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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Can't your parents keep you? If you want to stay in the hostel, you'll have to massage my hands and feet.

Hisar News: क्या तुझे तेरे मां-बाप रख नहीं सकते, छात्रावास में रहना है तो मेरे हाथ-पांव दबाने होंगे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 12:16 AM IST
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Can't your parents keep you? If you want to stay in the hostel, you'll have to massage my hands and feet.
गांव किरतान स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय।
बालसमंद। गांव किरतान स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्रावास की वार्डन पर छात्राओं से दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि वार्डन ने एक छात्रा से कहा- क्या तुझे तेरे मां-बाप रख नहीं सकते, छात्रावास में रहना है तो मेरे हाथ-पांव दबाने होंगे। परिजन की शिकायत के बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट में आरोप साबित होने पर वार्डन का तबादला कर दिया गया है।
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ग्रामीण रोहताश ने बताया कि गांव में पिछले कई वर्षों से कस्तूरबा गांधी स्कूल संचालित है। पिछले सप्ताह एक परिचित ने अपनी बेटी का स्कूल में दाखिला करवाने के लिए उनसे मदद मांगी थी। छात्रा के परिजनों के साथ स्कूल पहुंचकर स्टाफ से बातचीत की गई। स्टाफ ने आवश्यक कागजात बताए और दाखिला देने की बात कही। छात्रा हॉस्टल वार्डन सुमन से मिली तो कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि वार्डन ने छात्रा से कहा कि वह 14 साल की हो गई है और यहां क्यों आई है। क्या तेरे मां-बाप तुझे रख नहीं सकते। छात्रावास में रहना है तो मेरे हाथ-पांव दबाने होंगे। छात्रा ने यह बात परिजनों को बताई। इसके बाद रोहताश ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की।
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जांच कमेटी ने छात्राओं के बयान लिए

शिकायत के बाद बीईओ राकेश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई। समिति में प्राचार्य आदर्श चौधरी और गीता सहरावत को शामिल किया गया। समिति ने सोमवार को स्कूल पहुंचकर जांच की। इस दौरान छात्रावास में रहने वाली छात्राओं से बातचीत कर बयान दर्ज किए गए। छात्राओं ने वार्डन पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। समिति के समक्ष ग्रामीणों ने एक छात्रा के स्वास्थ्य से जुड़े मामले में भी वार्डन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि एक छात्रा के अंगूठे में दर्द होने के बावजूद उसके परिजनों से समय पर संपर्क नहीं किया गया। परिजन जब खुद मिलने पहुंचे तो उन्हें मामले की जानकारी मिली।
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पहले 75 छात्राएं थीं, अब 30 रह गईं

ग्रामीण रोहताश ने बताया कि कुछ समय पहले तक इस छात्रावास में करीब 75 छात्राएं रहती थीं, लेकिन वार्डन के व्यवहार से परेशान होकर कई छात्राओं ने छात्रावास छोड़ दिया। अब छात्रावास में करीब 30 छात्राएं ही रह रही हैं।


वार्डन पर एक छात्रा ने आरोप लगाया था। जांच के लिए कमेटी गठित की। जांच में आरोप साबित होने के बाद हॉस्टल वार्डन का तबादला कर दिया गया है। विद्यालय में अब व्यवस्था सुचारू है। पात्र छात्राएं दाखिला लेकर मुफ्त शिक्षा, रहने, खाने-पीने की सुविधा ले सकती हैं।

-राकेश चराया, खंड शिक्षा अधिकारी, हिसार द्वितीय
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