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हिसार: ईपीएफओ के अकाउंट सीज करने के नोटिस थमाने के बाद निगम ने किया जुर्माने की 75 प्रतिशत राशि का भुगतान
Sun, 19 Feb 2023 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 19 Feb 2023 12:58 AM IST
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हिसार। प्रेस वार्ता करते पार्षद अमित ग्रोवर, जगमोहन मित्तल व अन्य।हिसार। प्रेस वार्ता करते पार्
हिसार। आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों का ईपीएफ देरी से जमा करवाने पर ईपीएफओ की तरफ से नगर निगम पर लगाए 2 करोड़ रुपये जुर्माने के मामले को लेकर शनिवार को पार्षदों ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान पार्षद अमित ग्रोवर, जगमोहन मित्तल व पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने कहा कि ईपीएफओ की तरफ से निगम के खाते सीज करने के नोटिस थमाने के बाद निगम ने जुर्माने की 75 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया है वहीं पार्षदों ने निगम की बिल्डिंग ब्रांच में नक्शे पास करने की एवज में 6 लाख रुपये की रिश्वत वसूलने का आरोप लगाया।
पार्षदों ने कहा कि निगम के अधिकारियों ने जान बूझकर कर्मचारियों का पैसा डकारा है। वहीं ईपीएफओ की तरफ से जुर्माना लगाने से निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कुल जुर्माना राशि 2 करोड़ 8 लाख 48 हजार 185 रुपये है, जिसमें से पीएफ का ब्याज 67 लाख 77 हजार 815 रुपये बनता है। निगम के खाता नंबर एक पर 87 लाख 37 हजार, खाता नंबर दो पर 5 लाख 6 हजार 880 रुपये, खाता नंबर 10 पर 45 लाख 45 हजार 765 रुपए, खाता नंबर 21 में 2 लाख 75 हजार 185, खाता नंबर 22 पर 5269 रुपए जुर्माना लगाया गया।
विरोध के बाद भी सर्वे कंपनी को कर दिया भुगतान
पार्षदों ने कहा कि हिसार नगर निगम हाउस के प्रस्ताव के बावजूद भी याशी कंपनी को पहले सर्वे की पेमेंट कर दी। हिसार नगर निगम सहित 6 निगमों के विरोध के बाद कंपनी को 57 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया, जिसमें हिसार नगर निगम के 2 करोड़ रुपये हैं। इसके अलावा पार्षदों ने आरोप लगाते हुए काह कि निगम की बिल्डिंग शाखा में नक्शे पास करने के नाम पर 6 लाख रुपये की रिश्वत वसूली जा रही है। निगम में बैठे अधिकारी क्या कर रहे हैं।
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सेक्टरवासियों से भेदभाव क्यों
शहर की पीएलए वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतपाल ठाकुर ने कहा कि पंचकूला में चार मंजिला अपार्टमेंट के निर्माण पर रोक लगा दी। शहर की कॉलोनियों में पेयजल के नाम पर 250 रुपये महीना वसूला जा रहा है। मगर सेक्टरों में साढ़े 12 रुपये प्रति लीटर के हिसार से रेट तय कर दिए है, जबकि पहले साढ़े 6 रुपये प्रति लीटर था। हमसे ये भेदभाव क्यों किया जा रहा है। हमने मंत्री को कह दिया कि आगे चुनाव का समय आ रहा है। ऐसा न हो कि लोग आपको घरों में घुसने न दें।
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पार्षदों ने कहा कि निगम के अधिकारियों ने जान बूझकर कर्मचारियों का पैसा डकारा है। वहीं ईपीएफओ की तरफ से जुर्माना लगाने से निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कुल जुर्माना राशि 2 करोड़ 8 लाख 48 हजार 185 रुपये है, जिसमें से पीएफ का ब्याज 67 लाख 77 हजार 815 रुपये बनता है। निगम के खाता नंबर एक पर 87 लाख 37 हजार, खाता नंबर दो पर 5 लाख 6 हजार 880 रुपये, खाता नंबर 10 पर 45 लाख 45 हजार 765 रुपए, खाता नंबर 21 में 2 लाख 75 हजार 185, खाता नंबर 22 पर 5269 रुपए जुर्माना लगाया गया।
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विरोध के बाद भी सर्वे कंपनी को कर दिया भुगतान
पार्षदों ने कहा कि हिसार नगर निगम हाउस के प्रस्ताव के बावजूद भी याशी कंपनी को पहले सर्वे की पेमेंट कर दी। हिसार नगर निगम सहित 6 निगमों के विरोध के बाद कंपनी को 57 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया, जिसमें हिसार नगर निगम के 2 करोड़ रुपये हैं। इसके अलावा पार्षदों ने आरोप लगाते हुए काह कि निगम की बिल्डिंग शाखा में नक्शे पास करने के नाम पर 6 लाख रुपये की रिश्वत वसूली जा रही है। निगम में बैठे अधिकारी क्या कर रहे हैं।
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सेक्टरवासियों से भेदभाव क्यों
शहर की पीएलए वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतपाल ठाकुर ने कहा कि पंचकूला में चार मंजिला अपार्टमेंट के निर्माण पर रोक लगा दी। शहर की कॉलोनियों में पेयजल के नाम पर 250 रुपये महीना वसूला जा रहा है। मगर सेक्टरों में साढ़े 12 रुपये प्रति लीटर के हिसार से रेट तय कर दिए है, जबकि पहले साढ़े 6 रुपये प्रति लीटर था। हमसे ये भेदभाव क्यों किया जा रहा है। हमने मंत्री को कह दिया कि आगे चुनाव का समय आ रहा है। ऐसा न हो कि लोग आपको घरों में घुसने न दें।