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लावारिस पशुओं के डर से गई थी बुरे में दो मासूम भाई-बहनों की जान
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:41 AM IST
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हादसा
- फोटो : buraeau
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जिले के बुरे गांव में शुक्रवार शाम दो मासूम भाई-बहनों की मौत लावारिस पशुओं की धींगा मस्ती के कारण हुई थी। लावारिस पशुओं के आपस में भिड़ने से 10 साल का ललित और उसकी आठ साल की बहन ज्योति डर गए थे। ललित बारिश के कारण पैर फिसलने से जोहड़ में गिर गया था। मासूम ज्योति ने बचाने के लिए भाई का हाथ पकड़ा, मगर खुद भी जोहड़ में जा गिरी थी और दोनों की डूबने से मौत हो गई थी।
बुरे के रामदत्त शर्मा ने बताया कि गांव का सत्यवान कश्यप और उसकी पत्नी सुनीता हमारे खेत में मजदूरी करने गए हुए थे। सत्यवान का बड़ा बेटा ललित और बेटी ज्योति जोहड़ के किनारे से घर आ रहे थे। लावारिस पशु आपस में भिड़ रहे थे। बच्चे डर गए। ललित का पैर फिसला तो वह जोहड़ में गिरने लगा। ज्योति ने बचाने के लिए भाई का हाथ पकड़ा तो वह भी जोहड़ में जा गिरी और दोनों की डूबने से मौत हो गई। भैंसों को पानी पिलाने आए एक युवक ने यह सब देख लिया था। उसने ऊंची आवाज लगाकर ग्रामीणों को घटना से अवगत कराया तो भारी संख्या में लोग जोहड़ पर उमड़ आए।
लोगों ने बच्चों को ढूंढने के लिए पानी में छलांग लगाई। बच्चों को निकालकर सत्यवान और ग्रामीण एक वाहन में सरकारी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंगाली चौकी पुलिस ने सूचना मिलने पर शव कब्जे में ले लिए थे। दोनों शवों का पोस्टमार्टम सरकारी अस्पताल में किया गया।
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परिवार में पसरा मातम
मासूम ललित और ज्योति की मौत से सत्यवान के परिवार में मातम छा गया है। सत्यवान की पत्नी सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। इस दंपति का अब छोटा बेटा पांच वर्षीय बजरंग है। ललित छठी और ज्योति पांचवीं कक्षा में पढ़ते थे।
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बुरे के रामदत्त शर्मा ने बताया कि गांव का सत्यवान कश्यप और उसकी पत्नी सुनीता हमारे खेत में मजदूरी करने गए हुए थे। सत्यवान का बड़ा बेटा ललित और बेटी ज्योति जोहड़ के किनारे से घर आ रहे थे। लावारिस पशु आपस में भिड़ रहे थे। बच्चे डर गए। ललित का पैर फिसला तो वह जोहड़ में गिरने लगा। ज्योति ने बचाने के लिए भाई का हाथ पकड़ा तो वह भी जोहड़ में जा गिरी और दोनों की डूबने से मौत हो गई। भैंसों को पानी पिलाने आए एक युवक ने यह सब देख लिया था। उसने ऊंची आवाज लगाकर ग्रामीणों को घटना से अवगत कराया तो भारी संख्या में लोग जोहड़ पर उमड़ आए।
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लोगों ने बच्चों को ढूंढने के लिए पानी में छलांग लगाई। बच्चों को निकालकर सत्यवान और ग्रामीण एक वाहन में सरकारी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंगाली चौकी पुलिस ने सूचना मिलने पर शव कब्जे में ले लिए थे। दोनों शवों का पोस्टमार्टम सरकारी अस्पताल में किया गया।
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परिवार में पसरा मातम
मासूम ललित और ज्योति की मौत से सत्यवान के परिवार में मातम छा गया है। सत्यवान की पत्नी सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। इस दंपति का अब छोटा बेटा पांच वर्षीय बजरंग है। ललित छठी और ज्योति पांचवीं कक्षा में पढ़ते थे।