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डेढ़ करोड़ की स्मैक पकड़ी चार गिरफ्तार

Sun, 09 Oct 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार Updated Sun, 09 Oct 2016 12:23 AM IST
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Drug smugling hisar, CIA 1 hisar, Hisar
crime - फोटो : Bureau

शहर के युवा स्मैक के नशे की गिरफ्त में है। तस्कर हिसार को नशा के कारोबार की मंडी के रूप में देख रहे हैं। आइजी स्टाफ व सीआईए वन की टीम ने जिले में दो अलग-अलग स्थानों से नशा तस्करी करने आए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनसे अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत की डेढ़ करोड़ रुपये की स्मैक बरामद हुई है। हालांकि इसे पुलिस साढ़े पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत की बता रही है। हिसार में विशेषकर मलीन बस्तियों में रहने वाली महिलाएं नशे के धंधे में संलिप्त है। यूपी व राजस्थान से होकर हिसार में नशा सप्लाई किया जा रहा है।

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केस नंबर एक
शनिवार को आईजी स्टाफ की टीम ने यूपी से हिसार की अंबेडकर बस्ती में स्मैक सप्लाई करने आए एक दिव्यांग व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके पास 600 ग्राम स्मैक मिली है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 60 लाख रुपये कीमत है। डीएसपी जयपाल ने बताया कि आईजी स्टाफ की टीम इंचार्ज जयवीर सिंह की टीम ने नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आईजी ओपी सिंह के निर्देश पर यह टीम गठित की गई थी। टीम में सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, नवीन कुमार, एएसआई संजय कुमार, सुुरेंद्र, निजामुद्दीन, अनिल कुमार, देवेंद्र, बलजीत सिंह, विनोद कुमार शामिल थे। उन्होंने गुप्त सूचना के आधार पर अंबेडकर बस्ती में जाल बिछा दिया।
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लाल रंग के थैले में लेकर आया था स्मैक
पुलिस ने बताया नशे के साथ गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने अपना नाम बिंटू कुमार बताया है। वह यूपी के गांव डेहवा थाना जैतपुर जिला नावगंज का रहने वाला है। टीम ने मौके पर डीएसपी जयपाल को बुलाया। उनकी मौजूदगी में टीम ने लाल रंग का थैला लेकर आ रहे व्यक्ति को मौके पर पकड़ लिया। उसके थैले में 600 ग्राम स्मैक थी। पुलिस ने सिटी थाना में व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।
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डीएसपी बोले लेंगे रिमांड, चेन सिस्टम है तस्करों का
डीएसपी जयपाल सिंह ने बताया कि नशा तस्करों का चेन सिस्टम बना हुआ है। आरंभिक पूछताछ में बिंटू ने बताया है कि वह यहां किसी महिला को स्मैक सप्लाई करने के लिए आया था। डीएसपी ने कहा कि इस चेन सिस्टम को तोड़ा जाएगा। अभियुक्त का रिमांड मांगा जाएगा। रिमांड के दौरान पूछताछ होगी जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि यह कहां से नशा लेकर आया था और अंबेडकर बस्ती में कहां कहां और  किस किस को सप्लाई करने आया था।

केस नंबर दो
बरवाला से भी एक करोड़ की स्मैक सहित तीन गिरफतार
सीआईए वन की टीम ने बरवाला की आश्रम कॉलोनी के पास से तीन युवकों को 920 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। पकड़ी गई स्मैक की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 1 करोड़ रुपये है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त राजथल निवासी सुनील उर्फ सन्नी, कलानौर वासी सुरेंद्र और दिव्यांग हरी को रविवार कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीआईए वन इंचार्ज इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि टीम को गुप्त सूचना मिली की दो युवक कलानौर से स्मैक लेकर बरवाला आ रहे है। सूचना के आधार पर पीएसआई प्रशांत कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने बरवाला के जींद रोड पर पहुंची। वहां पर आश्रम कॉलोनी के पास सड़क किनारे एक ऑटो खड़ा था। ऑटो में दो युवक सहित तीन युवक बैठे हुए थे, जिनमें से एक दिव्यांग था। कुछ देर बाद एक युवक ऑटो से उतर कर बिना नंबर की बाइक कर तरफ जाने लगा। इसी दौरान टीम ने शक के आधार पर उसे पकड़ लिया। युवक की तलाशी ली गई तो उसके पास से 920 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पकड़े गए युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम सुनील उर्फ सन्नी और राजथल निवासी बताया। बाद में ऑटो सवार दोनों युवकों सुरेंद्र और हरी उर्फ हरीश को भी मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान सुनील ने बताया कि सुरेंद्र और हरी दोनों रोहतक के कलानौर से कुलदीप से स्मैक लेकर आए थे और यहां पहुंचानी थी और यहां से हिसार और जींद एरिया में सप्लाई करनी थी। तीनों आरोपियों को रविवार कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मजदूरी का करते हैं काम
पुलिस ने बताया कि सन्नी मजदूरी का काम करता है। साथ में वह छोटी छोटी पैकेट बनाकर नशा सप्लाई करता था। कलानौर का कुलदीप बड़ा सप्लायर है। उसने सुरेंद्र व विकलांग हरी को यह स्मैक देकर सन्नी को देने के लिए भेजी थी। विकलांग हरी का सहारा इसलिए लिया गया ताकि दिव्यांग समझकर उस पर कोई शक न करे।

16 सौ रुपये में लिया ऑटो किराए पर
पुलिस ने बताया कि कुलदीप ने 16 सौ रुपये में किराये का ऑटो किया था। इसके साथ हरी को भेजा गया था। उन्हें राजथल के सुनील उर्फ सन्नी का मोबाइल नंबर दे दिया गया जिन्हें आगे बरवाला पहुंचकर संपर्क करना था। मगर पुलिस ने उन्हें पहले ही दबोच लिया। ये ऑटो के जरिए नशीला पदार्थ कलानौर से हिसार व जींद जिला के अलग-अलग छोटे-छोटे सप्लायरों को पैकिंग कर बेचने काम करता है। नशा तस्करी करने वाले कलानौर सप्लायर से फोन पर संपर्क करते हैं। पुलिस ने 920 ग्राम स्मैक व मोटर साइकिल व ऑटो को कब्जा में ले लिया।


दोनों मामलों में दिव्यांग को किया गया यूज
नशा तस्करी में तस्कर दिव्यांगों को यूज कर रहे हैं। दिव्यांगों के पास रोजगार न होने के कारण ये सस्ते रेट में सामान इधर से उधर सप्लाई कर देते हैं। दूसरा दिव्यांग लोगों के साथ लोग भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं। इन पर जल्दी से लोग शक भी नहीं करते। तस्कर इन्हें ही बिजनेस हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

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