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शहर का बस स्टैंड एरिया सबसे प्रदूषित, अब लगेंगे एयर प्यूरीफायर
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हिसार। शहर का बस स्टैंड एरिया सबसे ज्यादा प्रदूषित मिला है। यहां लोग स्वच्छ हवा में सांस ले सकें, इसके लिए यहां ऑटोमेटिक एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाए जाएंगे। संभावना है कि शहर में कुछ और जगहों पर भी यह सिस्टम लगवाए जाए।
बता दें कि शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के आदेश के बाद निगम प्रशासन ने एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगवाने को लेकर कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत निगम प्रशासन ने शहर में तीन जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक चेक (एक्यूआई) करवाया था। इनमें बस स्टैंड, पारिजात चौक व नागोरी गेट शामिल है। बस पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 323, पारिजात चौक पर 162 व नागोरी गेट पर 150 मिला था। चूंकि बस स्टैंड पर एक्यूआई सबसे ज्यादा मिला है तो सबसे पहले निगम प्रशासन ने यही एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाने का फैसला किया है।
निगम प्रशासन ने जीएमडीए से मांगा एस्टीमेट
गुरुग्राम में काफी संख्या में एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगे हैं। ऐसे में नगर निगम ने गुरुग्राम मेट्रोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) से एस्टीमेट मांगा है। वहां से एस्टीमेट मिलने के बाद निगम प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। अभी तक प्रदेश में गुरुग्राम व बल्लभगढ़ में ही एयर प्यूरीफायर सिस्टम लगे हैं।
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ऐसे काम करता है ऑटोमेटिक एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम
एयर प्यूरीफायर फिल्ट्रेशन (छानने का काम) सिद्धांत पर काम करता है। इसमें एग्जॉस्ट लगा होता है जो वातावरण में प्रदूषण फैलाने वाले कणों को सोखता है। इसके माध्यम से आसपास के प्रदूषण को 40 से 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस पर एक डिजिटल स्क्रीन भी लगी होती है,जो हवा की गुणवत्ता को दिखाती है।
बस स्टैंड पर लगेंगे एक से ज्यादा एयर प्यूरीफायर
निगम अधिकारियों की मानें तो एक एयर प्यूरीफायर करीब 10 हजार स्क्वेयर मीटर एरिया की हवा को साफ करता है, चूंकि बस स्टैंड का एरिया इससे ज्यादा है। ऐसे में यहां एक से ज्यादा एयर प्यूरीफायर सिस्टम लगाने पड़ेंगे।
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बता दें कि शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के आदेश के बाद निगम प्रशासन ने एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगवाने को लेकर कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत निगम प्रशासन ने शहर में तीन जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक चेक (एक्यूआई) करवाया था। इनमें बस स्टैंड, पारिजात चौक व नागोरी गेट शामिल है। बस पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 323, पारिजात चौक पर 162 व नागोरी गेट पर 150 मिला था। चूंकि बस स्टैंड पर एक्यूआई सबसे ज्यादा मिला है तो सबसे पहले निगम प्रशासन ने यही एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाने का फैसला किया है।
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निगम प्रशासन ने जीएमडीए से मांगा एस्टीमेट
गुरुग्राम में काफी संख्या में एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगे हैं। ऐसे में नगर निगम ने गुरुग्राम मेट्रोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) से एस्टीमेट मांगा है। वहां से एस्टीमेट मिलने के बाद निगम प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। अभी तक प्रदेश में गुरुग्राम व बल्लभगढ़ में ही एयर प्यूरीफायर सिस्टम लगे हैं।
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ऐसे काम करता है ऑटोमेटिक एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम
एयर प्यूरीफायर फिल्ट्रेशन (छानने का काम) सिद्धांत पर काम करता है। इसमें एग्जॉस्ट लगा होता है जो वातावरण में प्रदूषण फैलाने वाले कणों को सोखता है। इसके माध्यम से आसपास के प्रदूषण को 40 से 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस पर एक डिजिटल स्क्रीन भी लगी होती है,जो हवा की गुणवत्ता को दिखाती है।
बस स्टैंड पर लगेंगे एक से ज्यादा एयर प्यूरीफायर
निगम अधिकारियों की मानें तो एक एयर प्यूरीफायर करीब 10 हजार स्क्वेयर मीटर एरिया की हवा को साफ करता है, चूंकि बस स्टैंड का एरिया इससे ज्यादा है। ऐसे में यहां एक से ज्यादा एयर प्यूरीफायर सिस्टम लगाने पड़ेंगे।