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पराली को लेकर बनाया जाएगा नया मॉडल : कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:38 PM IST
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- फोटो : Bureau
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हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति केपी सिंह ने कहा है कि पराली को लेकर नया मॉडल बनाया जाएगा। पराली को विभिन्न तरीकों से एनर्जी में कनवर्ट करने की प्रकिया को लेकर आस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देशों से भी बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का नया मॉडल बनाया जाएगा कि किसानों को पराली की उचित कीमत मिले और वह उसे बेचें। वर्तमान में पराली को स्टोर करना सबसे बड़ी समस्या है।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों को पराली का उचित लाभ मिल सके तो पराली जलाने से निजात मिल सकती है। पराली के विभिन्न उपयोगों जैस चारा, ईंधन इत्यादि व इसके प्रबंधन को लेकर विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों को प्राथमिकता से अनुसंधान करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पराली पर इस तरह के अनुसंधान की आवश्यकता है कि उससे एनर्जी बनाने के बाद बची ऐश (राख) का प्रयोग फर्टिलाइजर आदि के लिए हो सके। ऐसे में 70-80 प्रतिशत तक सिलिका होती है। इसलिए इस सिलिका की कामर्शियल वैल्यू बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पराली से प्लांट में एनर्जी बनाते समय हाइड्रोजन और मिथेन जैसी गैसें निकलती हैं। इन नेचुरल गैसों को सिलेंडर में इकठ्ठा करें, इस तरह के अनुसंधान किए जाने की कोशिश की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि यदि किसानों को पराली का उचित लाभ मिल सके तो पराली जलाने से निजात मिल सकती है। पराली के विभिन्न उपयोगों जैस चारा, ईंधन इत्यादि व इसके प्रबंधन को लेकर विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों को प्राथमिकता से अनुसंधान करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पराली पर इस तरह के अनुसंधान की आवश्यकता है कि उससे एनर्जी बनाने के बाद बची ऐश (राख) का प्रयोग फर्टिलाइजर आदि के लिए हो सके। ऐसे में 70-80 प्रतिशत तक सिलिका होती है। इसलिए इस सिलिका की कामर्शियल वैल्यू बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पराली से प्लांट में एनर्जी बनाते समय हाइड्रोजन और मिथेन जैसी गैसें निकलती हैं। इन नेचुरल गैसों को सिलेंडर में इकठ्ठा करें, इस तरह के अनुसंधान किए जाने की कोशिश की जा रही है।
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