फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Bhagana kand

भगाणा कांड : मांग पूरी न होने तक नहीं उठाएंगे शव

Sun, 14 Feb 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार Updated Sun, 14 Feb 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
Bhagana kand

भगाणा गांव के पीड़ित तीसरे दिन यानी 72 घंटे बाद भी लघु सचिवालय के सामने

विज्ञापन
28 वर्षीय मृतक मनोज का शव रखकर धरने पर बैठे रहे।

तीसरे दिन प्रशासन ने शव के अंतिम संस्कार करने को लेकर व उन्हें धरने से उठाने के मामले पर कोई बातचीत नहीं की। हालांकि धरना स्थल पर निगरानी के लिए सिटी डीएसपी जयपाल की ड्यूटी लगाई गई थी। मौके पर पुलिस फोर्स भी तैनात की गई है। मृतक के पिता ने कहा है कि वे बेटे का तब तक किसी हालात में शव नहीं उठाएंगे जब तक उनके पुनर्वास की व्यवस्था और आर्थिक मदद नहीं मिलती।

जनसंगठनों से किया जा रहा है संपर्क
मृतक मनोज के पिता बलराज ने कहा है कि सरकार उनकी मांगें मानने को अभी तक तैयार नहीं। वे आंदोलन को और तेज करेंगे। भागाणा संघर्ष समिति के सदस्य दलित जनसंगठनों से बातचीत कर रहे हैं। कुछ संगठन सदस्य शनिवार को भी धरना स्थल पर पहुंचे हैं।

160 से ज्यादा परिवारों के पुनर्वास की मांग

धरना स्थल पर बैठे लोगों ने कहा है कि उनकी मांग 160 से अधिक परिवारों के पुनर्वास की है। ये वो परिवार हैं जो भगाणा गांव से वर्ष 2012 में पलायन कर धरने पर बैठे थे। मृतक के पिता बलराज ने कहा कि शुरू में 200 से ज्यादा परिवार थे मगर बीच में 50 परिवार वापस गांव लौट गए थे।

यह है मामला
बता दें कि बुधवार को दिल्ली में भगाणा निवासी मनोज की दिल्ली में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। भगाणा के धरनारत लोगों ने दावा किया है कि वह पिछले चार साल से धरने पर बैठा है। उन्होंने उसका शव हिसार लाकर लघु सचिवालय के सामने रख दिया। प्रशासन के समक्ष उन्होंने मांग रखी है कि वे तब तक शव नहीं उठाएंगे जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed