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ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने तक बंद रहेगा कैमरी रोड फाटक
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Camry Road gate will remain closed till the completion of overbridge construction
- फोटो : Hisar
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हिसार। अब ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने तक कैमरी रोड रेलवे फाटक वाहनों के आवागमन के लिए बंद रहेगा। अंडरपास के पहले ओवरब्रिज का काम पूरा किया जाएगा। फाटक बंद रहने से वाहन चालकों को गुजरने के लिए वैकल्पिक कैमरी-तोशाम रोड का इस्तेमाल करना होगा।
बता दें कि पहले एजेंसी की प्लानिंग थी कि ओवरब्रिज से पहले अंडरपास बनाकर तैयार कर दिया जाएगा ताकि ओवरब्रिज का काम जारी रहने पर भी वाहन अंडरपास से गुजर सके। मगर अब प्लानिंग में बदलाव किया गया है। अब पहले ओवरब्रिज के बचे हुए काम को पूरा किया जाएगा। एजेंसी की मानें तो अंडरपास के बनने के बाद ओवरब्रिज का काम करने में अड़चन आएगी। इसी को देखते हुए पहले ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करने का फैसला किया गया है।
तीन माह का लगेगा समय : अभी ओवरब्रिज का रेलवे ट्रैक के ऊपर का निर्माण कार्य बाकी है। यह हिस्सा 76 मीटर लंबा है। यह एक खास डिजाइन (बो स्टिंग गार्डर) का बनाया जाएगा। एजेंसी के मुताबिक इस हिस्से को बनाने में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। हालांकि अभी इस हिस्से की लॉन्चिंग ड्राइंग रेलवे ने मंजूर नहीं की है। मगर उससे पहले इस हिस्से पर 8 पिलर खड़े किए जाएंगे। इन पिलरों की मदद से 750 टन वजनी दो स्टील गार्डर रखे जाएंगे। इन गार्डर पर ही स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इस स्लैब को स्पोर्ट देने के लिए बो स्टिंग डिजाइन का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
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40 करोड़ है प्रोजेक्ट की लागत
निर्माणाधीन ओवरब्रिज व अंडरपास की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। हालांकि पहले इसका बजट 24.50 करोड़ रुपये था। मगर बाद में ओवरब्रिज की ड्राइंग में फेरबदल होने से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई। फरवरी 2020 में इस प्रोजेक्ट का काम शुरू हुआ था। आरओबी की लंबाई करीब 580 मीटर व अंडरपास की लंबाई करीब 240 मीटर है।
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बता दें कि पहले एजेंसी की प्लानिंग थी कि ओवरब्रिज से पहले अंडरपास बनाकर तैयार कर दिया जाएगा ताकि ओवरब्रिज का काम जारी रहने पर भी वाहन अंडरपास से गुजर सके। मगर अब प्लानिंग में बदलाव किया गया है। अब पहले ओवरब्रिज के बचे हुए काम को पूरा किया जाएगा। एजेंसी की मानें तो अंडरपास के बनने के बाद ओवरब्रिज का काम करने में अड़चन आएगी। इसी को देखते हुए पहले ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करने का फैसला किया गया है।
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तीन माह का लगेगा समय : अभी ओवरब्रिज का रेलवे ट्रैक के ऊपर का निर्माण कार्य बाकी है। यह हिस्सा 76 मीटर लंबा है। यह एक खास डिजाइन (बो स्टिंग गार्डर) का बनाया जाएगा। एजेंसी के मुताबिक इस हिस्से को बनाने में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। हालांकि अभी इस हिस्से की लॉन्चिंग ड्राइंग रेलवे ने मंजूर नहीं की है। मगर उससे पहले इस हिस्से पर 8 पिलर खड़े किए जाएंगे। इन पिलरों की मदद से 750 टन वजनी दो स्टील गार्डर रखे जाएंगे। इन गार्डर पर ही स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इस स्लैब को स्पोर्ट देने के लिए बो स्टिंग डिजाइन का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
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40 करोड़ है प्रोजेक्ट की लागत
निर्माणाधीन ओवरब्रिज व अंडरपास की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। हालांकि पहले इसका बजट 24.50 करोड़ रुपये था। मगर बाद में ओवरब्रिज की ड्राइंग में फेरबदल होने से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई। फरवरी 2020 में इस प्रोजेक्ट का काम शुरू हुआ था। आरओबी की लंबाई करीब 580 मीटर व अंडरपास की लंबाई करीब 240 मीटर है।