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खाप पंचायतों को लोक अदालत का दर्जा मिले
Hisar
Updated Wed, 20 Feb 2013 05:30 AM IST
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जींद। हरियाणा की खाप पंचायतों ने अपना पक्ष 18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में रख दिया है। सर्वखाप पंचायत हरियाणा के महासचिव कुलदीप सिंह ढांडा ने कहा कि खाप पंचायतों को पूरा यकीन है कि सर्वोच्च न्यायालय उनके साथ न्याय करेगा। उन्होंने बताया कि खाप पंचायतों ने सर्वोच्च न्यायालय से मांग की है कि खापों को लोक अदालत का दर्जा दिया जाए।
ढांडा मंगलवार को जींद की जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें देहरी पर जाकर पीड़ित पक्ष को न्याय देती है। इतना सस्ता और सुलभ न्याय दुनिया में कहीं भी नहीं मिलता है। ऐसी मिसाल खापें दुनियां में हजारों साल से प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खापें कभी भी ऑनर किलिंग नहीं करवाती हैं। बल्कि खापें तो इतनी संवेदनशील होती हैं कि वे कीटों को रसायनों से खत्म किया जाए। इसके पक्ष में नहीं रही हैं। पिछले साल गांव निडाना में खापों ने कीटों को बचाने के लिए कई महीने तक मुहिम चलाई। उन्होंने बताया कि पिछले साल पंजाब में ऑनर किलिंग के 286, हरियाणा में 174 तथा यूपी में 56 मामले प्रकाश में आए हैं। पंजाब में तो खाप पंचायतों का अस्तित्व ही नहीं है। फिर वहां पर ऑनर किलिंग की घटनाएं क्यों हो रही हैं। फिर भी ऑनर किलिंग को लेकर खापों को क्यों बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा की तरफ से 10, यूपी की तरफ से 1, दिल्ली की तरफ से 2 दावे प्रस्तुत किए गए हैं। ढांडा ने बताया कि दावा डालने की तारीख अब 21 फरवरी तक बढ़ गई है। पत्रकार वार्ता में इंद्र सिंह ढुल, टेकराम कंडेला, ओमप्रकाश मान भी मौजूद रहे।
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ढांडा मंगलवार को जींद की जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें देहरी पर जाकर पीड़ित पक्ष को न्याय देती है। इतना सस्ता और सुलभ न्याय दुनिया में कहीं भी नहीं मिलता है। ऐसी मिसाल खापें दुनियां में हजारों साल से प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खापें कभी भी ऑनर किलिंग नहीं करवाती हैं। बल्कि खापें तो इतनी संवेदनशील होती हैं कि वे कीटों को रसायनों से खत्म किया जाए। इसके पक्ष में नहीं रही हैं। पिछले साल गांव निडाना में खापों ने कीटों को बचाने के लिए कई महीने तक मुहिम चलाई। उन्होंने बताया कि पिछले साल पंजाब में ऑनर किलिंग के 286, हरियाणा में 174 तथा यूपी में 56 मामले प्रकाश में आए हैं। पंजाब में तो खाप पंचायतों का अस्तित्व ही नहीं है। फिर वहां पर ऑनर किलिंग की घटनाएं क्यों हो रही हैं। फिर भी ऑनर किलिंग को लेकर खापों को क्यों बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा की तरफ से 10, यूपी की तरफ से 1, दिल्ली की तरफ से 2 दावे प्रस्तुत किए गए हैं। ढांडा ने बताया कि दावा डालने की तारीख अब 21 फरवरी तक बढ़ गई है। पत्रकार वार्ता में इंद्र सिंह ढुल, टेकराम कंडेला, ओमप्रकाश मान भी मौजूद रहे।
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