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कॉमनवेल्थ गेम्स: शूटआउट में हिसार की सोनिका ने गोल कर दिलाया कांस्य पदक
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मैच जीतने के बाद एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाते हुए सोनिका के पिता और परिवार के सदस्य। संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार। इंग्लैंड के बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। तीसरे स्थान के लिए न्यूजीलैंड के साथ हुए मुकाबले में भारतीय टीम में शामिल हिसार की तीनों बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। शूट आउट से मैच का परिणाम निकला। हिसार पुलिस लाइन की रहने वाली सोनिका ने शूट आउट में गोल कर टीम को कांस्य पदक दिलाया।
टीम में हिसार की सोनिका के अलावा पुलिस लाइन की रहने वाली उदिता और कैमरी गांव की शर्मिला देवी शामिल रही। कांस्य पदक जीतने के बाद बेटियों के परिवार के सदस्यों ने मिठाई बांटकर खुशियां मनाई। रिश्तेदार बधाई देने पहुंच रहे हैं। इस जीत के साथ ही सभी खेल प्रेमी झूम उठे। अब हिसार पहुंचने पर बेटियों का स्वागत किया जाएगा।
बेटियों के लिए रविवार का अहम दिन था। कांस्य पदक के लिए दोपहर को शुरू हुए मैच से पौना घंटे पहले ही परिवार के सदस्य एलईडी के आगे बैठ गए और बेटियों को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार चल रहा था। मैच का परिणाम आने तक पड़ोसी एलईडी के आगे डटे रहे।
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मैच खत्म होने के बाद पांच सेकंड पिता से हुई बेटी की बात
सोनिका के पिता एसआई दौलतराम ने बताया कि मैच खत्म होने के कुछ देर बाद ही बेटी सोनिका से पांच सेकंड वीडियो कॉल से बात हुई। इस दौरान पिता ने बेटी को मैच जीतने पर बधाई दी। वहीं बेटी ने पिता को कहा कि पूरी टीम अच्छा खेली। थैंक्यू पापा।
उदिता को मां के हाथ का खाना खाने का इंतजार
कांस्य पदक जीतने के बाद उदिता की 20 मिनट तक छोटी बहन मोंटी दूहन से बात हुई। इस दौरान उदिता ने कहा कि सभी अच्छा खेली। हमारा लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतने का था। अब जो भी कमी रह गई है उसे दूर किया जाएगा। बहन मोंटी ने बताया कि उदिता चार माह से घर से दूर है। पहले कैंप में थी, फिर वर्ल्ड कप, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में खेल रही थी। उदिता ने अपनी बहन मोंटी दूहन को कहा कि बस, अब तो मां के हाथ का खाना खाने का इंतजार है। जल्द ही घर आऊंगी और मां गीता देवी के हाथ का खाना खाऊंगी।
उदिता और सोनिका ने एक साथ की थी शुरुआत
पुलिस लाइन की रहने वाली उदिता और सोनिका ने एक साथ वर्ष 2010 में गिरी सेंटर में सीनियर हॉकी कोच आजाद मलिक के पास प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। वहीं शर्मिला देवी ने कैमरी में कोच राजेंद्र सिहाग के पास खेल कॅरियर की शुरूआत की थी। शर्मिला और उदिता टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। तीनों बेटियां अब तक कई पदक जीतकर नाम रोशन कर चुकी है। वहीं सिरसा के जोधका की गोलकीपर सविता पूनिया ने भी हिसार से ही हॉकी की शुरुआत की थी।
सभी खिलाड़ी अच्छा खेली और शूट आउट में हिसार की ही सोनिका ने एक गोल भी किया। मेरी ओर से भारतीय टीम को शुभकामनाएं। अब बेटियों का हिसार पहुंचने पर गिरी सेंटर में स्वागत समारोह होगा। इस दौरान उन्हें सम्मानित किया जाएगा। - आजाद मलिक, सीनियर हॉकी कोच
आज मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। बेटियों ने एक बार फिर परचम लहराते हुए कांस्य पदक जीता है। बेटी सोनिका ने एक गोल किया और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कुछ सेकंड बेटी से बात भी हुई।
- दौलतराम टांडी, सोनिका के पिता
सभी बेटियां अच्छा खेली। आज उनकी मेहनत रंग लाई है। मुझे बेटी शर्मिला पर गर्व है। भविष्य में भी बेटी इसी तरह अच्छा प्रदर्शन करेगी और हॉकी में अपना नाम रोशन करती रहेगी।
- सुरेश गोदारा, शार्मिला के पिता
सिसाय की पूजा का निकाला जाएगा विजयी जुलूस
सिसाय की पहलवान पूजा सिहाग ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता है। कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में पूजा ने आस्ट्रेलिया की पहलवान को 10-0 से हराकर पदक पर कब्जा किया है। अब पूजा का गांव पहुंचने पर विजयी जुलूस निकाला जाएगा। पूजा सिहाग ने 76 किलोग्राम भारवर्ग में पदक हासिल किया है। वहीं गांव पहुंचने पर पूजा का मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया जाएगा।
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टीम में हिसार की सोनिका के अलावा पुलिस लाइन की रहने वाली उदिता और कैमरी गांव की शर्मिला देवी शामिल रही। कांस्य पदक जीतने के बाद बेटियों के परिवार के सदस्यों ने मिठाई बांटकर खुशियां मनाई। रिश्तेदार बधाई देने पहुंच रहे हैं। इस जीत के साथ ही सभी खेल प्रेमी झूम उठे। अब हिसार पहुंचने पर बेटियों का स्वागत किया जाएगा।
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बेटियों के लिए रविवार का अहम दिन था। कांस्य पदक के लिए दोपहर को शुरू हुए मैच से पौना घंटे पहले ही परिवार के सदस्य एलईडी के आगे बैठ गए और बेटियों को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार चल रहा था। मैच का परिणाम आने तक पड़ोसी एलईडी के आगे डटे रहे।
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मैच खत्म होने के बाद पांच सेकंड पिता से हुई बेटी की बात
सोनिका के पिता एसआई दौलतराम ने बताया कि मैच खत्म होने के कुछ देर बाद ही बेटी सोनिका से पांच सेकंड वीडियो कॉल से बात हुई। इस दौरान पिता ने बेटी को मैच जीतने पर बधाई दी। वहीं बेटी ने पिता को कहा कि पूरी टीम अच्छा खेली। थैंक्यू पापा।
उदिता को मां के हाथ का खाना खाने का इंतजार
कांस्य पदक जीतने के बाद उदिता की 20 मिनट तक छोटी बहन मोंटी दूहन से बात हुई। इस दौरान उदिता ने कहा कि सभी अच्छा खेली। हमारा लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतने का था। अब जो भी कमी रह गई है उसे दूर किया जाएगा। बहन मोंटी ने बताया कि उदिता चार माह से घर से दूर है। पहले कैंप में थी, फिर वर्ल्ड कप, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में खेल रही थी। उदिता ने अपनी बहन मोंटी दूहन को कहा कि बस, अब तो मां के हाथ का खाना खाने का इंतजार है। जल्द ही घर आऊंगी और मां गीता देवी के हाथ का खाना खाऊंगी।
उदिता और सोनिका ने एक साथ की थी शुरुआत
पुलिस लाइन की रहने वाली उदिता और सोनिका ने एक साथ वर्ष 2010 में गिरी सेंटर में सीनियर हॉकी कोच आजाद मलिक के पास प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। वहीं शर्मिला देवी ने कैमरी में कोच राजेंद्र सिहाग के पास खेल कॅरियर की शुरूआत की थी। शर्मिला और उदिता टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। तीनों बेटियां अब तक कई पदक जीतकर नाम रोशन कर चुकी है। वहीं सिरसा के जोधका की गोलकीपर सविता पूनिया ने भी हिसार से ही हॉकी की शुरुआत की थी।
सभी खिलाड़ी अच्छा खेली और शूट आउट में हिसार की ही सोनिका ने एक गोल भी किया। मेरी ओर से भारतीय टीम को शुभकामनाएं। अब बेटियों का हिसार पहुंचने पर गिरी सेंटर में स्वागत समारोह होगा। इस दौरान उन्हें सम्मानित किया जाएगा। - आजाद मलिक, सीनियर हॉकी कोच
आज मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। बेटियों ने एक बार फिर परचम लहराते हुए कांस्य पदक जीता है। बेटी सोनिका ने एक गोल किया और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कुछ सेकंड बेटी से बात भी हुई।
- दौलतराम टांडी, सोनिका के पिता
सभी बेटियां अच्छा खेली। आज उनकी मेहनत रंग लाई है। मुझे बेटी शर्मिला पर गर्व है। भविष्य में भी बेटी इसी तरह अच्छा प्रदर्शन करेगी और हॉकी में अपना नाम रोशन करती रहेगी।
- सुरेश गोदारा, शार्मिला के पिता
सिसाय की पूजा का निकाला जाएगा विजयी जुलूस
सिसाय की पहलवान पूजा सिहाग ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता है। कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में पूजा ने आस्ट्रेलिया की पहलवान को 10-0 से हराकर पदक पर कब्जा किया है। अब पूजा का गांव पहुंचने पर विजयी जुलूस निकाला जाएगा। पूजा सिहाग ने 76 किलोग्राम भारवर्ग में पदक हासिल किया है। वहीं गांव पहुंचने पर पूजा का मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया जाएगा।