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कोलकाता से दिल्ली हवाई जहाज से आया हैकर
अमर उजाला/ब्यूराो/हिसार
Updated Sat, 13 May 2017 12:58 AM IST
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ऋषि नगर स्थित खन्ना मेडिकल सेंटर के संचालक डॉ. नरेश कुमार खन्ना की फर्जी आईडी बनाकर उनका मोबाइल बंद करा दिया। फिर फर्जी आईडी पर डुप्लीकेट सिम निकलवा लिया। डुप्लीकेट सिम एक्टिवेट होने से पहले पुलिस ने कोलकाता निवासी विप्लव पाल को गिरफ्तार कर लिया। वह डुप्लीकेट सिम के जरिये अकाउंट हैक कर ठगी करने के प्रयास में था। सिटी थाना पुलिस ने विप्लव के अलावा आइडिया कस्टमर केयर सेंटर के कुछ स्टाफ सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
विप्लव पाल कोलकाता से हवाई जहाज में आठ मई को दिल्ली आया था। वह दिल्ली से उसी दिन हिसार पहुंचा। यहां रेलवे रोड पर आइडिया कस्टमर केयर में गया। उसने वहां खुद को डॉ. नरेश कुमार खन्ना बताते हुए आईडी के तौर पर डीएल की फोटो कॉपी प्रस्तुत की। डीएल की कॉपी में नाम और पता डॉ. खन्ना का था। विप्लव पाल ने फोटो खुद की लगा रखी थी। पुलिस के अनुसार उसने सेंटर के कुछ कर्मचारियों से मिलीभगत कर डॉ. एनके खन्ना का मोबाइल फोन बंद करा दिया। अपना मोबाइल गुम होने की जानकारी दे डुप्लीकेट सिम के लिए आवेदन कर दिया। उसने डुप्लीकेट सिम हासिल कर ली। इस सिम को एक्टिव कराने वाला था। इस बीच पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में विप्लव और सेंटर के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे नौ दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
नौ हजार की टिकट लेकर हवाई जहाज से पहुंचा हिसार
एसएचओ ललित कुमार के अनुसार विप्लव कोलकाता से दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा। फिर बस से हिसार आया। उसने कोलकाता से दिल्ली तक की टिकट 9000 रुपये में टिकट खरीदी थी। उसके बाद वह वारदात को अंजाम देने के लिए कस्टमर केयर सेंटर में पहुंचा।
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गैंग में कई लोग होने का अंदेशा
पुलिस के अनुसार इस अंदाज में साइबर क्राइम को अंजाम देने वाला व्यक्ति अकेला होने की संभावना काफी कम है। पुलिस को संदेह है कि यह साइबर क्राइम गैंग है और गैंग में कई लोग शामिल हो सकते हैं। वे अपने साथियों की मदद से साइबर क्राइम की वारदात को अंजाम देते हैं।
रिमांड के दौरान उगलेगा राज
सिटी थाना पुलिस ने मामले की जड़ तक जाने के लिए आरोपी का नौ दिन का रिमांड हासिल किया है। पुलिस रिमांड के दौरान उसे कोलकाता ले जाएगी और उसके गैंग के बारे में जानकारी हासिल करेगी। पुलिस कोलकाता में जाकर उसके साथियों की तलाश में छापे मारेगी और यह जानेगी कि वह हिसार में ही क्यों वारदात करने पहुंचा। डॉ. खन्ना गैंग के निशाने पर कैसे आये, यह पता लगाया जाएगा।
मास्टर माइंड का प्लान
विप्लव डुप्लीकेट सिम के जरिये डॉ. एनके खन्ना का अकाउंट हैक करना चाहता था। उनके अकाउंट को ऑनलाइन कर इस सिम के माध्यम से सभी कोड उसके पास आ जाते। इससे वह आसानी से अकाउंट से पूरी रकम निकाल या ट्रांसफर कर लेता। अकाउंट सीधे मोबाइल नंबर से भी जुड़ा होने के कारण चिकित्सक को नकदी निकालने की सूचना भी नहीं मिलती।
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विप्लव पाल कोलकाता से हवाई जहाज में आठ मई को दिल्ली आया था। वह दिल्ली से उसी दिन हिसार पहुंचा। यहां रेलवे रोड पर आइडिया कस्टमर केयर में गया। उसने वहां खुद को डॉ. नरेश कुमार खन्ना बताते हुए आईडी के तौर पर डीएल की फोटो कॉपी प्रस्तुत की। डीएल की कॉपी में नाम और पता डॉ. खन्ना का था। विप्लव पाल ने फोटो खुद की लगा रखी थी। पुलिस के अनुसार उसने सेंटर के कुछ कर्मचारियों से मिलीभगत कर डॉ. एनके खन्ना का मोबाइल फोन बंद करा दिया। अपना मोबाइल गुम होने की जानकारी दे डुप्लीकेट सिम के लिए आवेदन कर दिया। उसने डुप्लीकेट सिम हासिल कर ली। इस सिम को एक्टिव कराने वाला था। इस बीच पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में विप्लव और सेंटर के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे नौ दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
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नौ हजार की टिकट लेकर हवाई जहाज से पहुंचा हिसार
एसएचओ ललित कुमार के अनुसार विप्लव कोलकाता से दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा। फिर बस से हिसार आया। उसने कोलकाता से दिल्ली तक की टिकट 9000 रुपये में टिकट खरीदी थी। उसके बाद वह वारदात को अंजाम देने के लिए कस्टमर केयर सेंटर में पहुंचा।
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गैंग में कई लोग होने का अंदेशा
पुलिस के अनुसार इस अंदाज में साइबर क्राइम को अंजाम देने वाला व्यक्ति अकेला होने की संभावना काफी कम है। पुलिस को संदेह है कि यह साइबर क्राइम गैंग है और गैंग में कई लोग शामिल हो सकते हैं। वे अपने साथियों की मदद से साइबर क्राइम की वारदात को अंजाम देते हैं।
रिमांड के दौरान उगलेगा राज
सिटी थाना पुलिस ने मामले की जड़ तक जाने के लिए आरोपी का नौ दिन का रिमांड हासिल किया है। पुलिस रिमांड के दौरान उसे कोलकाता ले जाएगी और उसके गैंग के बारे में जानकारी हासिल करेगी। पुलिस कोलकाता में जाकर उसके साथियों की तलाश में छापे मारेगी और यह जानेगी कि वह हिसार में ही क्यों वारदात करने पहुंचा। डॉ. खन्ना गैंग के निशाने पर कैसे आये, यह पता लगाया जाएगा।
मास्टर माइंड का प्लान
विप्लव डुप्लीकेट सिम के जरिये डॉ. एनके खन्ना का अकाउंट हैक करना चाहता था। उनके अकाउंट को ऑनलाइन कर इस सिम के माध्यम से सभी कोड उसके पास आ जाते। इससे वह आसानी से अकाउंट से पूरी रकम निकाल या ट्रांसफर कर लेता। अकाउंट सीधे मोबाइल नंबर से भी जुड़ा होने के कारण चिकित्सक को नकदी निकालने की सूचना भी नहीं मिलती।