Hisar: ADGP ने दिए FIR के आदेश, SP बोलीं-लापरवाही है, अपराध नहीं, केस दर्ज करने से किया इन्कार
एडीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तीन घंटे बाद हांसी जिला एसपी नितिका गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सीआईए टू की मंशा गलत नहीं थी। लापरवाही जरूर हुई पर यह अपराध नहीं।
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एसपी ने कहा कि सीआईए-2 द्वारा कब्जे में ली गई मूर्ति कीमती नहीं थी। मूर्ति को 23 जनवरी को ही पिघलाकर बिस्किट बना लिए गए थे। ऐसा यह जांच करने के लिया किया गया कि मूर्ति किन धातुओं की है। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार की रिपोर्ट के अनुसार मूर्ति 13 धातुओं की थी, लेकिन इसमें सोना नहीं था। पुलिस प्रशासन ने पुष्टि के लिए एक और ज्वेलर से जांच कराई। इस स्वर्णकार ने भी यही रिपोर्ट दी। पत्रकारवार्ता में उन्होंने मूर्ति को पिघला कर बनाए गए बिस्किट भी दिखाए।
हांसी एसपी ने कहा कि यह मामला उत्तर प्रदेश के एक टटलू गिरोह से जुड़ा है। प्रतिमा को हांसी लाने वाला बबलू गिरोह के संपर्क में था। यह गिरोह लोगों को ऐसे ही तरीकों से ठगने का काम करता है। सीआईए टू को जानकारी मिली कि गिरोह के सदस्य हांसी बस स्टैंड पर किसी को ठगने की नीयत से आया है, तब पुलिस ने बबलू को हिरासत में लिया। उसके कब्जे से मूर्ति बरामद हुई। सीआईए टू ने पूछताछ के बाद बबलू को छोड़ दिया। मूर्ति को जांच के लिए स्वर्णकार के पास भेज दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा पुरात्व महत्व की नहीं थी, फिर भी बिस्किटों को विशेषज्ञ के पास जांच के लिए भेजा जाएगा।
5 लोगों पर केस दर्ज, एक गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ज्वेलर्स विवेक की शिकायत पर टटलू गिरोह के बाबा रामदास, राघविंद्र, बबलू, विमलेश व साविंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी बबलू को हिरासत में लिया है। हांसी एसपी ने आरोपी बबलू को मीडिया के सामने भी पेश किया। बबलू ने एसपी के सामने मीडिया कर्मियों को कहा कि सीआईए टू की टीम ने उन्हें पिछले दिनों पूरी रात पीटा और मूर्ति छीन ली। मुझे अगले दिन सुनार के कहने पर छोड़ दिया। जब वह उत्तर प्रदेश चला गया तो ज्वेलर्स विवेक ने कॉल कर कहा कि 14 लाख रुपये लगेंगे, मामला खत्म करने के। पत्रकारवार्ता में ज्वेलर्स ने कहा मुझसे पुलिस ने पैसे नहीं मांगे। सिर्फ बबलू के भाई को बुलाना चाहता था। एसपी ने कहा कि अगर बबलू को सीआईए टू की टीम ने पीटा था तो उसे मुझसे शिकायत करनी चाहिए थी।
हांसी पुलिस की कहानी पर सवाल
- मूर्ति की जांच करानी थी तो उसे काट कर बिस्किट क्यों बनाए गए ?
- अगर मूर्ति टटलू गिरोह की थी तो पुलिस के पास मूर्ति को काटने का अधिकार कौन सी धारा में है?
- मूर्ति को पुलिस मालखाने में जमा क्यों नहीं कराया गया?
- मूर्ति कितनी प्राचीन है इसकी जांच क्यों नहीं कराई गई?
- 23 जनवरी को मूर्ति काट दी थी तो इस बारे में जानकारी क्यों नहीं दी गई ?
- टटलू गिरोह के खिलाफ अब इतने दिन बाद एफआईआर क्यों?
- तात्कालिक आईजी राकेश आर्य ने केस एसपी को मार्क किया तो शिकायतकर्ताओं के पास सीआईए प्रभारी का फोन कैसे आया?
- हांसी सीआईए 2 टीम की संलिप्तता मिलने पर भी हांसी एसपी ने क्लीन चिट कैसे दे दी?