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नो-पार्किंग से गाड़ी उठाई, पुलिसकर्मी के बेटे की बुलेट का काटा 22 हजार का चालान
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Car lifted from no-parking, policeman's son's bike bullet cut chalan 22 thousand
- फोटो : Hisar
शहर के बीचोंबीच बनी दिल्ली रोड को जाम मुक्त करने की प्रशासन ने गंभीरता से तैयारी शुरू कर दी है। वीरवार से ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से दिल्ली रोड पर नो-पार्किंग जोन में लगी गाड़ियों को क्रेन से उठवाया जाएगा। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए एक दिन पहले बुधवार को इस रोड पर ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम अधिकारियों और आरएसओ टीम ने दुकानदारों को नए प्रावधान के बारे में हिदायत दी। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने कई गाड़ियों के चालान भी किए। गौरतलब है कि डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने ट्रैफिक पुलिस व निगम प्रशासन को दिल्ली रोड पर सड़क पर ही कार पार्किंग करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निगम की बीऐंडआर सब कमेटी व इससे पहले हाउस की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था।
790 रुपये का चालान कर छोड़ी कार
ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार को राजगुरु मार्केट, सिटी थाना के नजदीक, तलाकी गेट, कैंप चौक सहित कई जगह ट्रायल चलाकर कई गाड़ियों के चालान किए। इस दौरान पुलिस ने कैंप निवासी मोहित की कार को भी जब्त कर लिया। कार को मोहित के भाई विकास ने कैंप चौक के पास रोड पर ही खड़ा किया हुआ था। विकास के अनुसार वह कैंप चौक पर दुकान से दवा खरीदने आया था, लेकिन कार खराब होने पर उसे वहीं खड़ी करनी पड़ी। मौके पर ही ट्रैफिक पुलिस ने जब उसे गाड़ी के कागजात दिखाने को कहा तो उसके पास आरसी न होने पर कार को क्रेन की मदद से थाने पहुंचा दिया गया। देर शाम विकास ने थाने में जाकर आरसी दिखाई तो पुलिस ने उसका 790 रुपये का चालान कर कार वापस दे दी।
मानकों के मुताबिक नहीं था साइलेंसर
ट्रायल के दौरान पुलिस ने कैंप चौक के पास ही नो-पार्किंग में खड़ी बुलेट बाइक के चालक को कागजात दिखाने को कहा तो वह स्वयं को पुलिसकर्मी का बेटा बताने लगा। इस दौरान पुलिस को उसने अपना नाम खांडाखेड़ी निवासी अमित बताया। बुलेट पर लगा साइलेंसर मानकों के मुताबिक न होने, हेलमेट, शीशे व हाई सिक्योरिटी नंबर सहित कई कमियां होने पर 22 हजार रुपये का चालान कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर सुंदर नगर निवासी सोनू के बुलेट का भी चालान हुआ। इस बुलेट पर लगा साइलेंसर मानकों मुताबिक न होने के अलावा प्रदूषण संबंधी सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट व हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसी कमियां थी। बाइक चलाते समय चालक फोन पर भी बात कर रहा था, इसलिए 31 हजार 500 रुपये का चालान काटा गया।
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प्रशिक्षण देने वाली कार का किया 6 हजार रुपये चालान
ट्रायल के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने कार चलाने का प्रशिक्षण देने वाली एक कार के चालक के पास लाइसेंस न होने पर और कार चलाने के दौरान सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने पर 6 हजार रुपये का चालान किया।
महिलाओं के आगे बेबस दिखी ट्रैफिक पुलिस
ट्रायल के दौरान कैंप चौक पर ही नो-पार्किंग में लगी एक कार को जब ट्रैफिक पुलिस इंपाउंड करने लगी तो उसी दौरान चालक महिला ने पुलिस को ऐसा करने से रोक दिया। महिला ने खुद को डीसी कार्यालय में कार्यरत बताया। महिला ने पुलिसकर्मियों को यह तक कह डाला कि कार्रवाई करनी है तो उन सभी जगह पर खड़ी कारों पर करें, जो नो-पार्किंग में लगी है, सिर्फ उनकी कार को लेकर कार्रवाई क्यों। पुलिस व महिलाकर्मी के बीच बहस के बाद कार को बिना कार्रवाई ही छोड़ना पड़ा। इसके बाद कैंप चौक पर ही कुछ दूरी पर जब पुलिस एक बुलेट का चालान कर रही थी तो अचानक स्कूटी सवार महिला को कार चालक ने पीछे से टक्कर मार दी और महिला पुलिसकर्मी के ऊपर ही गिरते-गिरते बची। हालांकि, महिला को कोई चोट नहीं पहुंची, लेकिन पुलिस ने कार चालक को कुछ भी नहीं कहा तो महिला रोष में आकर ट्रैफिक पुलिस से ही बहस करने लगी। करीब 10 मिनट की बहस के बाद वह महिला भी वहां से निकल गई।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा
दिल्ली रोड पर अवैध रूप से सड़क पर ही गाड़ी पार्क करने से होने वाली परेशानी का मुद्दा अमर उजाला ने समय समय पर उठाकर प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा है। नवनियुक्त डीसी डॉ. प्रियंका सोनी के सामने भी अमर उजाला ने ही यह मुद्दा रखा था।
वीरवार से नो-पार्किंग जोन में लगी कारों को इंपाउंड करेंगे। इसी को लेकर ट्रायल किया था। कई वाहनों के चालान भी किए गए। दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई है कि उनकी दुकानों के बाहर नो-पार्किंग में कार खड़ी नहीं होनी चाहिए। - शमशेर सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक पुलिस।
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790 रुपये का चालान कर छोड़ी कार
ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार को राजगुरु मार्केट, सिटी थाना के नजदीक, तलाकी गेट, कैंप चौक सहित कई जगह ट्रायल चलाकर कई गाड़ियों के चालान किए। इस दौरान पुलिस ने कैंप निवासी मोहित की कार को भी जब्त कर लिया। कार को मोहित के भाई विकास ने कैंप चौक के पास रोड पर ही खड़ा किया हुआ था। विकास के अनुसार वह कैंप चौक पर दुकान से दवा खरीदने आया था, लेकिन कार खराब होने पर उसे वहीं खड़ी करनी पड़ी। मौके पर ही ट्रैफिक पुलिस ने जब उसे गाड़ी के कागजात दिखाने को कहा तो उसके पास आरसी न होने पर कार को क्रेन की मदद से थाने पहुंचा दिया गया। देर शाम विकास ने थाने में जाकर आरसी दिखाई तो पुलिस ने उसका 790 रुपये का चालान कर कार वापस दे दी।
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मानकों के मुताबिक नहीं था साइलेंसर
ट्रायल के दौरान पुलिस ने कैंप चौक के पास ही नो-पार्किंग में खड़ी बुलेट बाइक के चालक को कागजात दिखाने को कहा तो वह स्वयं को पुलिसकर्मी का बेटा बताने लगा। इस दौरान पुलिस को उसने अपना नाम खांडाखेड़ी निवासी अमित बताया। बुलेट पर लगा साइलेंसर मानकों के मुताबिक न होने, हेलमेट, शीशे व हाई सिक्योरिटी नंबर सहित कई कमियां होने पर 22 हजार रुपये का चालान कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर सुंदर नगर निवासी सोनू के बुलेट का भी चालान हुआ। इस बुलेट पर लगा साइलेंसर मानकों मुताबिक न होने के अलावा प्रदूषण संबंधी सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट व हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसी कमियां थी। बाइक चलाते समय चालक फोन पर भी बात कर रहा था, इसलिए 31 हजार 500 रुपये का चालान काटा गया।
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प्रशिक्षण देने वाली कार का किया 6 हजार रुपये चालान
ट्रायल के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने कार चलाने का प्रशिक्षण देने वाली एक कार के चालक के पास लाइसेंस न होने पर और कार चलाने के दौरान सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने पर 6 हजार रुपये का चालान किया।
महिलाओं के आगे बेबस दिखी ट्रैफिक पुलिस
ट्रायल के दौरान कैंप चौक पर ही नो-पार्किंग में लगी एक कार को जब ट्रैफिक पुलिस इंपाउंड करने लगी तो उसी दौरान चालक महिला ने पुलिस को ऐसा करने से रोक दिया। महिला ने खुद को डीसी कार्यालय में कार्यरत बताया। महिला ने पुलिसकर्मियों को यह तक कह डाला कि कार्रवाई करनी है तो उन सभी जगह पर खड़ी कारों पर करें, जो नो-पार्किंग में लगी है, सिर्फ उनकी कार को लेकर कार्रवाई क्यों। पुलिस व महिलाकर्मी के बीच बहस के बाद कार को बिना कार्रवाई ही छोड़ना पड़ा। इसके बाद कैंप चौक पर ही कुछ दूरी पर जब पुलिस एक बुलेट का चालान कर रही थी तो अचानक स्कूटी सवार महिला को कार चालक ने पीछे से टक्कर मार दी और महिला पुलिसकर्मी के ऊपर ही गिरते-गिरते बची। हालांकि, महिला को कोई चोट नहीं पहुंची, लेकिन पुलिस ने कार चालक को कुछ भी नहीं कहा तो महिला रोष में आकर ट्रैफिक पुलिस से ही बहस करने लगी। करीब 10 मिनट की बहस के बाद वह महिला भी वहां से निकल गई।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा
दिल्ली रोड पर अवैध रूप से सड़क पर ही गाड़ी पार्क करने से होने वाली परेशानी का मुद्दा अमर उजाला ने समय समय पर उठाकर प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा है। नवनियुक्त डीसी डॉ. प्रियंका सोनी के सामने भी अमर उजाला ने ही यह मुद्दा रखा था।
वीरवार से नो-पार्किंग जोन में लगी कारों को इंपाउंड करेंगे। इसी को लेकर ट्रायल किया था। कई वाहनों के चालान भी किए गए। दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई है कि उनकी दुकानों के बाहर नो-पार्किंग में कार खड़ी नहीं होनी चाहिए। - शमशेर सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक पुलिस।