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आदमपुर उपचुनाव: शिकायत खारिज, निर्वाचन अधिकारी ने स्वीकार किया भव्य का नामांकन, ये है नियम
Sat, 15 Oct 2022 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 11:36 PM IST
सार
इनेलो, आप प्रत्याशी सहित 5 लोगों ने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ शिकायत-आप संस्थापक सदस्य सहित तीन अधिवक्ता, आप व इनेलो प्रत्याशी ने शिकायत दी थी।
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भव्य बिश्नोई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आदमपुर चुनाव में भाजपा-जजपा प्रत्याशी भव्य बिश्नोई के नामांकन में आयकर विभाग द्वारा दायर ब्लैकमनी एक्ट के चार केस को एक बताने की शिकायत निर्वाचन अधिकारी को दी गई। इन शिकायतों पर नामांकनों की छंटनी के दौरान शनिवार को ही जांच हुई। जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए उनका नामांकन पत्र स्वीकार कर लिया।
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सबसे पहले आप के संस्थापक सदस्य एडवोकेट राजेश जाखड़ ने भव्य बिश्नोई के शपथ-पत्र के पेज नंबर 18 और तीस हजारी कोर्ट में लंबित चारों फौजदारी मुकदमों की सीएनआर नंबर सहित चुनाव आयोग व निर्वाचन अधिकारी को शिकायत दी।
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इस शिकायत में राजेश जाखड़ ने अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड कर दिया। इसके बाद एडवोकेट रामनिवास पायल, एडवोकेट धर्मबीर पूनिया, इनेलो प्रत्याशी कुरड़ाराम व आप प्रत्याशी सतेंद्र सिंह ने भी शिकायत कर भाजपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द करने की मांग की।
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भव्य ने जानकारी छिपाई नहीं : निर्वाचन अधिकारी
उपरोक्त शिकायतों की जांच के बाद आदमपुर विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी ने आदेश जारी कर भाजपा प्रत्याशी भव्य बिश्नोई का नामांकन स्वीकार कर लिया। अपने आदेश में उन्होंने लिखा कि भव्य ने अपने शपथ-पत्र के पेज नंबर 4 पर लंबित केस 1961-1964/2021, तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली लिखा है। इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपने लंबित सभी चार केस का जिक्र कर दिया।
साथ ही माना कि भव्य ने अपने शपथ-पत्र के पेज नंबर 18 पर लंबित केसों की संख्या एक ही बताई है। अपने आदेश में उन्होंने भारत के चुनाव आयोग द्वारा निर्वाचन अधिकारी को जारी की गई हैंडबुक के चैप्टर 6 (नामांकन पत्रों की जांच) के क्लॉज 6(10)(4) का हवाला दिया कि यदि निर्धारित शपथ पत्र दोषपूर्ण मिलता है या उसमें गलत जानकारी मिलती है तो इस आधार पर नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता। इसलिए भाजपा प्रत्याशी भव्य बिश्नोई का नामांकन पत्र स्वीकार किया जाता है।