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हिसार का अग्रोहा पुरातात्विक स्थल: कानपुर आईआईटी से आई टीम करेगी अल्ट्रासाउंड, पुराने राज आएंगे बाहर
Wed, 13 Mar 2024 12:18 PM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 13 Mar 2024 12:18 PM IST
सार
ग्राउंड पेनीट्रेटिंग रडार एक भू-भौतिकीय विधि है जो उपसतह की छवि के लिए रडार का उपयोग करती है। यह कंक्रीट तारकोल धातु पाइप केबल या चिनाई जैसी भूमिगत उपयोगिताओं की जांच करने के लिए उपसतह का सर्वेक्षण करने का एक तरीका है।
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जीपीआर सर्वेक्षण शुरू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिसार के महाराजा अग्रसेन की राजधानी अग्रोहा में दफन गहरे रहस्य अब बाहर निकलेंगे। महाराजा अग्रसेन की नगरी के महल, किले, मकानों की बनावट भी हम देख पाएंगे। अग्रोहा पुरातात्विक स्थल पर ग्राउंड पेनीट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के उच्च अधिकारियों की निगरानी में यह खोदाई कराई जाएगी। महाराजा अग्रसेन का समय करीब 5100 वर्ष पूर्व का माना जाता है।
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कानुपर आईआईटी के प्रोफेसर जावेद मलिक के नेतृत्व में टीम खोदाई करेगी। पुरातत्व एवं धार्मिक महत्व के जुड़ाव के चलते यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं है। 1888-89 में पहली ,1938 में दूसरी ,1978-79 में यहां तीसरी बार उत्खनन का कार्य किया गया। जिसमें कुछ मूर्ति, सिक्के, प्राचीन काल की ईंट, पत्थर, मूर्तियां निकली थी।
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जिन्हें पुरातत्व विभाग ने सहेज कर रखा है। खोदाई के पश्चात यहां एक राष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय बनाया जाएगा। जो पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक स्थल होगा। अगले चरण जिनमें पर्यटक स्वागत केंद्र, साईट व्याख्यान केन्द्र व संग्रहालय (महाभारत पैनोरमा), तारामंडल- ज्योतिषीय समय रेखा पर आधारित, लाइट एंड साउंड- महाभारत व महान राजा अग्रसेन पर आधारित होगी, ध्यान केन्द्र के साथ नॉलेज पार्क इत्यादि का निर्माण किया जाएगा।
जीपीआर तकनीक करेगी खुलासा
ग्राउंड पेनीट्रेटिंग रडार एक भू-भौतिकीय विधि है जो उपसतह की छवि के लिए रडार का उपयोग करती है। यह कंक्रीट तारकोल धातु पाइप केबल या चिनाई जैसी भूमिगत उपयोगिताओं की जांच करने के लिए उपसतह का सर्वेक्षण करने का एक तरीका है। ग्राउंड पेनीट्रेटिंग रडार एक भू-भौतिकीय विधि है जो उपसतह की छवि के लिए रडार का उपयोग करती है। जीपीआर मशीन जमीन के अंदर 10 मीटर तक में कोई भी धातु, ढांचा या अन्य सामान होगा तो उसकी जानकारी देगी। यह एक तरह से अल्ट्रासाउंड जैसी मशीन है।