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Hisar News: नई अनाज मंडी से तीन ट्रकों में सीकर एफसीआई में भेजा 995 क्विंटल गेहूं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2024 02:32 AM IST
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995 quintal wheat sent to Sikar FCI in three trucks from New Grain Market
नई अनाज मंडी में गेहूं उतारते किसान। 
हिसारl नई अनाज मंडी से बुधवार को तीन ट्रकों में 995 क्विंटल गेहूं राजस्थान के सीकर एफसीआई में भेजा गया। वही पिछले महीने राजस्थान के अलवर में 12500 और भीलवाड़ा में 37500 क्विंटल गेहूं भेजा गया था। एफसीआई के अधिकारियों के अनुसार जहां-जहां से उनके पास डिमांड आएगी, वहां वहां एफसीआई में गेहूं भेजा जाएगा।
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बता दे कि अनाज मंडियों में पहुंच रहे गेहूं की क्वालिटी अच्छी है, वहीं राजस्थान में गेहूं की पैदावार भी कम है। इसके चलते राजस्थान एफसीआई में गेहूं भेजा जा रहा है। एफसीआई के क्वालिटी इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह और विकास ने बताया कि बुधवार को 995 क्विंटल गेहूं सीकर एफसीआई में भेजा गया है। यहां से फिर सरकारी राशन डिपो में जाएगा।
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बालसमंद में 2039 क्विंटल सरसों तो नई अनाजमंडी में खरीदा 3716 क्विंटल गेहूं
नई अनाजमंडी में बुधवार को 7406 क्विंटल गेहूं पहुंचा। इसमें से नई अनाजमंडी में हैफेड ने 3716 क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद की है। 4407 क्विंटल प्राइवेट एजेंसी ने खरीदा है। इसी प्रकार 4966 क्विंटल सरसों पहुंची। मगर हिसार और कैमरी में सरसों की खरीद नहीं हुई। बालसमंद की मंडी में 2039 क्विंटल सरसों सरकारी रेट पर खरीदी गई है। वहीं, प्राइवेट एजेंसी की ओर से 220 क्विंटल सरसों खरीदी गई हैं। अभी भी जिले की मंडियों में गेहूं से भरी बोरियां और खुले में ढेरियां रखी हैं। जिले की मंडियों में 23 अप्रैल तक 3285373 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका हैं। इसमें से 1059260 क्विंटल गेहूं का उठान हो चुका है। अभी मंडियों में शेड के नीचे से लेकर खुले में 2226113 क्विंटल गेहूं रखा हुआ हैं।
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सरसों-गेहूं के भुगतान का आंकड़ा
अभी तक 25732 किसानों को सरसों का 244.11 करोड़ रुपये भुगतान किया जा चुका हैं। इसी प्रकार 26492 किसानों को गेहूं का 161 करोड़ रुपये भुगतान हो चुका हैं। मगर गेहूं का भुगतान अभी धीमी गति से चल रहा है। उठान कम होने के कारण किसानों की पेमेंट भी लेट हो रही हैं।


सरकार की लापरवाही के कारण बारिश होने से कई क्विंटल गेहूं व सरसों खराब हो गई हैं। अभी तक गेहूं का उठान सिर्फ 30-35 प्रतिशत ही हुआ है जोकि न के बराबर है। सरकार द्वारा गेहूं की खरीद, उठान व भुगतान समय पर ना होने के कारण किसानों व आढ़तियों में नाराजगी है। सरकार को अपने वादे के अनुसार तुरंत प्रभाव से गेहूं की खरीद, उठान व भुगतान करना चाहिए। बारिश के कारण गेहूं व सरसों खराब हुई हैं, उसका तुरंत मुआवजा किसानों को देना चाहिए। सरकार को डबल शिफ्ट कर तुरंत गेहूं का उठान मंडियों से करना चाहिए। - बजरंग गर्ग, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष
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