है। अब तो अपराधी कानूनी शिकंजे से बचने के लिए गवाही देने वालों को मौत के घाट उतारने के प्रयास तक करने लगे हैं। बेखौफ बदमाश वारदात करने के बाद कोर्ट में गवाही से पहले सजा से बचने के लिए गवाह को ही गोली मारने का खेल खेल रहे हैं। हिसार शहर में पिछले एक साल में इस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं। कोर्ट परिसर में गवाह को सरेआम धमकाना, सरेआम गैंगवार करना यहां के बदमाश चुटकियों का खेल समझते हैं। जिला पुलिस इस तरह की वारदात को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। शहर में ऐसे हाई प्रोफाइल मामले भी आए हैं, जिनमें पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा को बदमाश विनोद काना बिट्टू मर्डर केस में गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दे चुका है।
केस एक
बीती शनिवार की रात को लाहौरिया चौक के पास हरिनगर में हत्या प्रयास मामले में गवाह विजय उर्फ चोटी को गोली मार दी गई। गोली मारने में सुमित उर्फ काली और एक अन्य को नामजद किया गया है। चोटी को दूसरी बार गोली मारी गई है। पहले वाली वारदात के संबंध में 19 अप्रैल को कोर्ट में गवाही होनी है। आरोप है कि काली वगैरह ने गवाही देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
केस दो
काजला गांव के डाकिये पवन कुमार की हत्या के बाद गवाही देने से डराने के लिए उनके बेटे पर भी फायरिंग की गई थी। पवन ने गोली लगने के कई दिन बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया था। फिर बदमाशों ने गवाही देने की एवज में उनके बेटे को जान से हाथ धोने की धमकी दी थी और फायरिंग भी की। यह मामला काफी दिन सुर्खियों में रहा था।
केस तीन
वर्ष 2014 जनवरी महीने में पुष्पा कांप्लेक्स में कांग्रेस नेत्री सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा के भतीजे बिट्टू की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विनोद काणा ललित शर्मा को फोन पर जान से मारने की धमकी दे चुका है। बिट्टू की हत्या के मामले में कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, मगर विनोद काणा का अभी तक कुछ पता नहीं चला है।
जेल में बैठे अपराधी करवा रहे गवाह पर जानलेवा हमला
हिसार। जिला पुलिस व जेल प्रशासन इस तरह के मामलों में बिल्कुल नाकाम साबित हो रहा है। यहां जेल में बैठे अपराधी फोन पर गवाहों को धमका चुके हैं। जेल में बैठे बैठे ही प्लानिंग तैयार की जा रही है और गवाह को मारने की कोशिश हो चुकी हैं। पैरोल पर आए बदमाश भी इस तरह की वारदात कर रहे हैं।
दिनदहाड़े खूनी खेल खेलकर पेटवाड़ के संदीप उर्फ बच्ची को पुलिस कस्टडी में मौत के घाट उतारा जा चुका है। दूसरे मामले में निशाना चूकने पर गोली लगने से राहगीर विपिन घायल हो चुका है। पुलिस ने दोनों मामलों में एक-एक आरोपी मौके से गिरफ्तार किए थे।
गौरतलब है कि पिछले साल 14 मई को पुलिस कस्टडी में पेटवाड़ के संदीप उर्फ बच्ची को बक्शीखाने से अदालत में पेश करने के लिए लाया जा रहा था। वीटा बूथ के पास उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। साजिद ने आका विनोद काणा के हुक्म पर कत्ल किया था। कोर्ट परिसर की पार्किंग में गैंगेस्टर दीप्ति के साथी मंगाली के अनिल उर्फ छोटिया ने जेल से गैंग के सदस्य गंगवा के अजमेर उर्फ डीजल और सोनू को फोन पर आदेश दिया था कि सेठी गैंग के संदीप डूडी को खत्म कर दो। इसमें डूडी तो बच गया था, मगर राहगीर सेक्टर 16-17 निवासी विपिन घायल हो गया था।
एक्सपर्ट व्यू
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन है कि गवाह को खतरा है तो पुलिस उसे सुरक्षा मुहैया करवाए। ताकि गवाह बेझिझक होकर अपराधी के खिलाफ गवाही दे। पुलिस सुप्रीम कोर्ट की इस गाइड लाइन को फॉलो नहीं करती। कुछ पुलिस की भी मजबूरी है कि उनके पास फोर्स कम है। मगर ऑन डिमांड गवाह को सुरक्षा मुहैया करवाने को पुलिस को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- लाल बहादुर खोवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता
ये बोले पुलिस अधिकारी
कोर्ट परिसर में हत्या, हत्या प्रयास और बिट्टू मर्डर मामले में सीआईए की टीम कार्रवाई कर रही है। काजला प्रकरण में एक आरोपी पकड़ा जा चुका है। विनोद काणा की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी गवाह को डरने की जरूरत नहीं। किसी को भय है तो पुलिस को शिकायत दे।
- भगवान दास, डीएसपी मुख्यालय