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शराब के कारोबार को लेकर हो चुकी है कई अपराधिक वारदातें
Updated Tue, 29 May 2018 01:24 AM IST
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प्रेम सारस्वत
सिवानी मंडी।
सिवानी क्षेत्र में अवैध शराब के साथ अब नकली शराब का कारोबार भी फलने-फूलने लगा है। इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क भी इतना मजबूत है कि पुलिस को उनकी भनक तक नहीं लगती। इस पूरे खेल में मुनाफा भले ही इस कारोबार में शामिल लोगों का हो रहा हो लेकिन नुकसान इस धंधे से बेखबर और शराब के शौकीन लोगों का हो रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस पूरे खेल में और भी कई बड़े हाथ है जिन पर पुलिस का शिकंजा कभी भी कस सकता है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जिन 2 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है वो केवल इस जखीरे के चौकीदार थे।
गौरतलब है कि सिवानी क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार पिछले काफी समय से चलता आ रहा है। शराब के इस धंधे को लेकर इलाके में कई अपहरण, जानलेवा हमले और मर्डर तक की कई वारदातें भी हो चुकी है। पिछले दिनों 7 मई को तहसील परिसर में पेशी पर आए कैदियों के साथ हुई गैंगवार शराब के धंधे पर अपना वर्चस्व स्थापित करने को लेकर ही हुई थी। पुलिस ने भी माना था कि शराब के धंधे को लेकर दो दोस्त एक दूसरे के जानी दुश्मन बन गए थे जिसमें हुई गोलीबारी में हवलदार भागीरथ को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।
नकली शराब का कारोबार बढ़ा
सिवानी क्षेत्र में अवैध शराब का गोरखधंधा पिछले काफी समय से बदस्तूर ढंग से जारी है लेकिन अब नकली शराब का धंधा अपनी जड़े जमाने लगा है। इस धंधे के कारोबारियों का नेटवर्क कितना मजबूत है इसका अंदाजा रविवार की रात पुलिस की तरफ से की गई छोपमारी में मिला शराब का जखीरा है। नकली शराब की ये राजस्थान बॉर्डर पर लगते गांवों तक पहुंच गई और पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस को इसके इनपुट भी मिल गए थे लेकिन शराब का यह जखीरा पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। हालांकि बाद में पुलिस को बड़ी कामयाबी तो हाथ लग गई लेकिन वे बड़े कारोबारी पुलिस की पकड़ से अभी तक बाहर है जिनके बलबूते पर इस कारोबार की जड़ों को मजबूत किया जा रहा था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस गोरखधंधे में कई नामी गिरामी लोग है जिन पर कभी भी पुलिस का शिकंजा कस सकता है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के हाथ उनके नामों की सूची भी लग गई है जिसे उनकी गिरफ्तारी से पूर्व पुलिस बताने से बच रही है।
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पुलिस की सक्रियता से सतर्क हुए कारोबारी
रविवार देर रात पुख्ता सबूतों के साथ हुई छापेमारी और पुलिस की अचानक बढ़ी सक्रियता के बाद शराब के इस काले धंधे में शामिल पूरा नेटवर्क अलर्ट हो गया है। बताया जा रहा है कि इलाके के कई स्थानों पर इस तरह से शराब का स्टॉक किया हुआ है। यह भी पुलिस के हाथ ना लग जाए इसलिए उसे भी हटाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मामला ठंडा नहीं पड़ जाने तक शहर में अब इस तरह की शराब की सप्लाई भी रोक दी गई ताकि मुख्य लोगों के नाम सामने ना आ सके।
जांच जारी है, जल्द करेंगे खुलासा-डीएसपी
इस बारे में सिवानी के डीएसपी संजय बिश्नोई ने बताया कि पुलिस की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार किए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। इस कारोबार के तार कहां से और कहां तक जुड़े हुए इसकी पूरी जांच की जाएगी। जो भी इसमें शामिल होगा उसे किसी भी सूरत में बख्सा नहीं जाएगा। डीएसपी ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
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सिवानी मंडी।
सिवानी क्षेत्र में अवैध शराब के साथ अब नकली शराब का कारोबार भी फलने-फूलने लगा है। इस कारोबार से जुड़े लोगों का नेटवर्क भी इतना मजबूत है कि पुलिस को उनकी भनक तक नहीं लगती। इस पूरे खेल में मुनाफा भले ही इस कारोबार में शामिल लोगों का हो रहा हो लेकिन नुकसान इस धंधे से बेखबर और शराब के शौकीन लोगों का हो रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस पूरे खेल में और भी कई बड़े हाथ है जिन पर पुलिस का शिकंजा कभी भी कस सकता है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जिन 2 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है वो केवल इस जखीरे के चौकीदार थे।
गौरतलब है कि सिवानी क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार पिछले काफी समय से चलता आ रहा है। शराब के इस धंधे को लेकर इलाके में कई अपहरण, जानलेवा हमले और मर्डर तक की कई वारदातें भी हो चुकी है। पिछले दिनों 7 मई को तहसील परिसर में पेशी पर आए कैदियों के साथ हुई गैंगवार शराब के धंधे पर अपना वर्चस्व स्थापित करने को लेकर ही हुई थी। पुलिस ने भी माना था कि शराब के धंधे को लेकर दो दोस्त एक दूसरे के जानी दुश्मन बन गए थे जिसमें हुई गोलीबारी में हवलदार भागीरथ को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।
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नकली शराब का कारोबार बढ़ा
सिवानी क्षेत्र में अवैध शराब का गोरखधंधा पिछले काफी समय से बदस्तूर ढंग से जारी है लेकिन अब नकली शराब का धंधा अपनी जड़े जमाने लगा है। इस धंधे के कारोबारियों का नेटवर्क कितना मजबूत है इसका अंदाजा रविवार की रात पुलिस की तरफ से की गई छोपमारी में मिला शराब का जखीरा है। नकली शराब की ये राजस्थान बॉर्डर पर लगते गांवों तक पहुंच गई और पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस को इसके इनपुट भी मिल गए थे लेकिन शराब का यह जखीरा पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। हालांकि बाद में पुलिस को बड़ी कामयाबी तो हाथ लग गई लेकिन वे बड़े कारोबारी पुलिस की पकड़ से अभी तक बाहर है जिनके बलबूते पर इस कारोबार की जड़ों को मजबूत किया जा रहा था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस गोरखधंधे में कई नामी गिरामी लोग है जिन पर कभी भी पुलिस का शिकंजा कस सकता है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के हाथ उनके नामों की सूची भी लग गई है जिसे उनकी गिरफ्तारी से पूर्व पुलिस बताने से बच रही है।
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पुलिस की सक्रियता से सतर्क हुए कारोबारी
रविवार देर रात पुख्ता सबूतों के साथ हुई छापेमारी और पुलिस की अचानक बढ़ी सक्रियता के बाद शराब के इस काले धंधे में शामिल पूरा नेटवर्क अलर्ट हो गया है। बताया जा रहा है कि इलाके के कई स्थानों पर इस तरह से शराब का स्टॉक किया हुआ है। यह भी पुलिस के हाथ ना लग जाए इसलिए उसे भी हटाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मामला ठंडा नहीं पड़ जाने तक शहर में अब इस तरह की शराब की सप्लाई भी रोक दी गई ताकि मुख्य लोगों के नाम सामने ना आ सके।
जांच जारी है, जल्द करेंगे खुलासा-डीएसपी
इस बारे में सिवानी के डीएसपी संजय बिश्नोई ने बताया कि पुलिस की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार किए गए युवक से पूछताछ की जा रही है। इस कारोबार के तार कहां से और कहां तक जुड़े हुए इसकी पूरी जांच की जाएगी। जो भी इसमें शामिल होगा उसे किसी भी सूरत में बख्सा नहीं जाएगा। डीएसपी ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।