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Hisar News: आधी आबादी के लिए शहर बने सुरक्षित, स्वास्थ्य सेवाएं हों बेहतर
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नारायणी फाउंडेशन की सदस्य।
हिसार। महिलाओं के लिए शहर को सुरक्षित बनाया जाए। पिछले दिनों शहर में काफी चेन स्नेचिंग की घटनाएं हुईं, जिनमें महिलाओं को ही निशाना बनाया गया। निकाय चुनाव को लेकर आधी आबादी ने अमर उजाला के साथ अपने विचार साझा किए।
बता दें कि शहर के मतदाताओं में आधी संख्या महिला मतदाताओं की हैं। ऐसे में किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए महिला मतदाताओं और उनसे जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। यही नहीं इस बार निकाय चुनाव में काफी संख्या में महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रही हैं।
पूनम नागपाल का कहना है कि शहर में महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिले। इसे लेकर पीसीआर की गश्त बढ़ाई जाए। पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। पूजा लांबा का कहना है कि शहर में बेसहारा पशुओं का काफी आतंक फैला हुआ है। इनके कारण आए दिन हादसा हो रहा है। जो भी उम्मीदवार मेयर चुनकर आए, वह इस समस्या का स्थायी समाधान करवाए।
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नीटा नागपाल का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए। खासकर सरकारी अस्पतालों में, जहां जरूरतमंद लोग उपचार के लिए आते हैं। सुलोचना का कहना है कि शहर में जलभराव की काफी गंभीर समस्या है। इस कारण से बारिश के दिनों में शहरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर की जनता जिसे भी मेयर पद पर बैठाए, वह इस समस्या पर जरूर ध्यान दे।
शीतल सैनी ने कहा कि शहर की सड़कों की समय-समय पर सुध ली जानी चाहिए। लोगों को सड़क बनाने के लिए ही धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ता है। सड़कें किसी भी शहर की जान होती हैं। ज्योत्सना असीजा का कहना है कि शहर के सीवर आए दिन ब्लॉक रहते हैं। कई इलाकों में सीवर व्यवस्था दयनीय है। सीवर व पेयजल बुनियादी सेवाओं में आती हैं, इनकी तरफ ध्यान दिया जाना जरूरी है।
सुमनलता के मुताबिक शहर को विकास की काफी जरूरत है। जो भी नया मेयर बने, वह नई विकास योजनाओं को सिरे चढ़ाए। पूनम जांगड़ा का कहना है कि सबसे जरूरी है कि जिसे भी मेयर चुना जाए, वह जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करवाए।
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बता दें कि शहर के मतदाताओं में आधी संख्या महिला मतदाताओं की हैं। ऐसे में किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए महिला मतदाताओं और उनसे जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। यही नहीं इस बार निकाय चुनाव में काफी संख्या में महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रही हैं।
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पूनम नागपाल का कहना है कि शहर में महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिले। इसे लेकर पीसीआर की गश्त बढ़ाई जाए। पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। पूजा लांबा का कहना है कि शहर में बेसहारा पशुओं का काफी आतंक फैला हुआ है। इनके कारण आए दिन हादसा हो रहा है। जो भी उम्मीदवार मेयर चुनकर आए, वह इस समस्या का स्थायी समाधान करवाए।
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नीटा नागपाल का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए। खासकर सरकारी अस्पतालों में, जहां जरूरतमंद लोग उपचार के लिए आते हैं। सुलोचना का कहना है कि शहर में जलभराव की काफी गंभीर समस्या है। इस कारण से बारिश के दिनों में शहरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर की जनता जिसे भी मेयर पद पर बैठाए, वह इस समस्या पर जरूर ध्यान दे।
शीतल सैनी ने कहा कि शहर की सड़कों की समय-समय पर सुध ली जानी चाहिए। लोगों को सड़क बनाने के लिए ही धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ता है। सड़कें किसी भी शहर की जान होती हैं। ज्योत्सना असीजा का कहना है कि शहर के सीवर आए दिन ब्लॉक रहते हैं। कई इलाकों में सीवर व्यवस्था दयनीय है। सीवर व पेयजल बुनियादी सेवाओं में आती हैं, इनकी तरफ ध्यान दिया जाना जरूरी है।
सुमनलता के मुताबिक शहर को विकास की काफी जरूरत है। जो भी नया मेयर बने, वह नई विकास योजनाओं को सिरे चढ़ाए। पूनम जांगड़ा का कहना है कि सबसे जरूरी है कि जिसे भी मेयर चुना जाए, वह जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करवाए।