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Hisar News: सूर्य नगर में गाय ने साढ़े तीन साल के बच्चे को मारी टक्कर, चोटिल
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हिसार। सूर्य नगर की गली नंबर 4 बी में बच्चे को टक्कर मारती गाय।
हिसार। सूर्य नगर में गाय ने एक साढ़े तीन साल के बच्चे को टक्कर मारी। टक्कर लगने से बच्चा नीचे गिर गया और उसे चोट आई। बच्चे के परिजन बोले कि शहर में बेसहारा पशुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। उधर इस हादसे की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।
सूर्य नगर निवासी दीपक पूनिया ने बताया कि हम गली नंबर चार बी में रहते हैं। 4 नवंबर को मेरे भाई का साढ़े तीन साल का बेटा गली में खेल रहा था। उस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी उसके साथ ही थे। इसी बीच एक गाय वहां पहुंची और उसने बच्चे को सीधी टक्कर मार दी, जिससे बच्चा नीचे गिर गया। गनीमत रही कि हमने उसी समय बच्चे को उठा लिया और गाय को भगा दिया अन्यथा वह गाय बच्चे को ज्यादा चोट पहुंचाती। इसके बाद हम उसे तुरंत चिकित्सक के पास ले गए। शुक्र है कि बच्चे को हल्की चोट ही आई।
बुजुर्ग को भी मारी थी टक्कर
दीपक ने बताया कि करीब तीन माह पहले गली नंबर 6 में भी एक गाय ने बुजुर्ग को टक्कर मारी थी जिसमें बुजुर्ग को काफी चोट आई थी। दीपक के मुताबिक शहर में बेसहारा पशुओं पर कोई लगाम नहीं कसी जा रही है। सच्चाई ये है कि ये पशु बेसहारा नहीं है, बल्कि पालतू हैं। पशुपालक दूध निकालने के बाद इन्हें खुला छोड़ देते हैं। इसके अलावा अगर कोई गाय दूध देना छोड़ देती है तो उसे भी छोड़ दिया जाता है लेकिन जैसे ही वह दूध देने लगती है तो पशुपालक तुरंत उसे ले जाते हैं।
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निगम सख्ती करने में फेल
प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों एक आदेश दिया था कि जो भी पशुपालक अपने पशुओं को खुला छोड़ता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। मगर अभी तक निगम की तरफ से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर पिछले दिनों शहरी स्थानीय निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों ने एक बैठक में सभी निकायों को आदेश दिए थे कि 30 नवंबर तक अपने-अपने निकायों को बेसहारा पशु मुक्त किया जाए। मगर निगम अधिकारियों ने इस डेडलाइन तक शहर को पशु मुक्त करने को लेकर अपने हाथ खड़े कर दिए थे।
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सूर्य नगर निवासी दीपक पूनिया ने बताया कि हम गली नंबर चार बी में रहते हैं। 4 नवंबर को मेरे भाई का साढ़े तीन साल का बेटा गली में खेल रहा था। उस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी उसके साथ ही थे। इसी बीच एक गाय वहां पहुंची और उसने बच्चे को सीधी टक्कर मार दी, जिससे बच्चा नीचे गिर गया। गनीमत रही कि हमने उसी समय बच्चे को उठा लिया और गाय को भगा दिया अन्यथा वह गाय बच्चे को ज्यादा चोट पहुंचाती। इसके बाद हम उसे तुरंत चिकित्सक के पास ले गए। शुक्र है कि बच्चे को हल्की चोट ही आई।
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बुजुर्ग को भी मारी थी टक्कर
दीपक ने बताया कि करीब तीन माह पहले गली नंबर 6 में भी एक गाय ने बुजुर्ग को टक्कर मारी थी जिसमें बुजुर्ग को काफी चोट आई थी। दीपक के मुताबिक शहर में बेसहारा पशुओं पर कोई लगाम नहीं कसी जा रही है। सच्चाई ये है कि ये पशु बेसहारा नहीं है, बल्कि पालतू हैं। पशुपालक दूध निकालने के बाद इन्हें खुला छोड़ देते हैं। इसके अलावा अगर कोई गाय दूध देना छोड़ देती है तो उसे भी छोड़ दिया जाता है लेकिन जैसे ही वह दूध देने लगती है तो पशुपालक तुरंत उसे ले जाते हैं।
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निगम सख्ती करने में फेल
प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों एक आदेश दिया था कि जो भी पशुपालक अपने पशुओं को खुला छोड़ता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। मगर अभी तक निगम की तरफ से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर पिछले दिनों शहरी स्थानीय निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों ने एक बैठक में सभी निकायों को आदेश दिए थे कि 30 नवंबर तक अपने-अपने निकायों को बेसहारा पशु मुक्त किया जाए। मगर निगम अधिकारियों ने इस डेडलाइन तक शहर को पशु मुक्त करने को लेकर अपने हाथ खड़े कर दिए थे।