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Hisar News: कागजी वरदान बना आयुष्मान, डायलिसिस-कीमोथेरेपी के लिए भटकते रहे रोगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:20 AM IST
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'Ayushman' remains a boon only on paper; patients left running from pillar to post for dialysis and chemotherapy.
हिसार के एक निजी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज बंद होनेपूछताछ करता एक व्य​िक्त।
हिसार। आयुष्मान कार्ड लेकर इलाज की आस में अस्पताल पहुंचे मरीजों को मंगलवार को महज कागजी वरदान साबित हुआ। छह माह से 250 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने के विरोध में जिले के निजी अस्पताल संचालकों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की। इससे आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह बंद रहा। डायलिसिस और कीमोथेरेपी जैसे नियमित उपचार की जरूरत वाले मरीजों को मायूसी हाथ लगी।
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ढंढूर निवासी एक व्यक्ति अपने बेटे का डायलिसिस करवाने के लिए दिनभर भटकता रहा। दिनौदा निवासी 73 वर्षीय मदनलाल को भी कीमोथेरेपी नहीं मिल सकी। जिले में आयुष्मान पैनल में शामिल 84 निजी अस्पतालों में से 14 अस्पताल पहले ही पैनल छोड़ चुके हैं। आईएमए के आह्वान पर मंगलवार को पैनल में शामिल अन्य निजी अस्पतालों ने भी आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं किया।
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अस्पताल संचालकों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। हालांकि सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज सामान्य रूप से जारी रहा।
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30 वर्षीय बेटे दीपक का हिसार के सर्वेश अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज चल रहा है। सप्ताह में दो बार डायलिसिस करवानी पड़ती है। मंगलवार को बेटे को डायलिसिस के लिए लेकर पहुंचा तो अस्पताल के काउंटर पर हड़ताल का नोटिस लगा हुआ था। पूछने पर जवाब मिला हड़ताल के कारण डायलिसिस नहीं होगा। बेटे की तबीयत ज्यादा खराब थी और जेब में पैसे भी नहीं हैं। बाहर इसका खर्च 3 से 5 हजार रुपये लगता है।

-- श्यामसुंदर निवासी गांव ढंढूर हिसार।
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73 साल के दादा मदनलाल की तबीयत काफी खराब है। शहर के एक निजी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज चल रहा है। डॉक्टर ने मंगलवार को कीमोथेरेपी करवाने के लिए लिखा था। वह सुबह गाड़ी करवा कर दादा को लेकर निजी अस्पताल पहुंचा। वहां बताया गया आज हड़ताल है और आयुष्मान कार्ड वालों का इलाज नहीं होगा। कई घंटे इंतजार के बाद दादा को लेकर निराश घर लौटना पड़ रहा है।
---अंकित कुमार, निवासी गांव दिनौदा हिसार।
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जिले में आयुष्मान कार्ड के पैनल पर 84 निजी अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के किए गए इलाज की करीब 250 करोड़ रुपये की राशि पिछले छह माह से सरकार की ओर से लंबित है। इसके कारण 14 निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड का पैनल से हट चुके हैं। करीब 70 अस्पताल ही पैनल पर हैं। निजी अस्पताल संचालकों ने सरकार के सामने कई बार अपनी समस्या रखी है। सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए मंगलवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर आयुष्मान कार्ड से इलाज बंद रखा गया।

-- डॉ. गुरनीश अध्यक्ष, आईएमए जिला हिसार।
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निजी अस्पताल संचालकों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की है। जिला नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज सामान्य दिनों की तरह जारी रहा। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। सरकार और निजी अस्पताल संचालकों के बीच बैठक होनी है। बैठक में उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
-- डॉ. सपना गहलावत, सीएमओ जिला नागरिक अस्पताल हिसार।
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