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Hisar News: स्वर्णिम जीत की चौखट पर अंकुश, नरेंद्र ने कांसा जीतकर दी खुशी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 12:45 AM IST
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Ankush on the threshold of a golden victory; Narendra brings joy by winning bronze.
हिसार। एशियाई खेलों में मंगलवार को 80 किलोग्राम भार वर्ग में खेल रहे मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने स्वर्णिम जीत की चौखट पर दस्तक दे दी। भेरिया के बेटे की जीत पर पूरे गांव में जश्न का माहौल हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटी और आतिशबाजी कर खुशी जताई। पिता सुरेश पंघाल ने कहा कि बेटा स्वर्ण पदक जीतने का वादा करके गया था। अब तक के प्रदर्शन से वह उम्मीदों पर खरा उतरा है। दो अक्तूबर को अब स्वर्णिम जीत का इंतजार है।
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अंकुश का सेमीफाइनल मुकाबला शुरू होने से पहले ही परिजन टीवी के सामने बैठ गए थे। जैसे ही रेफरी ने अंकुश को विजेता घोषित किया, परिजन खुशी से उछल पड़े और एक-दूसरे को गले लगकर बधाई दी। अंकुश के पिता सुरेश गांव में ढाबा चलाते हैं। ताऊ रमेश पंघाल खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि एक बार मैच बीच में रोक दिया गया। इससे उनकी सांसें अटक गईं। हालांकि, बाद में अंकुश ने जीत के साथ खुशियों से झोली भर दी। क्वार्टर फाइनल में जीत के बाद अंकुश ने वादा किया था कि वह अगले मैच में भी खुशखबरी देगा और इसे निभाया भी। अंकुश की जीत पर परिजनों ने मिठाई बांटी और आतिशबाजी कर जश्न मनाया। कोच प्रदीप सावंत ने बताया कि अंकुश की नजर ओलंपिक समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर टिकी है। सेमीफाइनल में उसने उम्दा प्रदर्शन किया और पूरे आत्मविश्वास के साथ खेला।
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नरेंद्र का सफर थमा, पिता बोले- कोई अफसोस नहीं
नरेंद्र बेरवाल सेमीफाइनल मुकाबले में भले ही हार गए, लेकिन परिजनों को इसका कोई अफसोस नहीं है। कांस्य पदक जीतने पर घर और गांव में खुशी का माहौल दिखा। कोच देवदर्शन ने बताया कि सेमीफाइनल मुकाबले के आखिरी चरण में नरेंद्र को स्टैंडिंग काउंट का भी सामना करना पड़ा। सभी जजों ने मुकाबला ओरलबे के पक्ष में दिया। नरेंद्र की हार भी जीत के बराबर है। देश की पदक तालिका में उनका योगदान कम करके नहीं आंका जाएगा। पिता जगदीश बेरवाल ने कहा कि बेटे ने कांस्य पदक जीतकर गांव और देश का नाम रोशन किया है। सेमीफाइनल में हार से कोई अफसोस नहीं है। उसका अगला लक्ष्य बड़े टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है। वह वर्ष 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की तैयारी कर रहा है। नरेंद्र बेरवाल का एशियाई खेलों में लगातार दूसरा कांस्य पदक है। इससे पहले हांगझोऊ एशियाई खेलों में भी कांस्य पदक और इस साल राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। नरेंद्र ने कहा कि उन्होंने मुकाबले में 100 प्रतिशत दिया, लेकिन कोच की रणनीति को पूरी तरह लागू नहीं कर पाए।
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