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बीएसएनएल के जीएम समेत पांच पर चलेगा धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:46 AM IST
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न्यायिक दंडाधिकारी पुनीत लिंबा की अदालत ने गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षडयंत्र रचने संबंधी इस्तगासे के आधार पर बीएसएनल के चार अधिकारियों और एक कॉन्ट्रेक्टर को बतौर आरोपी तलब किया है। कोर्ट ने अगली तारीख 21 अप्रैल निर्धारित की है। इनमें बीएसएनएल के जिला हिसार के तत्कालीन महाप्रबंधक एमएम अग्निहोत्री, तत्कालीन मुख्य लेखाधिकारी रमेश कुमार सिला, तत्कालीन उप महाप्रबंधक(अब महाप्रबंधक) राकेश कुमार वर्मा, सहायक महाप्रबंधक एलसी सहारण और कॉन्ट्रेक्टर योगेश कुमार शामिल हैं।
इस संबंध में कॉन्ट्रेक्टर के मार्फत लगे 6 वर्करों ने अदालत में इस्तगासा दायर किया था। उन्होंने इस्तगासे में कहा कि बीएसएनएल के टेंडर नंबर 870 और 871 यानी के 30 मार्च 2012 से 29 मार्च 2013 तक कॉन्ट्रैक्टर योगेश कुमार प्रोपराइटर केशव सिक्योरिटी सर्विस नई दिल्ली के पास थे। बीएसएनएल में ठेका प्रथा शुरू होने के बाद सभी काम ठेकेदारों द्वारा कराए जाते हैं। उनकी सैलरी में से रकम काटी जाती रही। वे कहते थे कि तुम्हारे रुपये ईपीएफ, ईएसआई द्वारा मुहैया करा दिये जाएंगे और उनको सैलरी के 3400 रुपये प्रतिमाह दिये गए। इसके अलावा 786 रुपये ईपीएफ व ईएसआई में जमा कराने का आश्वासन देते रहे। जबकि उनका ईपीएफ व ईएसआई का खाता भी नहीं खुलवाया गया। इस तरह उन्होंने गबन किया। इन सभी ने साज-बाज होकर उनके रुपये हड़प लिये। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2012 में उनको 4180 रुपये सेलरी देना दर्शाया है और उस हिसाब से रकम साज-बाज होकर सरकारी खजाने से निकाल ली। रसीद पर हमारे फर्जी साइन किये गए। उक्तजनों ने साज-बाज होकर सैलरी सीट पर फर्जी साइन कर हमें नुकसान पहुंचाकर जालसाजी की है। हमने तत्कालीन सांसद अशोक तंवर और एसपी को शिकायत दी थी, मगर कार्रवाई नहीं हुई। इस बारे में बड़वाली ढाणी के सुनील, टोहाना के सुरजीत, किराड़ा के सूरजमल, आजाद नगर के पृथ्वी सिंह, सिरसा के मदन और न्यू जवाहर नगर के पवन पांडे ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने बीएसएनएल के चार अधिकारियों और एक ठेकेेदार को बतौर आरोपी 21 अप्रैल को तलब किया है।
हैंडराइटिंग एक्सपर्ट व पुलिस रिपोर्ट में जालसाजी का खुलासा
शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की गवाही कराई। एक्सपर्ट ने कहा कि बीएसएनल रिकॉर्ड की सैलरी सीट में फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। कोर्ट ने मामला पुलिस के पास भेजा था। पुलिस ने जांच रिपोर्ट में लिखा था कि आरोपी नंबर एक, दो, तीन, छह और सात ने मिलकर यह धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन किया है। कोर्ट ने पूरे परिवाद को सुनने के बाद पांच लोगों को आरोपी मानकर उनको तलब करते हुए 21 अप्रैल की तिथि निर्धारित कर दी। इस्तगासे में नामजद पांचों आदमी अब आगामी तारीख पर कोर्ट में पेश होंगे।
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इस संबंध में कॉन्ट्रेक्टर के मार्फत लगे 6 वर्करों ने अदालत में इस्तगासा दायर किया था। उन्होंने इस्तगासे में कहा कि बीएसएनएल के टेंडर नंबर 870 और 871 यानी के 30 मार्च 2012 से 29 मार्च 2013 तक कॉन्ट्रैक्टर योगेश कुमार प्रोपराइटर केशव सिक्योरिटी सर्विस नई दिल्ली के पास थे। बीएसएनएल में ठेका प्रथा शुरू होने के बाद सभी काम ठेकेदारों द्वारा कराए जाते हैं। उनकी सैलरी में से रकम काटी जाती रही। वे कहते थे कि तुम्हारे रुपये ईपीएफ, ईएसआई द्वारा मुहैया करा दिये जाएंगे और उनको सैलरी के 3400 रुपये प्रतिमाह दिये गए। इसके अलावा 786 रुपये ईपीएफ व ईएसआई में जमा कराने का आश्वासन देते रहे। जबकि उनका ईपीएफ व ईएसआई का खाता भी नहीं खुलवाया गया। इस तरह उन्होंने गबन किया। इन सभी ने साज-बाज होकर उनके रुपये हड़प लिये। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2012 में उनको 4180 रुपये सेलरी देना दर्शाया है और उस हिसाब से रकम साज-बाज होकर सरकारी खजाने से निकाल ली। रसीद पर हमारे फर्जी साइन किये गए। उक्तजनों ने साज-बाज होकर सैलरी सीट पर फर्जी साइन कर हमें नुकसान पहुंचाकर जालसाजी की है। हमने तत्कालीन सांसद अशोक तंवर और एसपी को शिकायत दी थी, मगर कार्रवाई नहीं हुई। इस बारे में बड़वाली ढाणी के सुनील, टोहाना के सुरजीत, किराड़ा के सूरजमल, आजाद नगर के पृथ्वी सिंह, सिरसा के मदन और न्यू जवाहर नगर के पवन पांडे ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने बीएसएनएल के चार अधिकारियों और एक ठेकेेदार को बतौर आरोपी 21 अप्रैल को तलब किया है।
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हैंडराइटिंग एक्सपर्ट व पुलिस रिपोर्ट में जालसाजी का खुलासा
शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की गवाही कराई। एक्सपर्ट ने कहा कि बीएसएनल रिकॉर्ड की सैलरी सीट में फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। कोर्ट ने मामला पुलिस के पास भेजा था। पुलिस ने जांच रिपोर्ट में लिखा था कि आरोपी नंबर एक, दो, तीन, छह और सात ने मिलकर यह धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन किया है। कोर्ट ने पूरे परिवाद को सुनने के बाद पांच लोगों को आरोपी मानकर उनको तलब करते हुए 21 अप्रैल की तिथि निर्धारित कर दी। इस्तगासे में नामजद पांचों आदमी अब आगामी तारीख पर कोर्ट में पेश होंगे।
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