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थर्मल प्लांट के एसई, एक्सईएन और एसडीओ का चार्जशीट के साथ तबादला
Updated Fri, 11 May 2018 12:57 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला (हिसार)।
गांव खेदड़ स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट में क्लिंकर गिरने से हुए हादसे में अब तक तीन मजदूरों की जान चली गई। हादसे में घायल यूपी के छोटे लाल ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले गांव खेदड़ के विक्रम और अमित की भी मौत हो चुकी है। वहीं मामले को लेकर वीरवार को प्रशासन और 21 सदस्यीय संघर्ष समिति के बीच चली बातचीत का दौर आखिरकार सिरे चढ़ गया। हादसे के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए मुख्यालय के डीएसपी, एक इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर को शामिल करते हुए एसआईटी गठित कर दी गई है। इसके अलावा प्लांट के अधीक्षक अभियंता इकबाल खान, कार्यकारी अभियंता मनोज यादव और एसडीओ विनीत शर्मा को चार्जशीट करते हुए तुरंत प्रभाव से उनका तबादला किया जाएगा।
पीड़ित परिवारों को दी जाएगी यह मदद
इसके अलावा हादसे के तीनों मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, तीनों घायलों को 10-10 लाख रुपये की सहायता, जिसमें जिला प्रशासन की तरफ से 2.50-2.50 लाख की राशि शामिल है। सभी छह परिवारों के एक-एक सदस्य को एचपीजीसीएल में नौकरी दी जाएगी। तीनों मृतकों के परिवार के एक-एक सदस्य को डीसी रेट पर भी अतिरिक्त नौकरी दी जाएगी। खुद प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने थर्मल के बाहर शवों को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों को कमेटी और प्रशासन के बीच बनी सहमति के बारे में बताया।
पांच बजे दो शवों का खेदड़ गांव में अंतिम संस्कार
इसके बाद ग्रामीणों ने शवों का अंतिम संस्कार किए जाने की हामी भर दी। करीब पांच बजे विक्रम और अमित के शवों का खेदड़ गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले बुधवार की तरह वीरवार को भी ग्रामीण आक्रोशित नजर आए और थर्मल के मुख्य द्वार के आगे धरने पर बैठे रहे। वहीं थर्मल परिसर वीरवार को प्लांट की तमाम यूनियनों से जुड़े कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, ऐसे में दोनों यूनिटों से बिजली उत्पादन नहीं हो पाया। उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार को कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। मामले को सुलझाने के लिए बुधवार से ही प्रयास किए जा रहे थे, बुधवार देर रात तक भी ग्रामीणों द्वारा बनाई गई संघर्ष समिति के साथ जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की बातचीत सिरे नहीं चढ़ पाई थी। इसके बाद वीरवार सुबह करीब 11 बजे के बाद एक बार फिर से थर्मल के गेस्ट हाउस में बातचीत का दौर शुरू हुआ। इसमें प्रशासन की तरफ से जिला उपायुक्त अशोक मीणा, पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी, एसडीएम बरवाला पृथ्वी सिंह, तहसीलदार राजेश कुमार और अन्य अधिकारी शामिल हुए। समिति के सदस्य थर्मल के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप में कार्रवाई किए जाने की मांग पर अड़े थे। निर्णय की घोषणा के वक्त विधायक अनूप धानक, श्रम विभाग के चेयरमैन रमेश बल्हारा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया, पूर्व मंत्री छतरपाल सिंह, जोगीराम सिहाग, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, मार्केट कमेटी चेयरमैन रणधीर धीरू, संघर्ष समिति के प्रधान जोगीराम खेदड़, नरेश नैन, गांव के पूर्व सरपंच राजू सोनी, ब्रह्मप्रकाश, कलीराम खेदड़, मा. गुलाब सिंह, धीरा जाट, बृजलाल बहबलपुरिया, तेजवीर पूनिया, माटी कला बोर्ड के चेयरमैन भूपेंद्र गंगवा, भाजपा नेत्री सामी गैबीपुर, आशा खेदड़, इनेलो नेत्री शीला भ्याण, संदीप सहारण, अनिल आर्य, पवन खेदड़, राजवीर खेदड़, पूर्व सरपंच शमशेर सिंह शेरू भी मौजूद थे।
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एचपीजीसीएल ने भी तीन सदस्यीय कमेटी का किया गठन
हादसे की जांच के लिए हरियाणा पावर जनरेशन कारपोरेशन ने भी तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें एचपीजीसीएल पंचकूला के चीफ इंजीनियर शरद भटनागर, पानीपत प्लांट के एसई मनोज अग्रवाल और यमुनानगर प्लांट के एक्सईएन जेपी धीमान शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि थर्मल में पहले भी 25 से 30 के करीब मौतें हो चुकी हैं, अगर सभी की निष्पक्षता से जांच की जाए तो थर्मल में कई बड़े अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका सामने आ सकती है। बहरहाल, संघर्ष करने वालों में शामिल 21 सदस्य कमेटी सदस्य जोगीराम खेदड़, कलीराम खेदड़ ने सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच करने के लिए कमेटी बनाए जाने की भी मांग की है।
दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा : पंवार
हादसा बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और हमारी पूरी सहानुभूति पीड़ित परिवारों के साथ है। जो घायल पुलिस में अपने बयान दर्ज करवाना चाहेगा, उसके 161-164 के तहत बयान दर्ज कराए जाएंगे। हादसे के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, फिर चाहे वह किसी भी स्तर का अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति ही क्यों न हो।
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बरवाला (हिसार)।
गांव खेदड़ स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट में क्लिंकर गिरने से हुए हादसे में अब तक तीन मजदूरों की जान चली गई। हादसे में घायल यूपी के छोटे लाल ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले गांव खेदड़ के विक्रम और अमित की भी मौत हो चुकी है। वहीं मामले को लेकर वीरवार को प्रशासन और 21 सदस्यीय संघर्ष समिति के बीच चली बातचीत का दौर आखिरकार सिरे चढ़ गया। हादसे के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए मुख्यालय के डीएसपी, एक इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर को शामिल करते हुए एसआईटी गठित कर दी गई है। इसके अलावा प्लांट के अधीक्षक अभियंता इकबाल खान, कार्यकारी अभियंता मनोज यादव और एसडीओ विनीत शर्मा को चार्जशीट करते हुए तुरंत प्रभाव से उनका तबादला किया जाएगा।
पीड़ित परिवारों को दी जाएगी यह मदद
इसके अलावा हादसे के तीनों मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, तीनों घायलों को 10-10 लाख रुपये की सहायता, जिसमें जिला प्रशासन की तरफ से 2.50-2.50 लाख की राशि शामिल है। सभी छह परिवारों के एक-एक सदस्य को एचपीजीसीएल में नौकरी दी जाएगी। तीनों मृतकों के परिवार के एक-एक सदस्य को डीसी रेट पर भी अतिरिक्त नौकरी दी जाएगी। खुद प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने थर्मल के बाहर शवों को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों को कमेटी और प्रशासन के बीच बनी सहमति के बारे में बताया।
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पांच बजे दो शवों का खेदड़ गांव में अंतिम संस्कार
इसके बाद ग्रामीणों ने शवों का अंतिम संस्कार किए जाने की हामी भर दी। करीब पांच बजे विक्रम और अमित के शवों का खेदड़ गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले बुधवार की तरह वीरवार को भी ग्रामीण आक्रोशित नजर आए और थर्मल के मुख्य द्वार के आगे धरने पर बैठे रहे। वहीं थर्मल परिसर वीरवार को प्लांट की तमाम यूनियनों से जुड़े कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, ऐसे में दोनों यूनिटों से बिजली उत्पादन नहीं हो पाया। उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार को कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। मामले को सुलझाने के लिए बुधवार से ही प्रयास किए जा रहे थे, बुधवार देर रात तक भी ग्रामीणों द्वारा बनाई गई संघर्ष समिति के साथ जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की बातचीत सिरे नहीं चढ़ पाई थी। इसके बाद वीरवार सुबह करीब 11 बजे के बाद एक बार फिर से थर्मल के गेस्ट हाउस में बातचीत का दौर शुरू हुआ। इसमें प्रशासन की तरफ से जिला उपायुक्त अशोक मीणा, पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी, एसडीएम बरवाला पृथ्वी सिंह, तहसीलदार राजेश कुमार और अन्य अधिकारी शामिल हुए। समिति के सदस्य थर्मल के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप में कार्रवाई किए जाने की मांग पर अड़े थे। निर्णय की घोषणा के वक्त विधायक अनूप धानक, श्रम विभाग के चेयरमैन रमेश बल्हारा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया, पूर्व मंत्री छतरपाल सिंह, जोगीराम सिहाग, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, मार्केट कमेटी चेयरमैन रणधीर धीरू, संघर्ष समिति के प्रधान जोगीराम खेदड़, नरेश नैन, गांव के पूर्व सरपंच राजू सोनी, ब्रह्मप्रकाश, कलीराम खेदड़, मा. गुलाब सिंह, धीरा जाट, बृजलाल बहबलपुरिया, तेजवीर पूनिया, माटी कला बोर्ड के चेयरमैन भूपेंद्र गंगवा, भाजपा नेत्री सामी गैबीपुर, आशा खेदड़, इनेलो नेत्री शीला भ्याण, संदीप सहारण, अनिल आर्य, पवन खेदड़, राजवीर खेदड़, पूर्व सरपंच शमशेर सिंह शेरू भी मौजूद थे।
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एचपीजीसीएल ने भी तीन सदस्यीय कमेटी का किया गठन
हादसे की जांच के लिए हरियाणा पावर जनरेशन कारपोरेशन ने भी तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें एचपीजीसीएल पंचकूला के चीफ इंजीनियर शरद भटनागर, पानीपत प्लांट के एसई मनोज अग्रवाल और यमुनानगर प्लांट के एक्सईएन जेपी धीमान शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि थर्मल में पहले भी 25 से 30 के करीब मौतें हो चुकी हैं, अगर सभी की निष्पक्षता से जांच की जाए तो थर्मल में कई बड़े अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका सामने आ सकती है। बहरहाल, संघर्ष करने वालों में शामिल 21 सदस्य कमेटी सदस्य जोगीराम खेदड़, कलीराम खेदड़ ने सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच करने के लिए कमेटी बनाए जाने की भी मांग की है।
दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा : पंवार
हादसा बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और हमारी पूरी सहानुभूति पीड़ित परिवारों के साथ है। जो घायल पुलिस में अपने बयान दर्ज करवाना चाहेगा, उसके 161-164 के तहत बयान दर्ज कराए जाएंगे। हादसे के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, फिर चाहे वह किसी भी स्तर का अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति ही क्यों न हो।