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खेती पर संकट के बादल : तीन दिन में 200 एमएम बरसा पानी, 7100 किसानों ने मांगा मुआवजा
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गांव बहबलपुर में खराब हुई कपास की फसल -संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार। जिले में लगातार तीन दिन में 200 एमएम बारिश हुई। अभी भी खेती पर संकट के बादल छाये हुए हैं। पिछले दो दिन में खराब हुई फसलों के मुआवजे के लिए जिले के 7100 किसान शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। सबसे अधिक शिकायत बरवाला क्षेत्र से मिली हैं। अधिकांश फसलों के पकाव के समय हवाओं के साथ आई इस बारिश के कारण उत्पादन कम होना भी तय है।
सितंबर माह में जिले में आमतौर पर 50 एमएम तक बारिश होती है। जबकि पिछले दो दिनों में ही जिले में करीब 200 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बरवाला में सितंबर माह में अभी तक 300 एमएम बारिश हो चुकी है। वहीं, सबसे अधिक बारिश आदमपुर में 486 एमएम हुई है। शुक्रवार को जिले में कई स्थानों पर हल्की बारिश तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील बना है।
जून-जुलाई में आदमपुर में हुई थी 200 एमएम से अधिक बारिश
जिले में जून और जुलाई माह में अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन अगस्त में औसत से कम बारिश दर्ज की गई। अब सितंबर में बारिश ने औसत के आंकड़ों के साथ ही किसानों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया है। आदमपुर में सितंबर में ही अभी तक 486 एमएम बारिश हो चुकी है। आदमपुर में इससे पहले मानसून सीजन के जून माह में जिले में सबसे अधिक 125 एमएम और जुलाई में 79 एमएम बारिश हुई थी। इसके अलावा दोनों माह में उकलाना, नारनौंद और बरवाला में भी 200 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
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खेतों में खड़ा पानी पैदा कर रहा गलन
कृषि अधिकारियों के अनुसार, खेतों में अभी भी पानी खड़ा है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाएगा। कपास की फसल में खड़ा पानी गलन पैदा करेगा जबकि मूंग के काला पड़ने की आशंका है। जिला कृषि विभाग फिलहाल नुकसान का आंकलन कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार काफी जगहों पर पहले ही खेतों में पानी खड़ा है और मौसम विभाग ने 26 व 27 को भी बारिश की संभावना जताई हुई है, ऐसे में खेती में होने वाले नुकसान का अंदाजा लगाना अभी जल्दबाजी होगी।
सितंबर माह में कहां कितनी बारिश (एमएम में)
हिसार 199.6 एमएम
हांसी 267
आदमपुर 486
बरवाला 300
नारनौंद 261
बास 261
उकलाना 280
बालसमंद 332
खेड़ी जालब 166
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सितंबर माह में जिले में आमतौर पर 50 एमएम तक बारिश होती है। जबकि पिछले दो दिनों में ही जिले में करीब 200 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बरवाला में सितंबर माह में अभी तक 300 एमएम बारिश हो चुकी है। वहीं, सबसे अधिक बारिश आदमपुर में 486 एमएम हुई है। शुक्रवार को जिले में कई स्थानों पर हल्की बारिश तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील बना है।
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जून-जुलाई में आदमपुर में हुई थी 200 एमएम से अधिक बारिश
जिले में जून और जुलाई माह में अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन अगस्त में औसत से कम बारिश दर्ज की गई। अब सितंबर में बारिश ने औसत के आंकड़ों के साथ ही किसानों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया है। आदमपुर में सितंबर में ही अभी तक 486 एमएम बारिश हो चुकी है। आदमपुर में इससे पहले मानसून सीजन के जून माह में जिले में सबसे अधिक 125 एमएम और जुलाई में 79 एमएम बारिश हुई थी। इसके अलावा दोनों माह में उकलाना, नारनौंद और बरवाला में भी 200 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
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खेतों में खड़ा पानी पैदा कर रहा गलन
कृषि अधिकारियों के अनुसार, खेतों में अभी भी पानी खड़ा है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाएगा। कपास की फसल में खड़ा पानी गलन पैदा करेगा जबकि मूंग के काला पड़ने की आशंका है। जिला कृषि विभाग फिलहाल नुकसान का आंकलन कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार काफी जगहों पर पहले ही खेतों में पानी खड़ा है और मौसम विभाग ने 26 व 27 को भी बारिश की संभावना जताई हुई है, ऐसे में खेती में होने वाले नुकसान का अंदाजा लगाना अभी जल्दबाजी होगी।
सितंबर माह में कहां कितनी बारिश (एमएम में)
हिसार 199.6 एमएम
हांसी 267
आदमपुर 486
बरवाला 300
नारनौंद 261
बास 261
उकलाना 280
बालसमंद 332
खेड़ी जालब 166