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एसआई संतोष का रिश्वत लेती का वीडियो वायरल होने के मामले में शिकायतकर्ता के बयान कोर्ट में दर्ज
Updated Thu, 31 May 2018 12:37 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सदर थाने में तैनात रही एसआई संतोष देवी का पिछले हफ्ते रिश्वत लेती हुई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। पुलिस प्रशासन ने उस पर संज्ञान लेकर प्राथमिक जांच में संतोष को दोषी मानकर लाइन हाजिर कर दिया था।
एएसपी राजेश कुमार की टीम ने बुधवार को आर्यनगर निवासी शिकायतकर्ता विनोद कुमार के 164 के बयान यहां कोर्ट में दर्ज कराए। संतोष वीडियो में विनोद से 1200 रुपये लेती दिख रही है। आरोप है कि वह 4000 रुपये पहले ले चुकी थी। विनोद ने कहा था कि उसके एक परिचित ने उससे उसकी दुकान की चाबी ले ली थी। फिर परिचित उसके पीछे से दुुकान में एक युवती ले आया था। युवती ने परिचित के खिलाफ रेप की शिकायत दी थी। आरोप है कि संतोष उस मामले में फंसाने के लिए विनोद पर दबाव बना रही थी। इस मामले में एसआई संतोष के खिलाफ डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा ने प्राथमिक जांच की थी, जिसमें संतोष को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के आधार पर संतोष को लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर संतोष पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। अभी एसआई संतोष को अभी तक निलंबित नहीं किया गया है।
हिसार।
सदर थाने में तैनात रही एसआई संतोष देवी का पिछले हफ्ते रिश्वत लेती हुई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। पुलिस प्रशासन ने उस पर संज्ञान लेकर प्राथमिक जांच में संतोष को दोषी मानकर लाइन हाजिर कर दिया था।
एएसपी राजेश कुमार की टीम ने बुधवार को आर्यनगर निवासी शिकायतकर्ता विनोद कुमार के 164 के बयान यहां कोर्ट में दर्ज कराए। संतोष वीडियो में विनोद से 1200 रुपये लेती दिख रही है। आरोप है कि वह 4000 रुपये पहले ले चुकी थी। विनोद ने कहा था कि उसके एक परिचित ने उससे उसकी दुकान की चाबी ले ली थी। फिर परिचित उसके पीछे से दुुकान में एक युवती ले आया था। युवती ने परिचित के खिलाफ रेप की शिकायत दी थी। आरोप है कि संतोष उस मामले में फंसाने के लिए विनोद पर दबाव बना रही थी। इस मामले में एसआई संतोष के खिलाफ डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा ने प्राथमिक जांच की थी, जिसमें संतोष को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के आधार पर संतोष को लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर संतोष पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। अभी एसआई संतोष को अभी तक निलंबित नहीं किया गया है।
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