बारिश में रहें सावधान: घरों में घुस रहे कोबरा सांप, हिसार में मदद के लिए 9416546739 डायल करें
बारिश के मौसम में कोबरा सांप बिलों से बाहर निकलकर घरों में घुस आते हैं। ऐसे में वन्य प्राणी विभाग की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर 9416546739 पर कॉल करें। वन्य प्राणी विभाग की टीम सांप को रेस्क्यू करने पहुंचेंगी।
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बारिश का मौसम आते ही जहरीले सांप, बिच्छू व कीड़े-मकोडों के काटने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है। बारिश के मौसम में कोबरा सांप बिलों से बाहर निकलकर घरों में घुस आते हैं। ऐसे में घरों में कोबरा सांप दिखाई देने पर वन्य प्राणी विभाग की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर 9416546739 पर कॉल करें। इस नंबर पर सूचना देने के 20 से 30 मिनट में वन्य प्राणी विभाग की टीम सांप को रेस्क्यू करने पहुंचेंगी। विभाग की ओर से दो माह में 70 सांप पकड़कर जंगल में छोड़े गए हैं।
वन्य प्राणी विभाग की टीम 30 मिनट में मौके पर पहुंच सांप को करेगी रेस्क्यू, दो माह में 70 सांप पकड़े जा चुके
वन्य प्राणी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर-14, सेक्टर 1-4, सेक्टर- 15, आजाद नगर, सेक्टर 9-11 में सबसे ज्यादा सांप निकले हैं। हाल ही में हांसी में एक कोबरा सांप को पकड़ा गया था, जोकि काफी जहरीला था। वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा ने बताया कि बारिश के कारण जमीन में अत्याधिक गर्मी हो जाती है।
वन्य प्राणी विभाग के पास चार कर्मचारी
इस कारण बिल से सांप निकलकर अपना शिकार ढूंढने निकल पड़ते हैं और घरों में घुस जाते हैं। सांप का भोजन चूहे और मेंढक हैं। सांप कभी भी खुद अपना बिल नहीं बनाते हैं। ऐसे में खासतौर पर इस मौसम में जागरूक रहने की जरूरत है। फिलहाल वन्य प्राणी विभाग के पास चार कर्मचारी है, जो सांप को रेस्क्यू कर रहे हैं। विभाग के साथ कई संस्थाओं के लोग भी जुड़कर काम कर रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- जूते पहनने से पहले चेक करें।
- रात को सोने से पहले बिस्तर को साफ करें।
- रसोई के अंदर सिक के नीचे चेक करें।
- फर्श और दरवाजे के बीच फट्टी लगाए, ताकि कोई भी जीव अंदर न आ सके।
- रसोई में बर्तन रखने के स्थान को चेक करते रहें।
सांप के काटने पर क्या न करें
जिस व्यक्ति को सांप न काटा है उसे बेहोश न होने दें।
झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़े, चिकित्सक से इलाज कराएं।
सांप के काटने वाली जगह पर रूमाल, कपड़ा आदि न बांधें।
काटने वाली जगह पर कोई चीरा आदि न लगाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामले अधिक
सर्पदंश के ज्यादातर मामले वनांचलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। ग्रामीण बारिश के मौसम में खेतों में काम करते हैं। इससे उनके सर्पदंश के शिकार होने की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश से बचने के लिए ग्रामीणों को बारिश के मौसम में जमीन पर नहीं सोने और सर्प दंश की स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार लेने की सलाह दी है।
अधिकारी के अनुसार
इस मौसम में काफी सांप निकल रहे हैं। दो माह की बात करें तो टीम ने 70 सांप पकड़े हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। विभाग की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। घरों में सांप दिखाई देने पर सूचित करेंगे तो हमारी टीम रेस्क्यू करने पहुंचेगी। सांप काटने पर जल्द इलाज शुरू करना चाहिए। झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वास में पड़कर मरीज की जान को खतरे में न डालें। - दिनेश जांगड़ा, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग।