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एसएचओ के ससुर बोले - सरोज बाला बीमार, उसे इलाज के लिए कहीं ले गए
Updated Tue, 01 May 2018 01:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
70 हजार की रिश्वत मामले में फंसी इंस्पेक्टर सरोज बाला की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस पुलिस ने सोमवार को पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में छापा मारा। वहां मिले उनके ससुर ने टीम को बताया कि सरोज बाला बीमार है और परिजन उसे इलाज के लिए कहीं लेकर गए हैं।
डीएसपी शरीफ सिंह ने सोमवार को टीम समेत पुलिस लाइन स्थित तत्कालीन एसएचओ सरोज बाला के सरकारी आवास पर छापा मारा। वहां मिले बुजुर्ग ने खुद को सरोज बाला का ससुर बताते हुए कहा कि वह बीमार है। उसे इलाज के लिए कहीं ले जाया गया है। उसके बाद टीम सिरसा रोड पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पहुंची। एक महिला की तलाश में एक घर में दबिश दी। वहां ताला लटका मिला तो टीम लौट आई। विजिलेंस की टीम को रेप का आरोप लगाने वाली युवती का अभी पूरा पता नहीं मिला है। टीम ने मोबाइल नंबर अलॉट होने के आधार पर उसकी आईडी कब्जे में लेने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा महिला थाने के सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में ली जा रही है।
हनी ट्रैप में फंसाने वाली एक महिला का नाम आया सामने
विजिलेंस को हनी ट्रैप में फंसाकर रुपये ऐंठने वाली एक महिला का पता चला है। जांच में पता चला है कि सिरसा रोड की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की एक महिला गैंग चलाती है। वह अनाज मंडी के एक आढ़ती के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाकर 1.80 लाख हड़प चुकी है। विजिलेंस के पास ऐसी सूचना भी आई है कि एक महिला सिरसा की युवती द्वारा सारा मामला तैयार होने पर ही वह एंट्री करती है। मामला पुलिस तक पहुंच चुका होता है। महिला खुद को युवती की मौसी बताकर नामजद पर रेप का केस दर्ज कराने का दबाव बनाती है और समझौते की एवज में रुपये मांगती है। इतना ही नहीं युवती हर केस में अपना अलग नाम बताती है। युवती और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की महिला की गिरफ्तारी से मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।
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शिकायतकर्ता बोला, बयान बदलवाने के लिए आ चुकीं 70 कॉल
डाबड़ा चौक के पास के एक होटल के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि विजिलेंस की ओर से ड्राइवर के रिश्वत लेते पकड़े जाने से अब तक उसके पास लगभग 70 कॉल आ चुुकी हैं। मैनेजर ने कहा कि अब तक अलग-अलग लोग फोन पर संपर्क कर चुके हैं। कुछ लोग उस पर दबाव बना रहे हैं। पांच-छह लोग विजिलेंस थाने में आकर उससे एसएचओ के खिलाफ बयान न देने की बात कह चुके हैं।
दोस्तों से उधार लेकर किया 70 हजार का जुगाड़
मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि महिला थाने में आखिरकार डेढ़ लाख रुपये में मामला रफा-दफा करने की बात तय हुई थी। वह थाने से लौट आया था। उसने अलग-अलग दोस्तों से 70 हजार रुपये इकट्ठे किए थे। वह डरा हुआ था। पहले एसएचओ कह चुकी थीं या तो मामला निपटा या कोर्ट से दुष्कर्म की सजा भुगतने को तैयार हो जा।
यह है मामला
डाबड़ा चौक के पास के एक होटल के मैनेजर राजेश कुमार ने विजिलेंस को शिकायत दी कि एक युवती ने उस पर रेप का आरोप लगाया है। महिला थाना पुलिस मामला रफा-दफा करने के लिए रिश्वत मांग रही है। डीएसपी शरीफ सिंह की टीम ने महिला थाने के पास एसएचओ के ड्राइवर सुरेंद्र को राजेेश से 70 हजार रुपये लेते पकड़ा था। विजिलेंस ने सुरेंद्र के बाद उसके गांव मोरका निवासी होटल संचालक योगेश को पकड़ा था। उस पर बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।
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हिसार।
70 हजार की रिश्वत मामले में फंसी इंस्पेक्टर सरोज बाला की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस पुलिस ने सोमवार को पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में छापा मारा। वहां मिले उनके ससुर ने टीम को बताया कि सरोज बाला बीमार है और परिजन उसे इलाज के लिए कहीं लेकर गए हैं।
डीएसपी शरीफ सिंह ने सोमवार को टीम समेत पुलिस लाइन स्थित तत्कालीन एसएचओ सरोज बाला के सरकारी आवास पर छापा मारा। वहां मिले बुजुर्ग ने खुद को सरोज बाला का ससुर बताते हुए कहा कि वह बीमार है। उसे इलाज के लिए कहीं ले जाया गया है। उसके बाद टीम सिरसा रोड पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पहुंची। एक महिला की तलाश में एक घर में दबिश दी। वहां ताला लटका मिला तो टीम लौट आई। विजिलेंस की टीम को रेप का आरोप लगाने वाली युवती का अभी पूरा पता नहीं मिला है। टीम ने मोबाइल नंबर अलॉट होने के आधार पर उसकी आईडी कब्जे में लेने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा महिला थाने के सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में ली जा रही है।
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हनी ट्रैप में फंसाने वाली एक महिला का नाम आया सामने
विजिलेंस को हनी ट्रैप में फंसाकर रुपये ऐंठने वाली एक महिला का पता चला है। जांच में पता चला है कि सिरसा रोड की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की एक महिला गैंग चलाती है। वह अनाज मंडी के एक आढ़ती के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाकर 1.80 लाख हड़प चुकी है। विजिलेंस के पास ऐसी सूचना भी आई है कि एक महिला सिरसा की युवती द्वारा सारा मामला तैयार होने पर ही वह एंट्री करती है। मामला पुलिस तक पहुंच चुका होता है। महिला खुद को युवती की मौसी बताकर नामजद पर रेप का केस दर्ज कराने का दबाव बनाती है और समझौते की एवज में रुपये मांगती है। इतना ही नहीं युवती हर केस में अपना अलग नाम बताती है। युवती और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की महिला की गिरफ्तारी से मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।
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शिकायतकर्ता बोला, बयान बदलवाने के लिए आ चुकीं 70 कॉल
डाबड़ा चौक के पास के एक होटल के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि विजिलेंस की ओर से ड्राइवर के रिश्वत लेते पकड़े जाने से अब तक उसके पास लगभग 70 कॉल आ चुुकी हैं। मैनेजर ने कहा कि अब तक अलग-अलग लोग फोन पर संपर्क कर चुके हैं। कुछ लोग उस पर दबाव बना रहे हैं। पांच-छह लोग विजिलेंस थाने में आकर उससे एसएचओ के खिलाफ बयान न देने की बात कह चुके हैं।
दोस्तों से उधार लेकर किया 70 हजार का जुगाड़
मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि महिला थाने में आखिरकार डेढ़ लाख रुपये में मामला रफा-दफा करने की बात तय हुई थी। वह थाने से लौट आया था। उसने अलग-अलग दोस्तों से 70 हजार रुपये इकट्ठे किए थे। वह डरा हुआ था। पहले एसएचओ कह चुकी थीं या तो मामला निपटा या कोर्ट से दुष्कर्म की सजा भुगतने को तैयार हो जा।
यह है मामला
डाबड़ा चौक के पास के एक होटल के मैनेजर राजेश कुमार ने विजिलेंस को शिकायत दी कि एक युवती ने उस पर रेप का आरोप लगाया है। महिला थाना पुलिस मामला रफा-दफा करने के लिए रिश्वत मांग रही है। डीएसपी शरीफ सिंह की टीम ने महिला थाने के पास एसएचओ के ड्राइवर सुरेंद्र को राजेेश से 70 हजार रुपये लेते पकड़ा था। विजिलेंस ने सुरेंद्र के बाद उसके गांव मोरका निवासी होटल संचालक योगेश को पकड़ा था। उस पर बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।