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देशद्रोह के मामले में रामपाल की पेशी के चलते समर्थकों ने शहर को घेरा
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देशद्रोह मामले में रामपाल की पेशी, शहर में जुटी समर्थकों की भीड़
हिसार। देशद्रोह के मामले में सोमवार को रामपाल की पेशी के चलते उनके समर्थकों की हिसार शहर में काफी संख्या में भीड़ जुट गई। उसके समर्थक सेंट्रल जेल-1 के बाहर, टाउन पार्क और क्रांतिमान पार्क में डटे रहे। डाबड़ा पुल के नजदीक राजगढ़ रेलवे लाइन पर भी सैकड़ों की संख्या में समर्थक रेलवे पटरियों पर घंटों बैठे रहे। दूसरी ओर देशद्रोह के मामले में दर्ज एफआईआर नंबर-428 मामले में सोमवार को रामपाल और अन्य की सेंट्रल जेल-1 में लगी अदालत में पेशी थी। वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस मामले में 18 मार्च को सुनवाई होगी।
सोमवार को रामपाल की पेशी के चलते सुबह से ही उसके समर्थक शहर में जमा होना शुरू हो गए। सेंट्रल जेल नंबर-1 के सामने मैदान में, टाउन पार्क में, क्रांतिमान पार्क में और डाबड़ा चौक के समीप राजगढ़ रेलवे लाइन पर हजारों की संख्या में समर्थक जमा हो गए। ये समर्थक खुले ही में जेल की तरफ मुंह करके माथा टेकते नजर आए। रेल पटड़ियों पर भी सैकड़ों समर्थक घंटों बैठे रहे। इन समर्थकों को हटाने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन समर्थक अपनी मर्जी से दोपहर दो बजे बाद ही शहर से रवाना होना शुरू हुए। इसके बाद बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई।
जेल में लगी अदालत
सतलोक आश्रम प्रकरण के दौरान बरवाला थाने में दर्ज देशद्रोह के मामले में (एफआईआर नंबर-428) सोमवार को सेंट्रल जेल नंबर एक में अदालत लगी। इस मामले में लगभग 900 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सोमवार को वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते कोई सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत ने इस मामले में अब अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च का दिन निर्धारित किया है। सोमवार को करीब नौ गवाहों ने अपनी गवाहियां दर्ज करवानी थी, जिसके चलते जेल के मुख्य गेट पर भी समर्थकों की भीड़ जमा थी।
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19 अक्तूबर को हुए अमृतसर हादसे से समर्थकों ने नहीं लिया सबक
शहर में जमा रामपाल समर्थक डाबड़ा चौक के समीप राजगढ़ रेलवे लाइन पर सैकड़ों की संख्या में बैठे रहे। इस दौरान समर्थक अप और डाउन की दोनों रेलवे लाइनों पर बैठे दिखाई दिए। अमृतसर में पिछले 19 अक्तूबर को हुए हादसे का यहां कोई प्रभाव दिखाई नहीं दिया। वहां लोग रेलवे लाइन पर बैठकर रावण दहन कार्यक्रम देख रहे थे। ट्रेन वहां लोगों को रौंदते हुए गुजर गई थी, जिस कारण 59 लोगों की मौत हो गई। कुछ उसी प्रकार का नजारा यहां भी देखने को मिला, लेकिन रामपाल समर्थक रेलवे पटरियों पर यूं ही बैठे रहे और दो बजे बाद ही वहां से उठना शुरू हुए।
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हिसार। देशद्रोह के मामले में सोमवार को रामपाल की पेशी के चलते उनके समर्थकों की हिसार शहर में काफी संख्या में भीड़ जुट गई। उसके समर्थक सेंट्रल जेल-1 के बाहर, टाउन पार्क और क्रांतिमान पार्क में डटे रहे। डाबड़ा पुल के नजदीक राजगढ़ रेलवे लाइन पर भी सैकड़ों की संख्या में समर्थक रेलवे पटरियों पर घंटों बैठे रहे। दूसरी ओर देशद्रोह के मामले में दर्ज एफआईआर नंबर-428 मामले में सोमवार को रामपाल और अन्य की सेंट्रल जेल-1 में लगी अदालत में पेशी थी। वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस मामले में 18 मार्च को सुनवाई होगी।
सोमवार को रामपाल की पेशी के चलते सुबह से ही उसके समर्थक शहर में जमा होना शुरू हो गए। सेंट्रल जेल नंबर-1 के सामने मैदान में, टाउन पार्क में, क्रांतिमान पार्क में और डाबड़ा चौक के समीप राजगढ़ रेलवे लाइन पर हजारों की संख्या में समर्थक जमा हो गए। ये समर्थक खुले ही में जेल की तरफ मुंह करके माथा टेकते नजर आए। रेल पटड़ियों पर भी सैकड़ों समर्थक घंटों बैठे रहे। इन समर्थकों को हटाने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन समर्थक अपनी मर्जी से दोपहर दो बजे बाद ही शहर से रवाना होना शुरू हुए। इसके बाद बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई।
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जेल में लगी अदालत
सतलोक आश्रम प्रकरण के दौरान बरवाला थाने में दर्ज देशद्रोह के मामले में (एफआईआर नंबर-428) सोमवार को सेंट्रल जेल नंबर एक में अदालत लगी। इस मामले में लगभग 900 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सोमवार को वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते कोई सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत ने इस मामले में अब अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च का दिन निर्धारित किया है। सोमवार को करीब नौ गवाहों ने अपनी गवाहियां दर्ज करवानी थी, जिसके चलते जेल के मुख्य गेट पर भी समर्थकों की भीड़ जमा थी।
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19 अक्तूबर को हुए अमृतसर हादसे से समर्थकों ने नहीं लिया सबक
शहर में जमा रामपाल समर्थक डाबड़ा चौक के समीप राजगढ़ रेलवे लाइन पर सैकड़ों की संख्या में बैठे रहे। इस दौरान समर्थक अप और डाउन की दोनों रेलवे लाइनों पर बैठे दिखाई दिए। अमृतसर में पिछले 19 अक्तूबर को हुए हादसे का यहां कोई प्रभाव दिखाई नहीं दिया। वहां लोग रेलवे लाइन पर बैठकर रावण दहन कार्यक्रम देख रहे थे। ट्रेन वहां लोगों को रौंदते हुए गुजर गई थी, जिस कारण 59 लोगों की मौत हो गई। कुछ उसी प्रकार का नजारा यहां भी देखने को मिला, लेकिन रामपाल समर्थक रेलवे पटरियों पर यूं ही बैठे रहे और दो बजे बाद ही वहां से उठना शुरू हुए।