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अनशनकारियों को जबरन भिजवाया अस्पताल
हिसार
Updated Mon, 03 Mar 2014 10:22 PM IST
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हरियाणा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय में पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन कर रहे पांच छात्रों और तीन छात्राओं को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को जबरन सिविल अस्पताल में दाखिल करवा दिया है। इन विद्यार्थियों की हालत पिछले दो दिनों से लगातार बिगड़ रही थी।
जानकारी पर विश्वविद्यालय प्रशासन के आलाधिकारियों ने एंबुलेंस बुलाकर छात्र-छात्राओं को जबरन सामान्य अस्पताल भिजवा दिया। इससे नाराज धरने पर बैठे अन्य विद्यार्थियों ने कुलपति कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम जेके अभीर और एएसपी मनीषा चौधरी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियाें ने विश्वविद्यालय अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने छात्रों को कुलपति के आने पर उनसे बात करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सवा तीन बजे छात्रों ने ताला खोला। हरियाणा एग्रीकल्चर एंड इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र अपनी मांगों के लिए लंबे समय संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से कई बार आश्वासन मिलने के बाद भी छात्रों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इससे गुस्साए छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। 26 फरवरी को चार छात्र कुलपति कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठ गए। अनशन शुरू होने के दो दिन बाद एक मार्च को चार छात्र और चार छात्राएं भी अनशन पर बैठ गए। रविवार रात को तीन लड़कियाें और पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे चार छात्रों की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। बीते दिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को समझाने का प्रयास भी किया था और अस्पताल ले जाने की बात कही थी।
परंतु छात्रों ने अस्पताल जाने से साफ इंकार कर दिया। सोमवार सुबह छात्र छात्राओं की बिगड़ती हालत को देखते हुए एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज के विभागाध्यक्ष ने तीन लड़कियों रेखा, सोनम और कविता और चार लड़कों दीपक, परवेश, अमीन, आदित्य की नाजुक हालत को देखते हुए जबरदस्ती धरने से उठाकर सामान्य अस्पताल भेज दिया।
दो और छात्राएं अनशन पर
तीन छात्राओं और चार छात्रों को धरना स्थल से जबरदस्ती उठाने के बाद धरना स्थल पर केवल एक छात्रा तमन्ना और चार छात्र ही धरने पर बैठे थे। धरने से जबरदस्ती उठाई गई छात्राओं की जगह लेने के लिए दो छात्राएं निशा और पिंकी आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। ऐसे में सात छात्रोें को उठाने के बाद भी सात छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं।
तीन छात्र गए हैं मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मिलने
छात्रों ने बताया कि तीन छात्र सचिन, मुनीष और संदीप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मिलने गए हुए हैं। उनकी अभी तक किसी भी मंत्री से मुलाकात नहीं हुई। आमरण अनशन उन्हीं छात्रों से बातचीत करने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेगा।
एंबुलेंस के आगे लेटे छात्र
एग्रीकल्चर एंड इंजीनियरिंग कॉलेज के विभागाध्यक्ष ने मेडिकल टीम की जांच के बाद जब जबरदस्ती सात छात्रों को एंबुलेंस में बैठाया और सामान्य अस्पताल ले जाने लगे तब धरने पर बैठे छात्र एंबुलेंस के आगे लेट गए और छात्रों को ले जाने से रोक दिया। ऐसे में एचएयू सिक्योरिटी ने उन्हें एंबुलेंस के आगे से उठाया।
ब्राह्मणवास में मनचलों ने छात्राओं के कपड़े पेड़ पर टांगे
रोहतक शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर ब्राह्मणवास में स्थित गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक कालेज की छात्राएं पिछले कई दिन से मनचलों द्वारा की जा रही छेड़छाड़ से परेशान हैं। इसकी शिकायत करने के लिए छात्राएं सोमवार को लघु सचिवालय में डीसी से मिलने गई थी।
जब वो वापस कॉलेज पहुंची तो कॉलेज के बाहर पेड़ पर लड़कियों के इनर वियर कपड़े टंगे हुए थे। यह देख कर छात्राएं भड़क गईं तथा बाकी लड़कियों को वहां बुलाकर सड़क पर जाम लगा दिया। चार घंटे तक लगातार जाम लगे रहने के कारण वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना मिलते ही सदर थाने से इंस्पेक्टर मनीषा मौके पर पहुंची। उन्होंने छात्राओं को समझाया तथा मामले की जांच करने का आश्वासन दिया। उसके बाद ही लड़कियां शांत हुईं।
गौड ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज के हॉस्टल की लड़कियां कॉलेज प्रशासन से कई बार छेड़खानी की शिकायत कर चुकी हैं। छात्राओं ने शिकायत की है कि कुछ लड़के शराब पीकर उनके कमरों तक पहुंच जाते हैं तथा बदतमीजी करते हैं। कॉलेज प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर छात्राएं सोमवार को डीसी ऑफिस पहुंच गई शिकायत करने के लिए। डीसी को शिकायत करने के बाद जब छात्राएं वापस कॉलेज पहुंची तो कॉलेज के बाहर पेड़ पर लड़कियों के इनर वियर टंगे मिले।
प्रिंसिपल पर भी लगाए आरोप
जाम लगा रही छात्राओं ने कॉलेज के प्रिंसिपल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि बिना प्रिंसिपल की शह के किसी भी छात्र के लिए ऐसा कर पाना संभव नहीं है। इस मामले में कहीं न कहीं प्रिंसिपल भी छात्रों के साथ मिला हुआ है।
उनको कई बार छात्राएं अपनी समस्याओं के बारे में पता चुकी हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। कॉलेज प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर ही आज छात्राओं को डीसी के यहां शिकायत करने के लिए जाना पड़ा।
चार छात्रों को किया सस्पेंड
छात्राओं द्वारा जाम लगाए जाने पर कालेज के प्रिंसिपल डॉ. राकेश पंवार ने कॉलेज के चार छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। प्रिंसिपल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अगर सस्पेंड कि गए छात्र दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कॉलेज से निकाल दिया जाएगा।
सभी छात्राओं ने मुंह पर बांध रखा था कपड़ा
जाम लगाने वाली सभी छात्राओं ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था ताकि कोई उनको पहचान न सके। इसके लिए किसी ने रुमाल तो किसी ने अपनी चुन्नी का प्रयोग किया।
छात्राओं की भूमिका भी संदिग्ध: पंवार
कालेज के प्रिंसीपल डॉ. राकेश पंवार ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। कुछ लड़कियों की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध हो सकती है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के इनर वियर कपड़े लड़कों तक कैसे पहुंचे इसकी भी जांच की जाएगी।
प्रिंसीपल ने यह भी कहा कि जिन छात्राओं ने हंगामा किया तथा जाम लगाया वे उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं। उन लड़कियों की हाजरी शॉर्ट हैं तथा उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया था। बाद में कॉलेज के आदेश पर उन्हें परीक्षा देने दी गई थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि उन्होंने ऐसा कुछ किया है तो उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जा सकती है।
शिकायत के आधार पर की जाएगी कार्रवाई: मनीषा
मामले की जांच कर रही सदर थाना से इंस्पेक्टर मनीषा ने बताया कि उन्हें पेड़ पर कपड़े टांगे जाने की शिकायत मिली है, मगर छात्राओं ने मंगलवार तक अपने स्तर पर मामले की जांच करने की बात कही है। मंगलवार को जो भी स्थिति रहती है उसके अनुसार ही पुलिस कार्रवाई करेगी।
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जानकारी पर विश्वविद्यालय प्रशासन के आलाधिकारियों ने एंबुलेंस बुलाकर छात्र-छात्राओं को जबरन सामान्य अस्पताल भिजवा दिया। इससे नाराज धरने पर बैठे अन्य विद्यार्थियों ने कुलपति कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम जेके अभीर और एएसपी मनीषा चौधरी मौके पर पहुंचे।
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अधिकारियाें ने विश्वविद्यालय अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने छात्रों को कुलपति के आने पर उनसे बात करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सवा तीन बजे छात्रों ने ताला खोला। हरियाणा एग्रीकल्चर एंड इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र अपनी मांगों के लिए लंबे समय संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से कई बार आश्वासन मिलने के बाद भी छात्रों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इससे गुस्साए छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। 26 फरवरी को चार छात्र कुलपति कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठ गए। अनशन शुरू होने के दो दिन बाद एक मार्च को चार छात्र और चार छात्राएं भी अनशन पर बैठ गए। रविवार रात को तीन लड़कियाें और पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे चार छात्रों की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। बीते दिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को समझाने का प्रयास भी किया था और अस्पताल ले जाने की बात कही थी।
परंतु छात्रों ने अस्पताल जाने से साफ इंकार कर दिया। सोमवार सुबह छात्र छात्राओं की बिगड़ती हालत को देखते हुए एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज के विभागाध्यक्ष ने तीन लड़कियों रेखा, सोनम और कविता और चार लड़कों दीपक, परवेश, अमीन, आदित्य की नाजुक हालत को देखते हुए जबरदस्ती धरने से उठाकर सामान्य अस्पताल भेज दिया।
दो और छात्राएं अनशन पर
तीन छात्राओं और चार छात्रों को धरना स्थल से जबरदस्ती उठाने के बाद धरना स्थल पर केवल एक छात्रा तमन्ना और चार छात्र ही धरने पर बैठे थे। धरने से जबरदस्ती उठाई गई छात्राओं की जगह लेने के लिए दो छात्राएं निशा और पिंकी आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। ऐसे में सात छात्रोें को उठाने के बाद भी सात छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं।
तीन छात्र गए हैं मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मिलने
छात्रों ने बताया कि तीन छात्र सचिन, मुनीष और संदीप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मिलने गए हुए हैं। उनकी अभी तक किसी भी मंत्री से मुलाकात नहीं हुई। आमरण अनशन उन्हीं छात्रों से बातचीत करने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेगा।
एंबुलेंस के आगे लेटे छात्र
एग्रीकल्चर एंड इंजीनियरिंग कॉलेज के विभागाध्यक्ष ने मेडिकल टीम की जांच के बाद जब जबरदस्ती सात छात्रों को एंबुलेंस में बैठाया और सामान्य अस्पताल ले जाने लगे तब धरने पर बैठे छात्र एंबुलेंस के आगे लेट गए और छात्रों को ले जाने से रोक दिया। ऐसे में एचएयू सिक्योरिटी ने उन्हें एंबुलेंस के आगे से उठाया।
ब्राह्मणवास में मनचलों ने छात्राओं के कपड़े पेड़ पर टांगे
रोहतक शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर ब्राह्मणवास में स्थित गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक कालेज की छात्राएं पिछले कई दिन से मनचलों द्वारा की जा रही छेड़छाड़ से परेशान हैं। इसकी शिकायत करने के लिए छात्राएं सोमवार को लघु सचिवालय में डीसी से मिलने गई थी।
जब वो वापस कॉलेज पहुंची तो कॉलेज के बाहर पेड़ पर लड़कियों के इनर वियर कपड़े टंगे हुए थे। यह देख कर छात्राएं भड़क गईं तथा बाकी लड़कियों को वहां बुलाकर सड़क पर जाम लगा दिया। चार घंटे तक लगातार जाम लगे रहने के कारण वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना मिलते ही सदर थाने से इंस्पेक्टर मनीषा मौके पर पहुंची। उन्होंने छात्राओं को समझाया तथा मामले की जांच करने का आश्वासन दिया। उसके बाद ही लड़कियां शांत हुईं।
गौड ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज के हॉस्टल की लड़कियां कॉलेज प्रशासन से कई बार छेड़खानी की शिकायत कर चुकी हैं। छात्राओं ने शिकायत की है कि कुछ लड़के शराब पीकर उनके कमरों तक पहुंच जाते हैं तथा बदतमीजी करते हैं। कॉलेज प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर छात्राएं सोमवार को डीसी ऑफिस पहुंच गई शिकायत करने के लिए। डीसी को शिकायत करने के बाद जब छात्राएं वापस कॉलेज पहुंची तो कॉलेज के बाहर पेड़ पर लड़कियों के इनर वियर टंगे मिले।
प्रिंसिपल पर भी लगाए आरोप
जाम लगा रही छात्राओं ने कॉलेज के प्रिंसिपल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि बिना प्रिंसिपल की शह के किसी भी छात्र के लिए ऐसा कर पाना संभव नहीं है। इस मामले में कहीं न कहीं प्रिंसिपल भी छात्रों के साथ मिला हुआ है।
उनको कई बार छात्राएं अपनी समस्याओं के बारे में पता चुकी हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। कॉलेज प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर ही आज छात्राओं को डीसी के यहां शिकायत करने के लिए जाना पड़ा।
चार छात्रों को किया सस्पेंड
छात्राओं द्वारा जाम लगाए जाने पर कालेज के प्रिंसिपल डॉ. राकेश पंवार ने कॉलेज के चार छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। प्रिंसिपल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अगर सस्पेंड कि गए छात्र दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कॉलेज से निकाल दिया जाएगा।
सभी छात्राओं ने मुंह पर बांध रखा था कपड़ा
जाम लगाने वाली सभी छात्राओं ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था ताकि कोई उनको पहचान न सके। इसके लिए किसी ने रुमाल तो किसी ने अपनी चुन्नी का प्रयोग किया।
छात्राओं की भूमिका भी संदिग्ध: पंवार
कालेज के प्रिंसीपल डॉ. राकेश पंवार ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। कुछ लड़कियों की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध हो सकती है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के इनर वियर कपड़े लड़कों तक कैसे पहुंचे इसकी भी जांच की जाएगी।
प्रिंसीपल ने यह भी कहा कि जिन छात्राओं ने हंगामा किया तथा जाम लगाया वे उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं। उन लड़कियों की हाजरी शॉर्ट हैं तथा उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया था। बाद में कॉलेज के आदेश पर उन्हें परीक्षा देने दी गई थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि उन्होंने ऐसा कुछ किया है तो उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जा सकती है।
शिकायत के आधार पर की जाएगी कार्रवाई: मनीषा
मामले की जांच कर रही सदर थाना से इंस्पेक्टर मनीषा ने बताया कि उन्हें पेड़ पर कपड़े टांगे जाने की शिकायत मिली है, मगर छात्राओं ने मंगलवार तक अपने स्तर पर मामले की जांच करने की बात कही है। मंगलवार को जो भी स्थिति रहती है उसके अनुसार ही पुलिस कार्रवाई करेगी।