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Hisar News: बिना कब्जे हटाए सातरोड में तालाबों का सुंदरीकरण शुरू
Mon, 10 Mar 2025 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 10 Mar 2025 12:18 AM IST
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हिसार। नगर निगम ने सातरोड में तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य शुरू करवा दिया है। खास बात यह है कि कब्जों को हटाए बिना ही यह कार्य करवाया जा रहा है। ठेकेदार की तरफ से पहले तालाबों की चहारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है, जबकि चहारदीवारी के बाहर भी तालाब की काफी जमीन पर है, जिस पर अवैध निर्माण हो रखे हैं। यही नहीं तालाब की जमीन पर सरकारी कार्यालय भी बने हुए हैं।
बता दें कि सातरोड में तीन तालाब हैं, जिनके नाम रामसरा, माइथन व ढाब है। नगर निगम की तरफ से करीब दो साल पहले शहर के 4 तालाबों के सुंदरीकरण की योजना बनाई गई थी, जिनमें सातरोड के तीन व आजाद नगर का एक तालाब शामिल है। हालांकि तालाब की जमीन पर बनाए गए कुछ अवैध निर्माण को तोड़ा भी गया है, लेकिन इनमें पशु बाड़े आदि ही शामिल हैं। नियमानुसार तालाब की जमीन पर न तो कुछ निर्माण किया जा सकता है और न ही किसी अन्य कार्य के लिए तालाब की जमीन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
तीनों तालाबों पर कर रखे हैं कब्जे
गांव के तीनों तालाबों पर कब्जे हो रखे हैं। सबसे ज्यादा कब्जे रामसरा तालाब की जमीन पर है। निगम की मानें तो 153 लोगों ने तालाब पर जमीन पर पक्के निर्माण किए हुए हैं। हालांकि निगम की तरफ से इन कब्जाधारियों को नोटिस थमाए गए थे। कब्जाधारियों का तर्क था कि वर्ष 1942 में गांव में बनाए गए सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण के लिए चंदा दिया था। साथ ही मजदूरी की थी। इसके तहत पंचायत ने उन्हें 480 प्लॉट दिए थे। इस पर निगम प्रशासन का कहना है कि पंचायत ने प्लॉट देने से पहले सरकार से मंजूरी नहीं ली थी।
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पैदल घूमने के लिए बनाए जाएंगे फुटपाथ
तीनों तालाबों के सुंदरीकरण की अनुमानित लागत 774.68 लाख रुपये है। इसके तहत तीनों तालाबों की चहारदीवारी बनाई जाएगी। इसके अलावा पैदल घूमने के लिए फुटपाथ का निर्माण भी किया जाएगा। घास व पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे। बैठने के लिए बैंच भी रखे जाएंगे। रंग-बिरंगी लाइटें भी लगाई जाएंगी। तालाब का गंदा पानी निकालकर उसकी जगह साफ पानी भरा जाएगा। साथ ही तालाब को नहर से जोड़ा जाएगा ताकि तालाबों को समय-समय पर भरा जा सके।
कुछ कब्जे हटा दिए गए हैं। बाकी बचे कब्जों को भी हटवाया जाएगा। जिस जगह पर कब्जे हैं, अभी वहां चहारदीवारी का निर्माण नहीं किया जाएगा। - नीरज, निगमायुक्त
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प्लॉटों पर कब्जा नाजायज नहीं है और न ही अतिक्रमण है। इन प्लॉटों पर कब्जा पंचायत ने दिया था। नगर निगम इन्हें नोटिस थमाकर इनके साथ गलत कर रहा है। - राजपाल मांडू, पूर्व मनोनीत पार्षद
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बता दें कि सातरोड में तीन तालाब हैं, जिनके नाम रामसरा, माइथन व ढाब है। नगर निगम की तरफ से करीब दो साल पहले शहर के 4 तालाबों के सुंदरीकरण की योजना बनाई गई थी, जिनमें सातरोड के तीन व आजाद नगर का एक तालाब शामिल है। हालांकि तालाब की जमीन पर बनाए गए कुछ अवैध निर्माण को तोड़ा भी गया है, लेकिन इनमें पशु बाड़े आदि ही शामिल हैं। नियमानुसार तालाब की जमीन पर न तो कुछ निर्माण किया जा सकता है और न ही किसी अन्य कार्य के लिए तालाब की जमीन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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तीनों तालाबों पर कर रखे हैं कब्जे
गांव के तीनों तालाबों पर कब्जे हो रखे हैं। सबसे ज्यादा कब्जे रामसरा तालाब की जमीन पर है। निगम की मानें तो 153 लोगों ने तालाब पर जमीन पर पक्के निर्माण किए हुए हैं। हालांकि निगम की तरफ से इन कब्जाधारियों को नोटिस थमाए गए थे। कब्जाधारियों का तर्क था कि वर्ष 1942 में गांव में बनाए गए सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण के लिए चंदा दिया था। साथ ही मजदूरी की थी। इसके तहत पंचायत ने उन्हें 480 प्लॉट दिए थे। इस पर निगम प्रशासन का कहना है कि पंचायत ने प्लॉट देने से पहले सरकार से मंजूरी नहीं ली थी।
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पैदल घूमने के लिए बनाए जाएंगे फुटपाथ
तीनों तालाबों के सुंदरीकरण की अनुमानित लागत 774.68 लाख रुपये है। इसके तहत तीनों तालाबों की चहारदीवारी बनाई जाएगी। इसके अलावा पैदल घूमने के लिए फुटपाथ का निर्माण भी किया जाएगा। घास व पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे। बैठने के लिए बैंच भी रखे जाएंगे। रंग-बिरंगी लाइटें भी लगाई जाएंगी। तालाब का गंदा पानी निकालकर उसकी जगह साफ पानी भरा जाएगा। साथ ही तालाब को नहर से जोड़ा जाएगा ताकि तालाबों को समय-समय पर भरा जा सके।
कुछ कब्जे हटा दिए गए हैं। बाकी बचे कब्जों को भी हटवाया जाएगा। जिस जगह पर कब्जे हैं, अभी वहां चहारदीवारी का निर्माण नहीं किया जाएगा। - नीरज, निगमायुक्त
प्लॉटों पर कब्जा नाजायज नहीं है और न ही अतिक्रमण है। इन प्लॉटों पर कब्जा पंचायत ने दिया था। नगर निगम इन्हें नोटिस थमाकर इनके साथ गलत कर रहा है। - राजपाल मांडू, पूर्व मनोनीत पार्षद