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कोरोना संक्रमित मिलने के बाद भी महिला चिकित्सक चला रही थी ओपीडी, एक डिलिवरी भी करवाई
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मरीजों से पूछताछ करते नागरिक अस्पताल अधिकारी डॉ. रमेश पूनिया और उनकी टीम।
- फोटो : Hisar
हिसार। शहर में एक बार फिर निजी अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोरोना नियमों की अवहेलना करने का मामला सामने आया है। मामले के अनुसार कोरोना संक्रमित मिलने के बाद भी महिला एवं प्रसूति रोग विशेष अस्पताल में ओपीडी चला रही थी। यही नहीं संक्रमित महिला डॉक्टर ने एक महिला की डिलिवरी तक करवा दी। सूचना मिलने के बाद नागरिक अस्पताल से जांच के लिए टीम भेजी गई और अस्पताल का रिकॉर्ड खंगाला।
सेक्टर 16-17 स्थित श्रीराम दादी मांगलीवाला मल्टी स्पेशलियटी चैरिटेबल अस्पताल में यह बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। नोडल अधिकारी डॉ. रमेश पूनिया ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की और जच्चा-बच्चा के परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने बताया कि वह डिलिवरी के लिए अस्पताल आए थे और महिला डॉक्टर ने ही उनकी डिलिवरी करवाई है। परिजनों ने यह भी बताया है कि महिला डॉक्टर ने उस समय न तो पीपीई किट पहनी हुई थी और न ही इस बारे में उन्हें कोई जानकारी दी।
21 को संक्रमित मिली थी डॉक्टर
जानकारी के अनुुसार महिला चिकित्सक डॉ. नेहा गुप्ता की रिपोर्ट 21 नवंबर को कोरोना पॉजिटिव आई थी। उसके बाद महिला डॉक्टर को होम आइसोलेट किया गया था, जो नियमानुसार 17 दिन का पीरियड होता है। इसके विपरीत अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार महिला डॉक्टर ने 23, 25, 27 व 30 नवंबर को अस्पताल में ओपीडी में सेवा दी है। इसके बाद अब मंगलवार को मंगाली आकलन निवासी गर्भवती की डिलिवरी करवाई। विभाग द्वारा संक्रमित महिला डॉक्टर के संपर्क में आए मरीजों सहित अन्य लोगों की हिस्ट्री जुटाना शुरू कर दिया है।
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पहले भी हो चुकी लापरवाही
इससे पहले भी निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना नियमों को लेकर लापरवाही बरतने के मामले सामने आ चुके हैं। डाबड़ा चौक स्थित प्राइवेट अस्पताल संचालक भी इसी प्रकार संक्रमित होते हुए ओपीडी देखते पाया गया था, जबकि उसका संक्रमित पिता मरीजों को दवा वितरित कर रहा था और डॉक्टर की पत्नी पहले ही संक्रमित आ चुकी थी। इसी प्रकार जिंदल चौक स्थित एक प्राइवेट अस्पताल द्वारा कोविड-19 मरीज का शव नियमों की अनदेखी करते हुए उसके परिजनों को सौंप दिया गया था। दोनों ही मामलों में प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके चलते प्राइवेट अस्पताल लगातार लापरवाही बरत रहे हैं।
विभाग को अवगत करा दिया है
अस्पताल पहुंचकर महिला के परिजनों से बात की गई। अस्पताल की ओपीडी का रिकॉर्ड भी खंगाला गया, जिससे पता चला कि संक्रमित होने के बावजूद महिला डॉक्टर ने ओपीडी जारी रखी तथा एक डिलिवरी भी की। डॉक्टर को कोरोना नियमों की अवहेलना करना पाया गया है। मैंने इस बारे में विभाग को अवगत करवा दिया है।
- डॉ. रमेश पूनिया, कोविड-19 नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, हिसार।
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सेक्टर 16-17 स्थित श्रीराम दादी मांगलीवाला मल्टी स्पेशलियटी चैरिटेबल अस्पताल में यह बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। नोडल अधिकारी डॉ. रमेश पूनिया ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की और जच्चा-बच्चा के परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने बताया कि वह डिलिवरी के लिए अस्पताल आए थे और महिला डॉक्टर ने ही उनकी डिलिवरी करवाई है। परिजनों ने यह भी बताया है कि महिला डॉक्टर ने उस समय न तो पीपीई किट पहनी हुई थी और न ही इस बारे में उन्हें कोई जानकारी दी।
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21 को संक्रमित मिली थी डॉक्टर
जानकारी के अनुुसार महिला चिकित्सक डॉ. नेहा गुप्ता की रिपोर्ट 21 नवंबर को कोरोना पॉजिटिव आई थी। उसके बाद महिला डॉक्टर को होम आइसोलेट किया गया था, जो नियमानुसार 17 दिन का पीरियड होता है। इसके विपरीत अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार महिला डॉक्टर ने 23, 25, 27 व 30 नवंबर को अस्पताल में ओपीडी में सेवा दी है। इसके बाद अब मंगलवार को मंगाली आकलन निवासी गर्भवती की डिलिवरी करवाई। विभाग द्वारा संक्रमित महिला डॉक्टर के संपर्क में आए मरीजों सहित अन्य लोगों की हिस्ट्री जुटाना शुरू कर दिया है।
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पहले भी हो चुकी लापरवाही
इससे पहले भी निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना नियमों को लेकर लापरवाही बरतने के मामले सामने आ चुके हैं। डाबड़ा चौक स्थित प्राइवेट अस्पताल संचालक भी इसी प्रकार संक्रमित होते हुए ओपीडी देखते पाया गया था, जबकि उसका संक्रमित पिता मरीजों को दवा वितरित कर रहा था और डॉक्टर की पत्नी पहले ही संक्रमित आ चुकी थी। इसी प्रकार जिंदल चौक स्थित एक प्राइवेट अस्पताल द्वारा कोविड-19 मरीज का शव नियमों की अनदेखी करते हुए उसके परिजनों को सौंप दिया गया था। दोनों ही मामलों में प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके चलते प्राइवेट अस्पताल लगातार लापरवाही बरत रहे हैं।
विभाग को अवगत करा दिया है
अस्पताल पहुंचकर महिला के परिजनों से बात की गई। अस्पताल की ओपीडी का रिकॉर्ड भी खंगाला गया, जिससे पता चला कि संक्रमित होने के बावजूद महिला डॉक्टर ने ओपीडी जारी रखी तथा एक डिलिवरी भी की। डॉक्टर को कोरोना नियमों की अवहेलना करना पाया गया है। मैंने इस बारे में विभाग को अवगत करवा दिया है।
- डॉ. रमेश पूनिया, कोविड-19 नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, हिसार।