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प्रदेश के पहले ए ग्रेड कॉलेज में पेड़ों के नीचे लगती हैं क्लास

Sun, 07 Aug 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Sun, 07 Aug 2016 12:40 AM IST
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classes under trees in A Grade college, Hisar
पेड़ों के नीचे लगती हैं क्लास - फोटो : bureau

 नैक से ए ग्रेड प्राप्त प्रदेश के पहले गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में पेड़ों के नीचे कक्षाएं शुरू हो गई हैं। कॉलेज में कमरों की कमी के कारण दिनभर में करीब 65 से अधिक लेक्चर पेड़ों के नीचे लग रहे हैं। कॉलेज में कुल 112 कमरे हैं और 5800 से अधिक विद्यार्थी। 112 कमरों में से अधिकतर कमरों में दफ्तर, लैब, स्टोर, लाइब्रेरी, इग्नू सेंटर आदि स्थापित हैं।

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गौरतलब है कि नैक से ए ग्रेड प्राप्त हिसार का गवर्नमेंट कॉलेज प्रदेश का सबसे बड़ा व प्रसिद्ध कॉलेज है। कॉलेज की स्थापना 1975 में हुई थी। तब यहां करीब 80 कमरे और लगभग 700 विद्यार्थी थे। इन 80 कमरों में लैब, दफ्तर आदि थे। कॉलेज की विश्वसनीयता और शिक्षा के प्रति जागरूकता के साथ ही कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने लगी।
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हालात ये हुए कि सत्र 2015-16 में कॉलेज में करीब 5850 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। वर्तमान में यह संख्या 6000 हजार हो जाने का अनुमान है। इस प्रकार स्थापना के 40 सालों में कॉलेज में करीब 9 गुणा विद्यार्थी बढ़ गए। लेकिन कमरों की संख्या में इतना इजाफा नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था। इन 40 सालों में कॉलेज में केवल 22 कमरे ही नये बनाए गए। कॉलेज में आज 97 प्रोफेसर विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार आज कम से कम 20 और कमरों की सख्त आवश्यकता है।
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65 लेक्चर ओपन स्पेस में
कॉलेज में कमरों की जगह पार्कों के पेड़ों पर ओपन स्पेस नंबर 1,2,3... की वही पुरानी तख्तियां लगी हुई हैं। जो पिछली बार लगी थीं। कॉलेज के टाइम टेबल में भी रूम नंबर की बजाए ओपन स्पेस नंबर ही लिखा जाता है। दिनभर में विभिन्न कक्षाओं के 65 से अधिक लेक्चर ओपन स्पेस नंबर लिखे पेड़ों के नीचे लगते हैं। बारिश के समय कॉलेज में सबसे अधिक परेशानी होती है। बरामदों में ही कक्षाओं की कतार लग जाती है, जिससे कॉलेज की व्यवस्था बिगड़ जाती है।

बनने हैं 12 कमरे
कॉलेज प्रशासन के अनुसार रूसा से 12 कमरों के लिए 1.40 लाख की ग्रांट मिली है, जिनकी अप्रूवल आना बाकी है। वहीं सरकार से भी 20 और कमरे बनाने के लिए कागजी कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन चाहे कुछ भी कहे, कमरे बनने में अभी कम से कम डेढ़ वर्ष तो और लगना तय है।


कॉलेज बहुत पुराना है और पिछले कुछ वर्षों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ गई है। लेकिन नए कमरे नहीं बन पाए। इसलिए ये समस्या सामने आई है। अब नए कमरे बनाने को लेकर शिक्षा विभाग से कागजी कार्यवाही चल रही है। जल्द ही कमरे बनकर तैयार हो जाएंगे।
- मक्खन सिंह मांझू, प्राचार्य, गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, हिसार

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