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Hisar News: अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर चर्चा में रहा नगर परिषद
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हांसी नगर परिषद कार्यालय।
हांसी। यह साल नगर परिषद के लिए चुनौतियों भरा रहा। सफाई व्यवस्था इस साल बुरी तरह से प्रभावित रही। वहीं एक महीने से ज्यादा समय के लिए स्ट्रीट लाइटें भी बंद रहीं। साल के अंत तक परिषद के अधिकारियों व प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसको लेकर दो जगहों पर जांच भी चल रही है।
परिषद ने इस बार डंपिंग स्टेशन समाधा रोड पर कयामसर झील के साथ बने डंपिंग स्टेशन को लेकर कोर्ट में याचिका लगाई है। सुनवाई के दौरान डंपिंग स्टेशन पर कचरा डालने पर रोक लगी। बाद में दो महीने के लिए कचरा डालने की मंजूरी दी। वहीं डंपिंग स्टेशन के लिए परिषद को 17 कनाल 1 मरला की जमीन बीड़ फार्म के समीप मिली, लेकिन इस जगह को डंपिंग स्टेशन के लिए तैयार नहीं करवा सकी। यहां पर वाहनों के लिए रोड नहीं बना। जिसके चलते यहां पर कचरा डालने में काफी समस्या आ रही है। सितंबर महीने में स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव करने वाली कंपनी ने पेमेंट का भुगतान न होने पर करीब एक महीने के लिए काम बंद रखा। जिसके चलते शहर अंधेरे में डूबा रहा। भुगतान के बाद काम शुरू किया गया।
प्रॉपर्टी टैक्स ने किया लोगों को परेशान
प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर लोग परेशान होते रहे। लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स में त्रुटियों को लेकर परेशानी ज्यादा रही। इसे ठीक करवाने के लिए लोगों को परिषद के चक्कर काटते रहते हैं।
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अभी करना होगा इंतजार
शहर में वार्ड 24 में निर्माणाधीन शहीद मदन लाल ढींगड़ा सामुदायिक भवन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ। करीब तीन वर्षों से निर्माण कार्य चल रहा है। अगले वर्ष यह भवन बनकर तैयार होगा।
इतने हुए विकास कार्य
शहर के विकास के लिए इस वर्ष केवल एक हाउस मीटिंग हुई। जिसमें करोड़ों रुपये के प्रस्ताव पास हुए। वहीं दूसरी हाउस मीटिंग दीपावली के बाद कि जानी थी, लेकिन इसे स्थगित किया गया। शहर में करीब 6 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए। इसमें से परिषद द्वारा करीब 90 लाख रुपये का भुगतान किया गया। करीब सवा चार करोड़ रुपये का भुगतान अभी लंबित है।
अगले वर्ष यह है उम्मीद
परिषद का कार्यालय शिफ्ट करने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए पुरानी कचहरी की जमीन चिह्नित कर ली गई है। अगर सब ठीक रहा तो अगले वर्ष कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। इस पर करीब 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इसके अलावा 21 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य होंगे।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते का छापा रहा चर्चा में
नगर परिषद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निशाने पर रहा। टीम ने यहां कई बार औचक निरीक्षण किया। टीम द्वारा शहर के सभी सरकारी कार्यालयों में से सबसे ज्यादा निरीक्षण परिषद में ही किया गया। कभी यूनिपोल, सफाई व्यवस्था, प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच को लेकर छापे की कार्रवाई की। वहीं कई बार अधिकारियों सहित कई कर्मचारी गैरहाजिर भी मिले।
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परिषद ने इस बार डंपिंग स्टेशन समाधा रोड पर कयामसर झील के साथ बने डंपिंग स्टेशन को लेकर कोर्ट में याचिका लगाई है। सुनवाई के दौरान डंपिंग स्टेशन पर कचरा डालने पर रोक लगी। बाद में दो महीने के लिए कचरा डालने की मंजूरी दी। वहीं डंपिंग स्टेशन के लिए परिषद को 17 कनाल 1 मरला की जमीन बीड़ फार्म के समीप मिली, लेकिन इस जगह को डंपिंग स्टेशन के लिए तैयार नहीं करवा सकी। यहां पर वाहनों के लिए रोड नहीं बना। जिसके चलते यहां पर कचरा डालने में काफी समस्या आ रही है। सितंबर महीने में स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव करने वाली कंपनी ने पेमेंट का भुगतान न होने पर करीब एक महीने के लिए काम बंद रखा। जिसके चलते शहर अंधेरे में डूबा रहा। भुगतान के बाद काम शुरू किया गया।
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प्रॉपर्टी टैक्स ने किया लोगों को परेशान
प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर लोग परेशान होते रहे। लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स में त्रुटियों को लेकर परेशानी ज्यादा रही। इसे ठीक करवाने के लिए लोगों को परिषद के चक्कर काटते रहते हैं।
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अभी करना होगा इंतजार
शहर में वार्ड 24 में निर्माणाधीन शहीद मदन लाल ढींगड़ा सामुदायिक भवन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ। करीब तीन वर्षों से निर्माण कार्य चल रहा है। अगले वर्ष यह भवन बनकर तैयार होगा।
इतने हुए विकास कार्य
शहर के विकास के लिए इस वर्ष केवल एक हाउस मीटिंग हुई। जिसमें करोड़ों रुपये के प्रस्ताव पास हुए। वहीं दूसरी हाउस मीटिंग दीपावली के बाद कि जानी थी, लेकिन इसे स्थगित किया गया। शहर में करीब 6 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए। इसमें से परिषद द्वारा करीब 90 लाख रुपये का भुगतान किया गया। करीब सवा चार करोड़ रुपये का भुगतान अभी लंबित है।
अगले वर्ष यह है उम्मीद
परिषद का कार्यालय शिफ्ट करने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए पुरानी कचहरी की जमीन चिह्नित कर ली गई है। अगर सब ठीक रहा तो अगले वर्ष कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। इस पर करीब 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इसके अलावा 21 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य होंगे।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते का छापा रहा चर्चा में
नगर परिषद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निशाने पर रहा। टीम ने यहां कई बार औचक निरीक्षण किया। टीम द्वारा शहर के सभी सरकारी कार्यालयों में से सबसे ज्यादा निरीक्षण परिषद में ही किया गया। कभी यूनिपोल, सफाई व्यवस्था, प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच को लेकर छापे की कार्रवाई की। वहीं कई बार अधिकारियों सहित कई कर्मचारी गैरहाजिर भी मिले।