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ब्रॉडबैंड के इंतजार में 7 स्वाइप मशीनें फांक रही धूल
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Thu, 02 Mar 2017 12:49 AM IST
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कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए रोडवेज में आई स्वाइप मशीनें दो महीने से पड़ी धूल फांक रही हैं, लेकिन मुख्यालय से ब्रॉडबैंड कनेक्शन की स्वीकृति न मिलने के चलते इन मशीनों का प्रयोग आरंभ नहीं किया जा सका है। नोटबंदी के बाद आई कैश की समस्या को लेकर प्रशासन ने सभी विभागों की बैठक बुलाकर कैशलेस प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए स्वाइप मशीनें प्रयोग करने के आदेश जारी किये थे। जिसके तहत करीब सभी सरकारी विभागों ने अपने-अपने मुख्यालयों से स्वाइप मशीनों की संख्या का एस्टीमेट बनाकर भेजा था।
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रोडवेज ने की थी 330 मशीनों की मांग
रोडवेज ने भी जिले में बने सभी बस स्टैंडों के लिए 330 मशीनों की डिमांड की थी, लेकिन 330 में से रोडवेज को सिर्फ 7 स्वाइप मशीनें भेजी गईं थीं, लेकिन इन मशीनों का भी प्रयोग आरंभ नहीं किया जा सका। प्रशासन की मांग पर रोडवेज मुख्यालय की ओर से उपलब्ध करवाई गई। स्वाइप मशीनों को सिर्फ ब्रॉडबैंड कनेक्शन के साथ ही प्रयोग किया जा सकता है, जबकि रोडवेज ने वायरलेस मशीनों की डिमांड की थी। इसके बावजूद मुख्यालय ने वायरलेस की बजाय ब्रॉडबैंड कनेक्शनों के जरिये चलने वाली स्वाइप मशीनों को उपलब्ध करवाया तथा अब एसटीडी कनेक्शनों की डिमांड किए हुए भी करीब दो महीने हो चुके हैं, लेकिन मुख्यालय की ओर से इस बारे में कोई नोटिस नहीं भेजा गया है।
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हिसार के सभी ब्लॉकों में लगनी थीं स्वाइप मशीने
रोडवेज ने 330 स्वाइप मशीनों की डिमांड की थी। इन मशीनों को जिले के सभी खंडों में बने बस स्टैंडों पर लगाया जाना था। जिले में हिसार बस स्टेंड सहित, हांसी, उकलाना, बरवाला, नारनौंद, आदमपुर आदि सभी बस स्टेंडों पर इन मशीनों का प्रयोग किया जाना था, लेकिन रोडवेज मुख्यालय ने सिर्फ 7 मशीनें उपलब्ध करवाई, लेकिन इन मशीनों का भी प्रयोग नहीं हो पा रहा है।
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रोडवेज मुख्यालय को स्वाइप मशीनों को चलाने के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्शन के लिए डिमांड भेजी गई थी, लेकिन दो महीने के करीब समय बीतने के बाद भी मुख्यालय से मशीनों को लेकर फोन कनेक्शन लगवाने की कोई सूचना नहीं भेजी गई है।
- खूबीराम कौशल, जीएम, रोडवेज, हिसार।