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एग्री बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर की कृषि आधारित नए उद्यमों को शुरू करने में अहम भूमिका : कृषि मंत्री
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हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के गृह विज्ञान महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय स्तर का दो दिवसीय नेशनल इन्क्यूबेटर्स कोलोक्वियम आयोजित किया गया। इस सेमिनार के मुख्य अतिथि हरियाणा के कृषि व किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल थे। इस सेमिनार में वशिष्ठ अतिथि के तौर पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टम), सोनीपत के कुलपति, डॉ. चिंदी वासुदेवप्पा उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता कुलपति, प्रो. केपी सिंह ने की।
इस दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि एचएयू में शुरू किया गया एग्री बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर कृषि आधारित नए उद्यमों को शुरू करने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह केवल व्यवसायिक ही नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का भी वाहक बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज कृषि पूरी तरह से तकनीक आधारित हो चुकी है और ग्रामीण युवाओं तक तकनीक का लाभ पहुंचाना बहुत आवश्यक है। यहां चल रहे इंक्यूबेशन सेंटर में स्टार्ट-अप ने जो सफलताएं प्राप्त की हैं उनके अनुभवों का लाभ दूसरों को भी मिलना चाहिए।
एचएयू के कुलपति प्रो. केपी सिंह कृषि उद्यमियों से आह्वान किया कि वे देश में ऐसा इको-सिस्टम तैयार करें जिससे भविष्य में नए उद्यमियों को तैयार करने का मार्ग प्रशस्त हो सके। आज देश को नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले युवाओं की जरूरत है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के इस एकमात्र इंक्यूबेशन सेंटर में नए उद्यमियों को हर वो सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जा रही है जो उनके आइडिया को धरातल पर उतारने के लिए जरूरी हैं। कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए निफ्टेम, सोनीपत के कुलपति डॉ. सी वासुदेवप्पा ने भी स्टार्ट-अप्स को सफलता प्राप्त करने के नए मंत्र दिए। इस अवसर पर राबी के पी-आई, डॉ. आरके जोरड़, नोडल अधिकारी, डॉ. सीमा, डॉ. नीरू भूषण, नीति आयोग के सलाहकार, डॉ. राज भंडारी, पीवीसी, शालिनी गुप्ता, बलजीत रेढू, तेजस्वी भार्गव आदि मौजूद रहे।
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मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय का किया उद्घाटन
इस दौरान कृषि मंत्री ने एचएयू में नवनिर्मित प्रदेश के पहले मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि हरियाणा से दिल्ली का मार्केट जुड़ा होने के कारण प्रदेश के किसानों को मत्स्य पालन से अच्छी आमदनी हो सकती हैं। प्रदेश में बहोत बड़ा इलाका ऐसा है जहां खारा पानी है। इस प्रकार का पानी मछली पालन के लिए अच्छा स्त्रोत है। एचएयू के वीसी प्रो. सिंह ने बताया कि इस वर्ष मत्स्य महाविद्यालय में परास्नातक व पीएचडी के दाखिले किए गए हैं। अगले सत्र से बीएफएससी (स्नातक) मे भी दाखिले किए जाएंगे।
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इस दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि एचएयू में शुरू किया गया एग्री बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर कृषि आधारित नए उद्यमों को शुरू करने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह केवल व्यवसायिक ही नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का भी वाहक बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज कृषि पूरी तरह से तकनीक आधारित हो चुकी है और ग्रामीण युवाओं तक तकनीक का लाभ पहुंचाना बहुत आवश्यक है। यहां चल रहे इंक्यूबेशन सेंटर में स्टार्ट-अप ने जो सफलताएं प्राप्त की हैं उनके अनुभवों का लाभ दूसरों को भी मिलना चाहिए।
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एचएयू के कुलपति प्रो. केपी सिंह कृषि उद्यमियों से आह्वान किया कि वे देश में ऐसा इको-सिस्टम तैयार करें जिससे भविष्य में नए उद्यमियों को तैयार करने का मार्ग प्रशस्त हो सके। आज देश को नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले युवाओं की जरूरत है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के इस एकमात्र इंक्यूबेशन सेंटर में नए उद्यमियों को हर वो सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जा रही है जो उनके आइडिया को धरातल पर उतारने के लिए जरूरी हैं। कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए निफ्टेम, सोनीपत के कुलपति डॉ. सी वासुदेवप्पा ने भी स्टार्ट-अप्स को सफलता प्राप्त करने के नए मंत्र दिए। इस अवसर पर राबी के पी-आई, डॉ. आरके जोरड़, नोडल अधिकारी, डॉ. सीमा, डॉ. नीरू भूषण, नीति आयोग के सलाहकार, डॉ. राज भंडारी, पीवीसी, शालिनी गुप्ता, बलजीत रेढू, तेजस्वी भार्गव आदि मौजूद रहे।
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मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय का किया उद्घाटन
इस दौरान कृषि मंत्री ने एचएयू में नवनिर्मित प्रदेश के पहले मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि हरियाणा से दिल्ली का मार्केट जुड़ा होने के कारण प्रदेश के किसानों को मत्स्य पालन से अच्छी आमदनी हो सकती हैं। प्रदेश में बहोत बड़ा इलाका ऐसा है जहां खारा पानी है। इस प्रकार का पानी मछली पालन के लिए अच्छा स्त्रोत है। एचएयू के वीसी प्रो. सिंह ने बताया कि इस वर्ष मत्स्य महाविद्यालय में परास्नातक व पीएचडी के दाखिले किए गए हैं। अगले सत्र से बीएफएससी (स्नातक) मे भी दाखिले किए जाएंगे।