फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Software engineer, Mastermind, police arrest, Hisar

सॉफ्टेवयर इंजीनियर है मास्टर माइंड पुलिस ने सीज करवाए डॉ. खन्ना के खाते

Sun, 21 May 2017 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Sun, 21 May 2017 01:20 AM IST
विज्ञापन
Software engineer, Mastermind, police arrest, Hisar
police demo pic - फोटो : google

डॉक्टर नरेश कुमार खन्ना का खाता साफ करने वाले गिरोह (सिम स्वैपिंग) का मास्टर माइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। पुलिस विप्लव को जब कोलकाता लेकर पहुंची तो मास्टर माइंड मौके से फरार हो चुका है। हिसार पुलिस के पास सागर के साथी विप्लव के पकड़े जाने के बाद अलग-अलग राज्यों से पुलिस के फोन आ रहे हैं।

विज्ञापन


पुलिस का मानना है कि विप्लव के पकड़े जाने के बाद भी सागर ने अपना दूसरा साथी भेजकर रोहतक से डुप्लीकेट सिम निकलवाई होगी। रातों रात उन्होंने ऑनलाइन दूसरे खातों में रुपये ट्रांसफर करवा दिए। हालांकि सुबह पुलिस और डॉक्टर ने खाते सीज करवा दिए। इन खातों में थोड़ी बहुत पेमेंट बची है, लेकिन अधिकतर बड़ी राशि निकाली जा चुकी है। डॉक्टर को 7 लाख 80 हजार रुपये की चपत लग चुकी है। पुलिस रिमांड के बाद विप्लव को कोर्ट में रविवार को पेश करेगी।
विज्ञापन


दो और लोगों की आईडी पर डुप्लीकेट सिम निकलवा चुका विप्लव            
पुलिस पूछताछ में उसने बताया है कि वह इससे पहले भी दो लोगों की फर्जी आईडी पर डुप्लीकेट सिम निकलवाकर दे चुका है। यानी यह तो तय है कि विप्लव ने इन दोनों लोगों के खातों से लाखों रुपये उड़ाने में मदद की है। विप्लव ने बताया कि उसकी उसे केवल पांच हजार रुपये कीमत मिलती है। इसके अलावा एयर टिकट, खाने-पीने व रहने का खर्च अलग है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर बार मिलता है नया फोन, फिर तोड़ देते हैं
पुलिस पूछताछ में उसने यह भी बताया कि डुप्लीकेट सिम निकलवाने के बाद उन्हें पहले से ही प्लानिंग के अनुसार नया मोबाइल फोन मिल जाता है। डुप्लीकेट सिम वे इसी नए फोन में डालते हैं। उधर से सागर उसके मोबाइल पर कॉल करता है। जो भी जानकारी मांगता है और ओटीपी मांगा जाता है, वह उसे फोन पर ही बता देता है। खाते से रुपये ट्रांसफर होने के बाद इस मोबाइल और सिम को तोड़ दिया जाता है।

पुलिस ने बताया है कि एक सप्ताह पहले जब विप्लव को आइडिया केयर वालों ने डॉक्टर की सूचना पर मौके पर बैठा लिया था तो उसके पास सागर का व्हाट्स एप पर मैसेज आया था। इसमें गाली का उपयोग करते हुए लिखा था अरे अभी तक सिम एक्टिवेट नहीं करवाया है क्या। फिर विप्लव ने लिखा, नहीं आया था केयर में, उन्होंने मुझे यहां पकड़कर बैठा लिया है।

डॉक्टर को खाते से रुपये निकलवाने को बोला था पुलिस ने            
पुलिस ने डॉक्टर को पहली वारदात के साथ ही आगाह कर दिया था कि आप खाते से एक बार रुपये निकलवा लो। साथ ही मोबाइल नंबर जो खाते के साथ रजिस्टर्ड है, उसे भी बदलवा लो। जो भी सिक्योरिटी नंबर है, उन्हें भी बदल लिया जाए तो बेहतर होगा, लेकिन डॉक्टर ने इस पूरे मामले को हल्के में लिया। उन्होंने कहा कि अब नहीं होगा। जो करने वाला था, वो पकड़ा ही गया।


मास्टर माइंड सागर हाथ नहीं आया। वह पहले ही वहां से फरार हो चुका है। रोहतक से निकलवाई गई डुप्लीकेट सिम भी इसी गिरोह द्वारा निकलवाई हो सकती है। मामले की जांच की जा रही है।
- ललित दलाल, इंस्पेक्टर सिटी थाना

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed