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हरियाणवी कला व संस्कृति को बचाने में सहायक हैं कला उत्सव : प्रो. बीआर काम्बोज
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में हरियाणवी कला उत्सव कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हरियाणवी लोक कलाकार महावीर गुड्डू ने शानदार हरियाणवी लोक संस्कृति को दर्शाती प्रस्तुति से की। इसके बाद कार्यक्रम में सावन के गीत, प्रदेश में गए पति का वियोग दशा के गीत, देशभक्ति गीत, आल्हा सहित चुटकुलों की एक के बाद एक मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। एक छोटी कलाकार ने भ्रूण हत्या को लेकर प्रस्तुत देकर माहौल को गमगीन कर लोगों को इस कुरीति के प्रति सोचने को मजबूर कर दिया। डॉ. संध्या शर्मा द्वारा प्रस्तुत रागिनी ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए, जबकि हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम का आयोजन छात्र कल्याण निदेशालय स्थित म्यूजिक एवं ड्रामाटिक क्लब द्वारा हरियाणा कला परिषद हिसार डिवीजन के संयुक्त तत्वावधान में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत किया गया।
संस्कृति बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे कला उत्सव
मुख्यातिथि प्रो. बीआर काम्बोज ने कहा कि हरियाणवी कला व संस्कृति को बचाने में हरियाणवी कला उत्सव जैसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न विधाओं जैसे रागिनी, भजन, लोकगीत व लोकनृत्य आदि का विकास होता है। इस दौरान विवि की प्रथम महिला एवं कुलपति की धर्मपत्नी संतोष कुमारी, ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रामनिवास ढांडा आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए, जबकि हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम का आयोजन छात्र कल्याण निदेशालय स्थित म्यूजिक एवं ड्रामाटिक क्लब द्वारा हरियाणा कला परिषद हिसार डिवीजन के संयुक्त तत्वावधान में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत किया गया।
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संस्कृति बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे कला उत्सव
मुख्यातिथि प्रो. बीआर काम्बोज ने कहा कि हरियाणवी कला व संस्कृति को बचाने में हरियाणवी कला उत्सव जैसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न विधाओं जैसे रागिनी, भजन, लोकगीत व लोकनृत्य आदि का विकास होता है। इस दौरान विवि की प्रथम महिला एवं कुलपति की धर्मपत्नी संतोष कुमारी, ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रामनिवास ढांडा आदि मौजूद रहे।
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