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डॉक्टर पर एफआईआर
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
राजस्थान के राजगढ़ की 47 वर्षीय बिमला देवी का मॉडल टाउन एक्सटेंशन के एक निजी अस्पताल में 15 मार्च को पित्त की थैली का ऑपरेशन किया गया था। परिजन महिला को हालत बिगड़ने पर दिल्ली के पार्क अस्पताल में ले गए थे। वहां डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान महिला की आंत कट गई थी। बाद में 33 दिन बाद 17 अप्रैल को महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। राजगढ़ थाना पुलिस ने डॉ. महेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मामला यहां सिविल लाइन में स्थानांतरित कर दिया है।
राजगढ़ के वार्ड नंबर पांच के रामकुमार ने वहां के थाने में शिकायत दी कि पत्नी बिमला का एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया तो उसकी पित्त की थैली में पत्थरी बताई गई। उसके बाद वह बिमला को निजी अस्पताल में ले आए। डॉ. महेंद्र ने थैली का ऑपरेशन करने की बात कही। बिमला को दाखिल कराया गया और डॉ. महेंद्र ने 15 मार्च को उसका ऑपरेशन किया। पांच दिन दाखिल रखकर छुट्टी दे दी। घर में जाने के बाद बिमला की तबीयत बिगड़ने लगी। वे उसको दोबारा अस्पताल में लाए तो डॉ. महेंद्र ने 27 मार्च को दूसरे अस्पताल में फिर बिमला का ऑपरेशन किया और बाद में उसे दिल्ली रेफर कर दिया। परिजन उसे दिल्ली के पार्क अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टरों ने चेकअप कर बताया कि ऑपरेेशन के दौरान महिला की आंत कट गई थी। बाद में किडनी काम करना बंद कर गई और इलाज के दौरान महिला की 17 अप्रैल को मौत हो गई। राजगढ़ थाना पुलिस ने डॉ. महेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मामला सिविल लाइन थाने में स्थानांतरित किया है।
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हिसार।
राजस्थान के राजगढ़ की 47 वर्षीय बिमला देवी का मॉडल टाउन एक्सटेंशन के एक निजी अस्पताल में 15 मार्च को पित्त की थैली का ऑपरेशन किया गया था। परिजन महिला को हालत बिगड़ने पर दिल्ली के पार्क अस्पताल में ले गए थे। वहां डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान महिला की आंत कट गई थी। बाद में 33 दिन बाद 17 अप्रैल को महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। राजगढ़ थाना पुलिस ने डॉ. महेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मामला यहां सिविल लाइन में स्थानांतरित कर दिया है।
राजगढ़ के वार्ड नंबर पांच के रामकुमार ने वहां के थाने में शिकायत दी कि पत्नी बिमला का एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया तो उसकी पित्त की थैली में पत्थरी बताई गई। उसके बाद वह बिमला को निजी अस्पताल में ले आए। डॉ. महेंद्र ने थैली का ऑपरेशन करने की बात कही। बिमला को दाखिल कराया गया और डॉ. महेंद्र ने 15 मार्च को उसका ऑपरेशन किया। पांच दिन दाखिल रखकर छुट्टी दे दी। घर में जाने के बाद बिमला की तबीयत बिगड़ने लगी। वे उसको दोबारा अस्पताल में लाए तो डॉ. महेंद्र ने 27 मार्च को दूसरे अस्पताल में फिर बिमला का ऑपरेशन किया और बाद में उसे दिल्ली रेफर कर दिया। परिजन उसे दिल्ली के पार्क अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टरों ने चेकअप कर बताया कि ऑपरेेशन के दौरान महिला की आंत कट गई थी। बाद में किडनी काम करना बंद कर गई और इलाज के दौरान महिला की 17 अप्रैल को मौत हो गई। राजगढ़ थाना पुलिस ने डॉ. महेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मामला सिविल लाइन थाने में स्थानांतरित किया है।
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