{"_id":"5c992394bdec2260e22ac928","slug":"91553539988-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनडीपीएस के मामले में तीन दोषी करार, सजा 2","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एनडीपीएस के मामले में तीन दोषी करार, सजा 2
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने एनडीपीएस के मामले में सिरसा जिले के भीमा गांव निवासी बलविंद्र सिंह, मानसा (पंजाब) के जताना गांव निवासी समिंद्र सिंह और भठिंडा (पंजाब) के नरुआना गांव निवासी गुरचंद को दोषी करार दिया है। अदालत उन्हें 28 मार्च को सजा सुनाएगी।
23 सितंबर 2016 को दर्ज मामले के अनुसार पुलिस की टीम एएसआई कृष्ण कुमार और एएसआई फूल कुमार के नेतृत्व में महाराणा प्रताप चौक पर गश्त कर थी। उन्हें सूचना मिली कि राजस्थान नंबर का एक ट्रक दिल्ली की तरफ से आ रहा है, जिसमें नशीला पदार्थ तस्करी करके ले जाया जा रहा है। उन्होंने इसकी सूचना तत्कालीन डीएसपी भगवानदास को दी और नाका लगाकर पुलिस सतर्क हो गई। कुछ देर बाद दिल्ली की ओर से ट्रक आता दिखाई दिया। उसे रुकवा लिया गया। उसमें बलविंद्र सिंह, समिंद्र सिंह और गुरचंद सवार थे। मौके पर डीएसपी को बुलाया गया। उसके बाद तीनों की तलाशी ली गई। पहले बलजिंद्र की तलाशी ली गई तो उसकी जेब से पॉलीथिन में 450 ग्राम अफीम बरामद हुई। उसके बाद समिंद्र की तलाशी लेने पर उससे भी 450 ग्राम अफीम बरामद हुई, जबकि ट्रक चालक गुरचंद के पास से कुछ नहीं मिला, लेकिन उसने स्वयं बताया कि उसकी सीट के पीछे चूरापोस्त है। पुलिस ने चेक किया तो चालक सीट के पीछे बोरी थी, जिसे चेक करने पर उसमें 34 किलो 700 ग्राम चूरापोस्त बरामद हुई। करीब ढाई साल चले इस मामले में अदालत ने सोमवार को तीनों को नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोप में दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुरक्षित रखा।
विज्ञापन
हिसार। एडीजे देशराज चालिया की अदालत ने एनडीपीएस के मामले में सिरसा जिले के भीमा गांव निवासी बलविंद्र सिंह, मानसा (पंजाब) के जताना गांव निवासी समिंद्र सिंह और भठिंडा (पंजाब) के नरुआना गांव निवासी गुरचंद को दोषी करार दिया है। अदालत उन्हें 28 मार्च को सजा सुनाएगी।
23 सितंबर 2016 को दर्ज मामले के अनुसार पुलिस की टीम एएसआई कृष्ण कुमार और एएसआई फूल कुमार के नेतृत्व में महाराणा प्रताप चौक पर गश्त कर थी। उन्हें सूचना मिली कि राजस्थान नंबर का एक ट्रक दिल्ली की तरफ से आ रहा है, जिसमें नशीला पदार्थ तस्करी करके ले जाया जा रहा है। उन्होंने इसकी सूचना तत्कालीन डीएसपी भगवानदास को दी और नाका लगाकर पुलिस सतर्क हो गई। कुछ देर बाद दिल्ली की ओर से ट्रक आता दिखाई दिया। उसे रुकवा लिया गया। उसमें बलविंद्र सिंह, समिंद्र सिंह और गुरचंद सवार थे। मौके पर डीएसपी को बुलाया गया। उसके बाद तीनों की तलाशी ली गई। पहले बलजिंद्र की तलाशी ली गई तो उसकी जेब से पॉलीथिन में 450 ग्राम अफीम बरामद हुई। उसके बाद समिंद्र की तलाशी लेने पर उससे भी 450 ग्राम अफीम बरामद हुई, जबकि ट्रक चालक गुरचंद के पास से कुछ नहीं मिला, लेकिन उसने स्वयं बताया कि उसकी सीट के पीछे चूरापोस्त है। पुलिस ने चेक किया तो चालक सीट के पीछे बोरी थी, जिसे चेक करने पर उसमें 34 किलो 700 ग्राम चूरापोस्त बरामद हुई। करीब ढाई साल चले इस मामले में अदालत ने सोमवार को तीनों को नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोप में दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुरक्षित रखा।
विज्ञापन