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Hisar News: कैंट के सामने अवैध निर्माण ढहाने पर अधिकारियों और दुकानदारों में नोकझोंक, जेसीबी पर पथराव
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कैंट के सामने सर्विस रोड के लिए अवैध निर्माण ढहाता जेसीबी चालक। संवाद
हिसार। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम सोमवार को कैंट के सामने नेशनल हाईवे की जमीन पर बनीं दुकानों को तोड़ने पहुंची। इस दौरान कुछ लोगों ने जेसीबी पर पथराव कर दिया। पुलिस आरोपियों को पकड़कर थाने में ले गई। एनएचएआई ने सर्विस रोड के निर्माण को लेकर पांच साल बाद फिर से अवैध निर्माण पर कार्रवाई की। करीब छह घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान 46 अवैध निर्माणों जेसीबी चली। इस दौरान अधिकारियों व दुकानदारों में खूब बहसबाजी भी हुई। खास बात यह रही कि इस कार्रवाई को जिला प्रशासन को दो ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी बदलने पड़े।
इससे पहले, सुबह करीब 10 बजे ही एनएचएआई के अधिकारी एक जेसीबी के साथ मौके पर पहुंच गए। जिला प्रशासन की तरफ से बीएंडआर के एसडीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया। मगर, वह किसी कारणवश मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद उनकी जगह डीडीए को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, लेकिन वह भी नहीं पहुंचे। इस पर पशुपालन विभाग के अधिकारी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया, जो करीब साढ़े 3 बजे मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के साथ ही पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने एक जेसीबी को बताया नाकाफी, दो और मंगवाई
मौके पर एक जेसीबी देखकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों से दो जेसीबी और उपलब्ध करवाने को कहा। इसके बाद अधिकारियों ने दो और जेसीबी का इंतजाम किया। कार्रवाई शुरू होते देखकर दुकानदारों ने सामान उठाना शुरू किया। अधिकारियों ने दुकानदारों को सामान उठाने का समय दिया। रात करीब साढ़े 9 बजे तक यह कार्रवाई चली।
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पथराव से जेसीबी का शीशा टूटा
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने एक जेसीबी पर पथराव कर दिया। इससे उक्त जेसीबी का शीशा भी टूट गया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने उन लोगों को तुरंत पकड़ लिया और अपने साथ थाने में ले गए। रात को कुछ दुकानदार उन्हें छुड़वाने के लिए थाने भी पहुंचे। रात 9 बजे तक आरोपी पुलिस की हिरासत में ही थे।
दुकानदार बोले-बिना दुकानें तोड़ें भी बन सकता है रोड
दुकानदार अमित के मुताबिक एनएचएआई को उनकी दुकानें तोड़नी जरूरी नहीं थी। इसके बिना ही सर्विस रोड बन सकता है। बावजूद इसके कुछ लोगों ने दबाव डालकर उनकी दुकानों को तुड़वाया। उन्होंने जिला प्रशासन की तरफ से दिया गया मुआवजा भी नहीं मिला। दुकानदार के मुताबिक अगर प्रशासन में हिम्मत है तो मय्यड़ में सर्विस रोड बनाकर दिखाए।
वर्ष 2018 में तोड़ी थीं दुकानें
इससे पहले, सर्विस रोड व फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए वर्ष 2018 में यहां काफी संख्या में दुकानें तोड़ी गईं थी। मगर, उस दौरान रात होने के कारण कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई थी और फिर बची हुई दुकानों पर कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि फरवरी 2019 में एक बार फिर से कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, लेकिन कार्रवाई वाले दिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट ही मौके पर नहीं पहुंचा, तब से यह सर्विस रोड अधर में लटका पड़ा हुआ है। 20 दिसंबर 2021 के अंक में अमर उजाला ने अधूरे पड़े सर्विस रोड के निर्माण की खबर प्रकाशित की। इस पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन उपायुक्त प्रियंका सोनी ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों को अधूरे पड़े इस सर्विस रोड को पूरा करवाने के आदेश दिए थे।
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400 मीटर का हिस्सा पड़ा अधूरा
कैंट के सामने रिहायशी एरिया की तरफ से सर्विस रोड का करीब 400 मीटर का हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे अब बनाया जाएगा। रोड की चौड़ाई साढ़े 5 मीटर होगी। रोड के साथ-साथ बरसाती नाला भी बनाया जाएगा। इसके अलावा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान व राजकीय महिला महाविद्यालय के आगे करीब 1.5 किलोमीटर लंबा सर्विस रोड बनाया जाएगा।
49 फुट चौड़ा रोड 10 फुट का रहा तो 23 घरों पर चली जेसीबी, आज भी जारी रहेगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बालसमंद। गांव आर्यनगर में सोमवार को जिला प्रशासन ने पंचायती जमीन पर हुए कब्जों पर कार्रवाई की। ग्रामीणों ने सरकारी जगह पर कब्जा कर मकान बनाए हुए थे। इस दौरान 23 घरों पर जेसीबी चली। बुधवार को भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
आर्यनगर से शाहपुर रोड 49 फुट चौड़ा है। रोड के दोनों तरफ लोगों के कब्जा करने से रोड मात्र 10 फुट चौड़ा ही रह गया। करीब 9 साल चले केस में ग्राम पंचायत के हक में फैसला आने के बाद सोमवार को कब्जा हटवाने की कार्रवाई की गई। लोगों के कब्जे छुड़ाने के लिए रतनलाल एसडीओ के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की गई। शाम तक कुल 23 घरों पर जेसीबी चली। अभी 10 और बचे हैं, जिन पर बुधवार को भी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में गांव के सरपंच रतन सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 से आर्य नगर से शाहपुर रोड पर कब्जे की शिकायत पंचायत ने की थी। वर्षों बाद फैसला पंचायत के हक में आया।
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इससे पहले, सुबह करीब 10 बजे ही एनएचएआई के अधिकारी एक जेसीबी के साथ मौके पर पहुंच गए। जिला प्रशासन की तरफ से बीएंडआर के एसडीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया। मगर, वह किसी कारणवश मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद उनकी जगह डीडीए को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, लेकिन वह भी नहीं पहुंचे। इस पर पशुपालन विभाग के अधिकारी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया, जो करीब साढ़े 3 बजे मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के साथ ही पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा।
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ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने एक जेसीबी को बताया नाकाफी, दो और मंगवाई
मौके पर एक जेसीबी देखकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों से दो जेसीबी और उपलब्ध करवाने को कहा। इसके बाद अधिकारियों ने दो और जेसीबी का इंतजाम किया। कार्रवाई शुरू होते देखकर दुकानदारों ने सामान उठाना शुरू किया। अधिकारियों ने दुकानदारों को सामान उठाने का समय दिया। रात करीब साढ़े 9 बजे तक यह कार्रवाई चली।
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पथराव से जेसीबी का शीशा टूटा
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने एक जेसीबी पर पथराव कर दिया। इससे उक्त जेसीबी का शीशा भी टूट गया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने उन लोगों को तुरंत पकड़ लिया और अपने साथ थाने में ले गए। रात को कुछ दुकानदार उन्हें छुड़वाने के लिए थाने भी पहुंचे। रात 9 बजे तक आरोपी पुलिस की हिरासत में ही थे।
दुकानदार बोले-बिना दुकानें तोड़ें भी बन सकता है रोड
दुकानदार अमित के मुताबिक एनएचएआई को उनकी दुकानें तोड़नी जरूरी नहीं थी। इसके बिना ही सर्विस रोड बन सकता है। बावजूद इसके कुछ लोगों ने दबाव डालकर उनकी दुकानों को तुड़वाया। उन्होंने जिला प्रशासन की तरफ से दिया गया मुआवजा भी नहीं मिला। दुकानदार के मुताबिक अगर प्रशासन में हिम्मत है तो मय्यड़ में सर्विस रोड बनाकर दिखाए।
वर्ष 2018 में तोड़ी थीं दुकानें
इससे पहले, सर्विस रोड व फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए वर्ष 2018 में यहां काफी संख्या में दुकानें तोड़ी गईं थी। मगर, उस दौरान रात होने के कारण कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई थी और फिर बची हुई दुकानों पर कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि फरवरी 2019 में एक बार फिर से कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, लेकिन कार्रवाई वाले दिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट ही मौके पर नहीं पहुंचा, तब से यह सर्विस रोड अधर में लटका पड़ा हुआ है। 20 दिसंबर 2021 के अंक में अमर उजाला ने अधूरे पड़े सर्विस रोड के निर्माण की खबर प्रकाशित की। इस पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन उपायुक्त प्रियंका सोनी ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों को अधूरे पड़े इस सर्विस रोड को पूरा करवाने के आदेश दिए थे।
400 मीटर का हिस्सा पड़ा अधूरा
कैंट के सामने रिहायशी एरिया की तरफ से सर्विस रोड का करीब 400 मीटर का हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे अब बनाया जाएगा। रोड की चौड़ाई साढ़े 5 मीटर होगी। रोड के साथ-साथ बरसाती नाला भी बनाया जाएगा। इसके अलावा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान व राजकीय महिला महाविद्यालय के आगे करीब 1.5 किलोमीटर लंबा सर्विस रोड बनाया जाएगा।
49 फुट चौड़ा रोड 10 फुट का रहा तो 23 घरों पर चली जेसीबी, आज भी जारी रहेगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बालसमंद। गांव आर्यनगर में सोमवार को जिला प्रशासन ने पंचायती जमीन पर हुए कब्जों पर कार्रवाई की। ग्रामीणों ने सरकारी जगह पर कब्जा कर मकान बनाए हुए थे। इस दौरान 23 घरों पर जेसीबी चली। बुधवार को भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
आर्यनगर से शाहपुर रोड 49 फुट चौड़ा है। रोड के दोनों तरफ लोगों के कब्जा करने से रोड मात्र 10 फुट चौड़ा ही रह गया। करीब 9 साल चले केस में ग्राम पंचायत के हक में फैसला आने के बाद सोमवार को कब्जा हटवाने की कार्रवाई की गई। लोगों के कब्जे छुड़ाने के लिए रतनलाल एसडीओ के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की गई। शाम तक कुल 23 घरों पर जेसीबी चली। अभी 10 और बचे हैं, जिन पर बुधवार को भी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में गांव के सरपंच रतन सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 से आर्य नगर से शाहपुर रोड पर कब्जे की शिकायत पंचायत ने की थी। वर्षों बाद फैसला पंचायत के हक में आया।