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बच्चा दान करने की परंपरा गलत : ज्योति बैंदा

Wed, 14 Apr 2021 01:34 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 14 Apr 2021 01:34 AM IST
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child welfare commission chairperson spoke that traditon of child donation is wrong
समाधा मंदिर के बाबा से बातचीत करतीं ज्योति बैंदा। - फोटो : Hisar
हांसी (हिसार)। समाधा मंदिर में बच्चे दान करने के मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा मंगलवार को मंदिर में जांच करने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि बच्चा दान करने की परंपरा गलत है। चेयरपर्सन ने मंदिर में मौजूद बाबा से रिकॉर्ड तलब किया। मंदिर के कमरों में रखी अलमारियों को खंगाला। चेयरपर्सन रेस्ट हाउस में पहुंचीं और पूर्व में मंदिर में रहने वाले 5 वर्षीय बच्चे की माता की काउंसिलिंग की। इसके अलावा उन्होंने हाल में मंदिर में बच्चा दान करने वाले माता-पिता की भी काउंसिलिंग की। चेयरपर्सन ने मंदिर में रहने वाले बच्चे को रेस्क्यू करने के बाल संरक्षण अधिकारी को निर्देश दिए। इसके अलावा बच्चे का मेडिकल करवाया जाएगा व मनोवैज्ञानिक से काउंसिलिंग करने के भी निर्देश दिए।
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चेयरपर्सन ज्योति बैंदा ने कहा कि इस प्रकार से मंदिर में बच्चों को दान देने की परंपरा गलत है और यह रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिला बाल संरक्षण अधिकारी को आदेश जारी किए गए हैं व बच्चों की पूरी मॉनीटरिंग उनके द्वारा की जाएगी। जिस व्यक्ति ने कुछ वर्ष पूर्व मंदिर में बच्चा दान किया था, उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए लिखा गया है। जिला पुलिस को भी इस प्रकार के मामलों में संवेदनशीलता व गंभीरता से कार्रवाई करने के चेयरपर्सन ने निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व जो बच्चा दान करने वाले माता-पिता की काउंसिलिंग की गई है और उन्होंने भी बच्चे की परवरिश करने की बात कमेटी के सामने कही है। बाल संरक्षण अधिकारी इस मामले में भी लगातार परिवार से संपर्क में रहेगी।
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सीडी व नशे का सामान किया जब्त
टीम ने समाधा मंदिर के अंदर उन जगहों पर सीसीटीवी कैमरों की जांच पड़ताल की, जहां पर दान किया हुआ बच्चा रहता था और जहां पर महंत पंचमपुरी रहते थे। इसके अलावा मंदिर में अलमारियों व बेड को भी बारीकी से खंगाला गया। मंदिर से कुछ सीडी, बीड़ी, सिगरेट व चिलम पाई गई, जिसे टीम ने अपने कब्जे में लेकर जांच के पुलिस को सौंप दिया। मंदिर के बाबा से टीम ने पूछा कि गांजा कहां से लेकर आते हो तो मंदिर के बाबा ने कहा कि यहां पर बाहर से कई बाबा आते जाते रहते हैं जो गांजा पीते हैं।
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टीम ने बच्चे के पिता के खिलाफ मामला दर्ज करने के दिए आदेश
मंदिर में दान किए हुए पूनमपुरी बच्चे के पिता सतीश के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करने के लिए पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए हैं और कहा कि आप अपने बच्चों को ऐसे दान नहीं कर सकते। आपने बच्चे का भविष्य खराब करने की कोशिश की है।
ये रहे मौजूद : इस पूरी कार्रवाई के दौरान डीएसपी विनोद शंकर, तहसीलदार जयबीर सिंह, वार्ड- 2 के पार्षद हरिराम सैनी, वार्ड-3 के पार्षद प्रतिनिधि सुनील सैनी, महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता, शहर थाना प्रभारी रामफल सिंह व जिला पुलिस प्रवक्ता सुभाष शर्मा आदि मौजूद रहे।
माता-पिता की बनती है पालन पोषण की जिम्मेदारी
कानून के अनुसार 18 वर्ष तक बच्चे के पालन पोषण की जिम्मेदारी माता-पिता की है। अगर किसी माता-पिता को अपना बच्चा दान करना है तो इसके लिए जिला बाल संरक्षण कमेटी से संपर्क कर सकता है। बच्चों को गोद लेने के लिए देश में कानून बना हुआ है। इस प्रकार से मंदिर में या किसी अन्य संस्था को बच्चा दान करना गलत है। आयोग ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर कार्रवाई करता है। हांसी में इस प्रकार का एक मामला संज्ञान में आया था, जिसकी जांच के लिए पहुंची थी। मंदिर से कुछ सामान जब्त किया गया है व रेस्क्यू किया गया बच्चा अभी शैशव कुंज में रहेगा।

-ज्योति बैंदा, चेयरपर्सन, बाल अधिकार संरक्षण आयोग।
पूछताछ की जाएगी
मंदिर में दान किया हुआ 5 वर्षीय बच्चा पूनमपुरी की जन्मतिथि व अन्य कागजात के बारे में पूछताछ की जाएगी। महंत पंचमपुरी मंदिर के मठ के पूर्व मैनेजर चंदनपुरी पर गोली चलाने के आरोप में तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। उससे बच्चा दान देने को लेकर पूरी जानकारी जुटाई जाएगी और बच्चे के दान देने के पूरे रिकॉर्ड को भी हासिल किया जाएगा।
-विनोद शंकर, डीएसपी, हांसी।
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