फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   CIRB Hisar has created seven cloned pieces, one re-clone.

सीआईआरबी हिसार ने तैयार किए सात क्लोन कटड़े, एक री-क्लोन भी बनाया

Fri, 17 Jul 2020 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2020 12:36 AM IST
विज्ञापन
CIRB Hisar has created seven cloned pieces, one re-clone.
2015 में तैयार किया गया हिसार गौरव व उसके साथ उसका रि-क्लोन। - फोटो : Hisar
केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान (सीआईआरबी) के वैज्ञानिकों ने उच्च नस्ल के झोटे एम-29 के सात क्लोन कटड़े तैयार किए हैं। इसके साथ ही वर्ष 2015 में तैयार किए गए क्लोन कटड़े हिसार गौरव के सेल से एक री-क्लोन भी तैयार किया गया है।
विज्ञापन

वैज्ञानिकों की इस बड़ी उपलब्धि के बाद भारत सबसे अधिक संख्या में क्लोन कटड़े बनाने वाला दुनिया का पहला देश बनने का दावा है। ये सभी क्लोन अक्तूबर 2019 से जनवरी 2020 के बीच तैयार किए गए और अभी तक कटड़ों का शारीरिक विकास और स्वास्थ्य अच्छा है। वीरवार को अनुसंधान संस्थान में निदेशक डॉ. सतबीर सिंह दहिया ने मामले की जानकारी दी।
विज्ञापन

झोटे की पूंछ के नीचे से लिया जाता है सेल
क्लोन एक वैज्ञानिक पद्धति है, जिसमें यौन संबंधों के बिना किसी पशु की हूबहू कॉपी बनाई जाती है। सैद्धांतिक रूप से पशु क्लोनिंग, पौधों में कलम लगाने के समान है, जिसे प्रजनन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। प्रोजेक्ट के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. प्रेम सिंह यादव ने बताया कि सबसे पहले झोटे की पूंछ के नीचे से सेल लिया जाता है। इस सेल को लैब में विकसित किया जाता है और कुछ दिन बाद अच्छी नस्ल की स्वस्थ भैंस के गर्भ में रख दिया जाता है। इसके बाद भैंस की उच्च निगरानी की जाती है। इस भैंस से पैदा होने वाला कटड़ा क्लोन होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

देश में 49 प्रतिशत दूध भैंस का
डॉ. सतबीर सिंह दहिया ने बताया कि दुनिया में सबसे अच्छी नस्ल की मुर्राह भैंस केवल भारत में है और दुनिया में दूध उत्पादन में भी भारत पहले नंबर पर है। वर्ष 2018-19 में भारत ने 18.7 करोड़ टन दूध का उत्पादन किया, जिसमें से 9.18 करोड़ टन (49 प्रतिशत) योगदान भैंस का रहा। क्रॉसब्रीड गायों का 5.12 करोड़ टन और स्वदेशी गायों का योगदान 3.8 करोड़ टन रहा। भारत में 11 करोड़ भैंस हैं, जो दुनिया की 56 प्रतिशत से अधिक है।
अब तक कुल 10 क्लोन तैयार
डॉ. प्रेम सिंह यादव ने बताया कि भैंस का दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सीआईआरबी ने भैंस की क्लोनिंग जैसे उन्नत वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग शुरू किया है और उच्च नस्ल के 10 क्लोन झोटे तैयार किए हैं। एक झोटा 2015 में, दूसरा 2016 में बाकी 2019-20 में पैदा किए हैं। 2015 में बनाए गए हिसार गौरव झोटे से 10 हजार से अधिक सीमन डोज तैयार की जा चुकी हैं और इसके सीमन से 25 से अधिक स्वस्थ बच्चे पैदा किए जा चुके हैं। क्लोन झोटों की जनन क्षमता गैर-क्लोन झोटों के बराबर पाई गई। उन्होंने बताया कि आसामीज भैंस के फील्ड में पैदा किए गए क्लोन कटड़े से भी 1200 से अधिक सीमन डोज तैयार की जा चुकी हैं।
नस्ल सुधार के माध्यम से दूध उत्पादन लक्ष्य
उन्होंने बताया कि क्लोन तैयार करने की यह पूरी सफलता एनएएसएफ प्रोजेक्ट के तहत हासिल हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक उच्च नस्ल के झोटे पैदा करना है। क्लोन झोटों के सीमन का इस्तेमाल करके नस्ल सुधार के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। क्लोनिंग तकनीक कम समय में उच्च नस्ल के झोटों को तेजी से बढ़ाने के लिए अच्छा विकल्प है।
इन वैज्ञानिकों की टीम ने पाई सफलता
डॉ. प्रेम सिंह यादव, डॉ. नरेश एल सेलोकर, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. राकेश कुमार शर्मा, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. मोनिका सैनी और डॉ. सीमा दुआ।

अब पहली बार भैंस का भी बनेगा क्लोन
केंद्र के निदेशक डॉ. सतबीर सिंह दहिया ने बताया कि झोटों के क्लोन के बाद अब संस्थान भैंस के क्लोन के लिए काम कर रहा है। संभवत हमारा पहला ऐसा संस्थान होगा, जो क्लोन से कटड़ी भी तैयार करेगा। इसके लिए उच्च नस्ल की भैंसों के सेल फ्रीज किए गए हैं। जल्द ही उनकी क्लोन बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी और संभवत इसी वर्ष हम सफलता हासिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि उनके केंद्र में छह ऐसी उच्च नस्ल की भैंस हैं, जिनका एक ब्यांत का दुग्ध उत्पादन चार हजार लीटर है। 66 भैंस ऐसी हैं, जिनका एक ब्यांत का दुग्ध उत्पादन तीन हजार लीटर से भी अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed