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कैट : बिना कोचिंग पहले प्रयास में देवांश जैन ने 99.96 परसेंटाइल हासिल किया
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01 - देवांश जैन नवल
- फोटो : Hisar
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कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) के आए नतीजे में तायल गार्डन निवासी देवांश जैन नवल ने 99.96 परसेंटाइल अंक हासिल किए हैं। देवांश का दावा है कि 99.96 परसेंटाइल अंक लेकर वह हरियाणा में टॉप पर है। देवांश जैन मूलरूप से बरवाला रोड स्थित तायल गार्डन के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले काफी सालों से वे गुरुग्राम में ही रह रहे हैं।
देवांश जैन ने बताया कि कैट के लिए उन्होंने कोचिंग नहीं ली। रोजाना रात को सिर्फ एक घंटे ही पढ़ाई की थी। इस दौरान उन्होंने कैट के पिछले 10 सालों के पेपर हल किए। इससे उन्हें पता लगा कि एक प्रश्न एक मिनट में ही हल किया जाना चाहिए। उसने पहली बार परीक्षा दी और पहली ही बार में पास की है। देवांश जैन के पिता सचिंद्र नवल का गुरुग्राम में खुद का अस्पताल है। देवांश की माता शालिनी जैन भी डॉक्टर हैं।
कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रहे देवांश
देवांश जैन नवल दिल्ली स्थित प्राइवेट इंस्टीट्यूट में कंप्यूूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रहे हैं। इस परीक्षा के लिए उन्होंने पढ़ाई भी ज्यादा नहीं की। इसके लिए रात को केवल एक घंटे का समय निकालते थे। इससे उन्हें काफी नॉलेज भी मिली है। देवांश के दादा डॉ. एसके नवल और दादी डॉ. केके नवल भी नर्सिंग होम चलाते हैं और डॉ. एसके नवल सेवानिवृत्त सिविल सर्जन हैं।
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बेटे ने कभी कोचिंग के लिए नहीं बोला था। बिना कोचिंग ही बेटे ने कैट में 99.96 परसेंटाइल लेकर नाम रोशन किया है।
- सचिंद्र नवल, देवांश के पिता
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देवांश जैन ने बताया कि कैट के लिए उन्होंने कोचिंग नहीं ली। रोजाना रात को सिर्फ एक घंटे ही पढ़ाई की थी। इस दौरान उन्होंने कैट के पिछले 10 सालों के पेपर हल किए। इससे उन्हें पता लगा कि एक प्रश्न एक मिनट में ही हल किया जाना चाहिए। उसने पहली बार परीक्षा दी और पहली ही बार में पास की है। देवांश जैन के पिता सचिंद्र नवल का गुरुग्राम में खुद का अस्पताल है। देवांश की माता शालिनी जैन भी डॉक्टर हैं।
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कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रहे देवांश
देवांश जैन नवल दिल्ली स्थित प्राइवेट इंस्टीट्यूट में कंप्यूूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रहे हैं। इस परीक्षा के लिए उन्होंने पढ़ाई भी ज्यादा नहीं की। इसके लिए रात को केवल एक घंटे का समय निकालते थे। इससे उन्हें काफी नॉलेज भी मिली है। देवांश के दादा डॉ. एसके नवल और दादी डॉ. केके नवल भी नर्सिंग होम चलाते हैं और डॉ. एसके नवल सेवानिवृत्त सिविल सर्जन हैं।
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बेटे ने कभी कोचिंग के लिए नहीं बोला था। बिना कोचिंग ही बेटे ने कैट में 99.96 परसेंटाइल लेकर नाम रोशन किया है।
- सचिंद्र नवल, देवांश के पिता