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फर्जीवाड़ा: 6 लोगों ने फर्जी कागजात दिखा की बैंक से 57 लाख की धोखाधड़ी, डिफाल्टर होने के बाद हुआ खुलासा
Sat, 12 Feb 2022 10:58 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, बास, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बास, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 12 Feb 2022 10:58 PM IST
सार
बांडाहेड़ी गांव में यूको बैंक के साथ डिफाल्टर होने पर बैंक ने जमीन कुर्की की कार्रवाई की तो जांच शुरू की तो राज खुला। मामले में छह लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
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धोखाधड़ी करने वाले 17 दुकानदारों पर नापतौल विभाग ने कार्रवाई की
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हरियाणा के हिसार जिले के बास क्षेत्र के गांव बांडाहेड़ी के यूको बैंक के साथ 57 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। यह फर्जीवाड़ा 6 लोगों ने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन लेकर किया है। फर्जीवाड़े में शामिल लोगों ने जमीन के कागजात देकर छह लोगों के नाम पर कुल 56 लाख 95 हजार रुपये का लोन ले लिया। लोन वापस न भरने पर जब बैंक ने जब उनकी जमीन की कुर्की शुरू की तो पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।
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बास थाना पुलिस ने इस मामले में यूको बैंक मैनेजर पवन कुमार की शिकायत पर आरोपी तालू निवासी अजमेर, धनाना निवासी बलबीर, राममेहर, सुरेश, तिलकराज और मुंढाल खुर्द निवासी सुरेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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क्या है पूरा फर्जीवाड़ा और कैसे दिया अंजाम
सरकार द्वारा जारी किसान क्रेडिट कार्ड योजना में किसान अपनी खेती वाली जमीन को बैंक के पास गिरवी रखकर उस पर खेती करने के लिए ब्याज पर बैंक से लोन ले सकता है। बैंक से केसीसी स्कीम की तहत उतनी ही जमीन पर लोन लिया जा सकता है जितनी जमीन किसान के हिस्से में आती है। अगर किसी ने उस जमीन पर केसीसी कार्ड बनवा लिया है तो उसे दूसरे बैंक से इस स्कीम से लोन नहीं मिल सकता।
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साजिश कर्ताओं ने बैंक में दी जाने वाली जमीनों के कागजात में कांट-छांट करके खुद को ज्यादा हिस्से का मालिक बता दिया और तय नियम से कई गुणा ज्यादा लोन खुद के नाम पर जारी करवा लिया। इसके अलावा इन जमीनों पर पहले भी दूसरे बैंकों से लोन लिया हुआ था।
जब लोन लेने वालों ने बैंक के पैसे वापस जमा नहीं करवाए तो बैंक की तरफ से जमीन की कुर्की शुरू हुई। तब इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ कि जिस जमीन पर उन लोगों द्वारा लोन लिया गया है उतनी जमीन उनके नाम पर नहीं है। कागजातों में गड़बड़ी कर ज्यादा जमीन उनके नाम दिखाकर फर्जी तरीके से लोन लिया गया है।
तहसील और बैंक पैनल के वकील भी हो सकते हैं फर्जीवाड़े में शामिल
पुलिस के अनुसार इस फर्जीवाड़े में सिर्फ लोन लेने वाले ही शामिल नहीं हैं। बैंक के अधिकारी, तहसील अधिकारी व बैंक पैनल के वकील भी इस फर्जीवाड़े में शामिल हो सकते हैं। लोन जारी करने से पहले बैंक के अधिकारी व पैनल के वकील सभी कागजात को पूरी तरह ही चेक करके ही प्रोसेस पूरा करते हैं, लेकिन इन केसों में ऐसा नहीं किया गया था।
किसने कब और कितना लिया लोन
फर्जीवाड़े में शामिल आरोपी तालू निवासी अजमेर ने 22 नवंबर 2014 को 16 लाख 83 हजार रुपये लोन लिया, धनाना निवासी बलबीर ने 22 नवंबर 2014 को 16 लाख 56 हजार रुपये लोन लिया, मुंढाल निवासी सुरेंद्र सिंह ने 22 नवंबर 2014 को 5 लाख 69 हजार रुपये लोन लिया, धनाना निवासी बलबीर ने 22 नवंबर 2014 को 16 लाख 56 हजार रुपये लोन लिया, धनाना निवासी राममेहर ने 22 अगस्त 2014 को 5 लाख रुपये लोन लिया, धनाना निवासी तिलकराज ने 22 अगस्त 2014 को 5 लाख रुपये लोन लिया और धनाना निवासी सुरेश ने 3 सितंबर 2014 को 7 लाख 87 हजार रुपये लोन यूको बैंक बांडाहेड़ी की शाखा से लिया है।