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एचएयू के लिए जैविक उर्वरक बनाएगी बद्दी की कंपनी
Hisar
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने अपने पब्लिक-प्राइवेट पाटर्नरशिप कार्यक्रम के तहत बद्दी हिमाचल प्रदेश स्थित वाईएस संस एग्रोटैक कंपनी के साथ अनुबंध किया। अनुबंध के मुताबिक कंपनी विश्वविद्यालय द्वारा फसलों के लिए विकसित किए गए तरल जैविक उर्वरकों का उत्पादन करेगी और उनकी मार्केटिंग करेगी।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान निदेशक डा.जेएस धनखड़ और वाईएस संस एग्रोटैक कंपनी की ओर से डा. जूली कुमारी ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। अनुबंध से हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय को चार लाख रुपये की आमदनी होगी। अनुसंधान निदेशक डा. जेएस धनखड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय ने व्यावसायिक महत्व की अनेक तकनीकें विकसित की हैं। मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डा. रामसिंह ने कहा टेक्नोलॉजी के व्यावसायीकरण के लिए विश्वविद्यालय ने विभिन्न पब्लिक और प्राइवेट कंपनियों के साथ 37 अनुबंध किए हैं। बेसिक साइंस कालेज की डीन डा. संतोष ढिल्लो के मुताबिक तरल जैविक उर्वरकों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
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हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान निदेशक डा.जेएस धनखड़ और वाईएस संस एग्रोटैक कंपनी की ओर से डा. जूली कुमारी ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। अनुबंध से हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय को चार लाख रुपये की आमदनी होगी। अनुसंधान निदेशक डा. जेएस धनखड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय ने व्यावसायिक महत्व की अनेक तकनीकें विकसित की हैं। मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डा. रामसिंह ने कहा टेक्नोलॉजी के व्यावसायीकरण के लिए विश्वविद्यालय ने विभिन्न पब्लिक और प्राइवेट कंपनियों के साथ 37 अनुबंध किए हैं। बेसिक साइंस कालेज की डीन डा. संतोष ढिल्लो के मुताबिक तरल जैविक उर्वरकों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
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