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Haryana: हिसार के बगला गांव का आशीष मूर्ति सहारण बनेगा मिसाइल मैन, भाभा एटॉमिक अनुसंधान केंद्र में चयन
Fri, 18 Aug 2023 02:34 PM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 18 Aug 2023 02:34 PM IST
सार
हिसार के गांव बगला निवासी आशीष मूर्ति सहारण ने जिला और प्रदेशवासियों का नाम रोशन किया है। आशीष का चयन भाभा एटॉमिक अनुसंधान केंद्र में हुआ है। उन्होंने साइंटिफिक ऑफिसर के पद के लिए ज्वाइन कर लिया है।
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आशीष मूर्ति सहारण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिसार के गांव बगला निवासी आशीष मूर्ति सहारण का भाभा एटॉमिक अनुसंधान केंद्र में चयन हुआ है। जहां से अणु ऊर्जा और मिसाइल कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान किए जाते हैं। हरियाणा राज्य गौशाला संघ के प्रदेशाध्यक्ष और आशीष के मामा शमशेर आर्य ने आशीष मूर्ति सहारण की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हुए बताया कि आशीष बचपन से ही मेधावी रहा है।
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उन्होंने बताया कि बेटे की पढ़ाई के प्रति उसकी विशेष रुचि रही। विभिन्न कठिनाइयों के बावजूद उसने कभी भी पढ़ाई को नहीं छोड़ा और इसी का परिणाम है कि आज वह देश के सर्वोच्च संस्थान बीएआरसी के लिए चुना गया है । जो पूरे जिला और प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है।
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प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से हुई
आशीष ने बताया कि उनकी कक्षा दसवीं तक पढाई गांव के डीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल बगला में हुई। इसके बाद बाहरवीं पीजीएसडी स्कूल हिसार से करने के बाद बीटेक के लिए जे सी बसु विश्वविद्यालय फरीदाबाद में उनका चयन हुआ। 2019 से 23 तक उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसी दौरान उन्होंने गेट परीक्षा सहित 8 अप्रैल को बीएआरसी संस्थान के लिए परीक्षा दी।
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जिसके लिए 30 मई 2023 को मुंबई में साक्षात्कार हुआ। जिसका परिणाम 28 जून 2023 को आया। परिणाम देखकर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और सबसे पहले उसने अपनी माता मूर्ति देवी को इसकी सूचना दी तो उन्हें भी एक बार तो विश्वास ही नहीं हुआ।
आईजीसीएआर कलपक्कम चेन्नई में होगी ट्रेनिंग
आशीष मूर्ति सहारण ने बताया कि 17 अगस्त तक उनकी अन्य औपचारिकताएं तथा मेडिकल इत्यादि पूरे हो चुके हैं। अब उन्होंने साइंटिफिक ऑफिसर के पद के लिए ज्वाइन कर लिया है। जिसमें पहले वर्ष टेक्निकल ट्रेनिंग के साथ-साथ एम टैक की पढ़ाई भी करवाई जाएगी।
माता-पिता ने किया धन्यवाद
आशीष सहारण की इस उपलब्धि पर उसके माता-पिता करणपाल सहारण व मूर्ति देवी सहारण ने सभी सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए बताया कि उनके मामा की लड़की डॉक्टर दीक्षा आर्या सहित मुख्याध्यापक मांगेराम, आर्यमान आर्य का विशेष मार्गदर्शन मिला व सभी अध्यापकों व परिजनों का भी विशेष सहयोग रहा।उन्होंने बताया कि आशीष की बचपन से ही मैकेनिकल, एयरोस्पेस, फिजिक्स तथा परमाणु ऊर्जा इत्यादि विषयों में विशेष रुचि रही है और इसी कारण 7 जुलाई 2023 को आशीष का चयन एनपीसीआईएल में भी बतौर वैज्ञानिक हुआ। लेकिन उन्होंने बीएआरसी का वैज्ञानिक बनने को प्राथमिकता दी क्योंकि भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में देश के शीर्ष वैज्ञानिक अब्दुल कलाम आजाद आदि वैज्ञानिक उनकी प्रेरणा के स्रोत रहेंगे।