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समिति सदस्य काले झंडे लेकर टोल प्लाजा पर रूके रहे, वितमंत्री टोल प्लाजा पर आए ही नहीं
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु को काले झंडे दिखाकर विरोध करने जा रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों को पुलिस को रोक लिया। समिति के सदस्यों ने रामायण टोल प्लाजा पर काले झंडों के साथ विरोध करते हुए नारेबाजी की। समिति के सदस्य यहां कई घंटे तक जुटे रहे। विरोध की संभावनाओं को लेकर हांसी पुलिस ने टोल प्लाजा पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रखा। वहीं खौफ के कारण वित्तमंत्री को सिसाय का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति की ओर से वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु को गांव उमरा के बाहर काले झंडे दिखकर विरोध प्रदर्शन का प्लान बनाया गया था। हांसी के समीप टोल प्लाजा व जींद चुंगी के समीप उमरा जा रहे जाट आरक्षण समिति के नेताओं सहित काफी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। इन लोगों को कई घंटे पुलिस स्टेशन में बैठाकर रखा गया। हांसी टोल प्लाजा के समीप पुलिस ने उमरा गांव की ओर कूच कर रहे संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह पूनिया, रामभगत मलिक, जिला अध्यक्ष हिम्मत सिंह, चंदा, वजीर ढांडा सहित अनेक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
तलाशी के बाद मोबाइल भी छीन लिए
वित्त मंत्री के विरोध को लेकर हांसी पुलिस पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। शहर के चारों कोनों पर पुलिस ने नाके लगाकर वाहनों की तलाशी ली। सुबह टोल प्लाजा के नजदीक ही संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने संघर्ष समिति के नेताओं के फोन भी छीन लिए। वहीं जींद से उमरा गांव में विरोध प्रदर्शन के लिए जा रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हांसी के समीप जींद चुंगी पर हिरासत में लिया और उन्हें सदर थाने में पुलिस ले आई। कार्यकर्ताओं ने हाथों मे काले झंडे लेकर वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे डीएसपी नरेंद्र कादियान ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने दिया जाएगा।
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सरकार पर टकराव का आरोप
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र जागलान, बिजेंद्र सिंधु कुलवीर चहल, सतबीर श्योकंद, बलवंत मोर, कर्ण सिंह वाल्मीकि सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं। वहीं गिरफ्तार संघर्ष समिति के नेता रामभगत मलिक ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार जानबूझकर टकराव की स्थिति पैदा कर रही है। लोकतंत्र में सभी को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने का अधिकार है।
उमरा गांव जाने वाले सभी मार्गों पर भारी पुलिस बल व पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात किया गया था। वित्तमंत्री के कार्यक्रम में सादी वर्दी में पुलिस कर्मी नियुक्त किए गए थे। इसके अलावा महिला पुलिस को सादी ड्रेस में तैनात की गई थी। खुफिया विभाग के लोग भी दिन भर सक्रिय रहे।
वित्तमंत्री को रास्ते बदलने पड़े
संघर्ष समिति के युवा कार्यकर्ता हाथों में काले झंडे लेकर सड़कों पर भी उतरे नजर आए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश महासचिव रामभगत मलिक ने कहा कि वित्तमंत्री को गांव में पहुंचने के लिए रास्ते बदलने पड़े। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर कार्यक्रम आयोजन करना पड़ा। हमने काले झंडों के साथ प्रदर्शन कर अपना उद्देश्य पूरा कर लिया। हर जगह चौक-चौराहों पर पुलिस बल लगाया गया। खौफ के कारण वित्तमंत्री को सिसाय का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
हिसार। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु को काले झंडे दिखाकर विरोध करने जा रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों को पुलिस को रोक लिया। समिति के सदस्यों ने रामायण टोल प्लाजा पर काले झंडों के साथ विरोध करते हुए नारेबाजी की। समिति के सदस्य यहां कई घंटे तक जुटे रहे। विरोध की संभावनाओं को लेकर हांसी पुलिस ने टोल प्लाजा पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रखा। वहीं खौफ के कारण वित्तमंत्री को सिसाय का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति की ओर से वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु को गांव उमरा के बाहर काले झंडे दिखकर विरोध प्रदर्शन का प्लान बनाया गया था। हांसी के समीप टोल प्लाजा व जींद चुंगी के समीप उमरा जा रहे जाट आरक्षण समिति के नेताओं सहित काफी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। इन लोगों को कई घंटे पुलिस स्टेशन में बैठाकर रखा गया। हांसी टोल प्लाजा के समीप पुलिस ने उमरा गांव की ओर कूच कर रहे संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह पूनिया, रामभगत मलिक, जिला अध्यक्ष हिम्मत सिंह, चंदा, वजीर ढांडा सहित अनेक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
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तलाशी के बाद मोबाइल भी छीन लिए
वित्त मंत्री के विरोध को लेकर हांसी पुलिस पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। शहर के चारों कोनों पर पुलिस ने नाके लगाकर वाहनों की तलाशी ली। सुबह टोल प्लाजा के नजदीक ही संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने संघर्ष समिति के नेताओं के फोन भी छीन लिए। वहीं जींद से उमरा गांव में विरोध प्रदर्शन के लिए जा रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हांसी के समीप जींद चुंगी पर हिरासत में लिया और उन्हें सदर थाने में पुलिस ले आई। कार्यकर्ताओं ने हाथों मे काले झंडे लेकर वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे डीएसपी नरेंद्र कादियान ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने दिया जाएगा।
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सरकार पर टकराव का आरोप
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र जागलान, बिजेंद्र सिंधु कुलवीर चहल, सतबीर श्योकंद, बलवंत मोर, कर्ण सिंह वाल्मीकि सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं। वहीं गिरफ्तार संघर्ष समिति के नेता रामभगत मलिक ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार जानबूझकर टकराव की स्थिति पैदा कर रही है। लोकतंत्र में सभी को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने का अधिकार है।
उमरा गांव जाने वाले सभी मार्गों पर भारी पुलिस बल व पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात किया गया था। वित्तमंत्री के कार्यक्रम में सादी वर्दी में पुलिस कर्मी नियुक्त किए गए थे। इसके अलावा महिला पुलिस को सादी ड्रेस में तैनात की गई थी। खुफिया विभाग के लोग भी दिन भर सक्रिय रहे।
वित्तमंत्री को रास्ते बदलने पड़े
संघर्ष समिति के युवा कार्यकर्ता हाथों में काले झंडे लेकर सड़कों पर भी उतरे नजर आए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश महासचिव रामभगत मलिक ने कहा कि वित्तमंत्री को गांव में पहुंचने के लिए रास्ते बदलने पड़े। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर कार्यक्रम आयोजन करना पड़ा। हमने काले झंडों के साथ प्रदर्शन कर अपना उद्देश्य पूरा कर लिया। हर जगह चौक-चौराहों पर पुलिस बल लगाया गया। खौफ के कारण वित्तमंत्री को सिसाय का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।