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Hisar News: 2.55 लाख की साइबर ठगी में बैंक खाता धारक जांच के घेरे में
Sun, 28 Jun 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:04 AM IST
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हिसार। ऑनलाइन निवेश के नाम पर 2.55 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने मुरैना (मध्य प्रदेश) निवासी प्रदीप सिंह को जांच में शामिल किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है।
साइबर थाना के जांच अधिकारी एएसआई वेदपाल ने बताया कि एनसीसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर 10 अप्रैल 2025 को मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार दिसंबर 2024 में उसे व्हाट्सएप पर निवेश से अधिक मुनाफा कमाने का संदेश मिला। इसके बाद उसे हालको टॉक नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया गया और विभिन्न योजनाओं में निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले लोगों ने कम समय में दोगुना लाभ का भरोसा दिया, जिसके झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अलग-अलग तिथियों में कुल 2 लाख 55 हजार 338 रुपये निवेश कर दिए। बाद में रकम निकालने का प्रयास करने पर कंपनी की मैनेजमेंट बदलने का हवाला देकर भुगतान टाल दिया गया। कुछ समय बाद ग्रुप का नाम बदलकर मनी हंटर कर दिया गया और अधिक निवेश करने का दबाव बनाया गया।
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राशि वापस न मिलने और आरोपियों से संपर्क टूटने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते के धारक प्रदीप सिंह को जांच में शामिल किया है। बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।
साइबर थाना के जांच अधिकारी एएसआई वेदपाल ने बताया कि एनसीसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर 10 अप्रैल 2025 को मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार दिसंबर 2024 में उसे व्हाट्सएप पर निवेश से अधिक मुनाफा कमाने का संदेश मिला। इसके बाद उसे हालको टॉक नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया गया और विभिन्न योजनाओं में निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
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खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले लोगों ने कम समय में दोगुना लाभ का भरोसा दिया, जिसके झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अलग-अलग तिथियों में कुल 2 लाख 55 हजार 338 रुपये निवेश कर दिए। बाद में रकम निकालने का प्रयास करने पर कंपनी की मैनेजमेंट बदलने का हवाला देकर भुगतान टाल दिया गया। कुछ समय बाद ग्रुप का नाम बदलकर मनी हंटर कर दिया गया और अधिक निवेश करने का दबाव बनाया गया।
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राशि वापस न मिलने और आरोपियों से संपर्क टूटने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते के धारक प्रदीप सिंह को जांच में शामिल किया है। बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।