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शहर की सड़कों पर पांच हजार पशु, 24 घंटे में कैसे मिलेगी मुक्ति

Mon, 14 Aug 2017 12:48 AM IST
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:48 AM IST
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शहर की सड़कों पर पांच हजार पशु, 24 घंटे में कैसे मिलेगी मुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
15 अगस्त आजादी दिवस पर शहरवासियों को लावारिस पशुओं से मुक्ति दिलवाने का वादा करने वाला प्रशासन अपना वादा पूरा करता नहीं दिख रहा। शहर में पांच हजार की संख्या में पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, प्रशासन के पास टाइम केवल 24 घंटे हैं। ऐसे में इतने पशुओं को शहर से पकड़ पाना निगम और जिला प्रशासन के लिए संभव नहीं।
सीएम की घोषणा गो अभयारण्य, नहीं हो पाया तैयार
दरअसल नगर निगम और जिला प्रशासन की तरफ से गो अभयारण्य की तैयारी को लेकर इस तरह के वादे किए गए थे, लेकिन अभी तक गो अभयारण्य पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। नगर निगम ने एक बार कुछ पशुओं को रोकने की व्यवस्था के लिए टेक्निकल विंग पर दबाव बनाया था, लेकिन पूरी रणनीति फेल हो गई। सीएम ने 2014 में शहर से बाहर गो अभयारण्य बनाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है।
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बजट ने भी बिगाड़ी प्लानिंग
निगम अधिकारियों की मानें तो गो अभयारण्य का शुरुआत में निगम की तरफ से 10 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट मांगा गया था। उसी के आधार पर 50 एकड़ जमीन पर गो अभयारण्य का डिजाइन तैयार किया गया था, लेकिन सरकार और गो सेवा आयोग की तरफ से इतना बजट न उपलब्ध होने की बात कही गई। इसके बाद करीब 25 दिन पहले ही निगम की तरफ से दोबारा चार करोड़ के बजट के हिसाब से डिजाइन बनाकर भेजा गया। वह भी अभी तक गुरुग्राम में ही टेक्निकल विंग के पास है।
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तीन साल में हो चुकी 18 से अधिक मौतें
पिछले तीन साल के आंकड़े देखें तो लावारिस पशुओं के कारण 18 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। आम लोगों पर सड़कों पर जाते समय पशुओं द्वारा हमला करने की घटनाएं भी आम बात हो गई हैं।
विधानसभा चुनाव में रहा राजनीतिक पार्टियों का चुनावी मुद्दा
शहर को पशु मुक्त करने के संबंध में विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों का यह मुख्य मुद्दा रहा था। 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस, हजकां, इनेलो सहित सभी पार्टियों ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था।

जमीनी हकीकत ...
- चारे और पानी की व्यवस्था नहीं
- निगम के पास पशु पकड़ने के लिए मैनपावर नहीं
- पशु पकड़ने के लिए वाहनों की व्यवस्था नहीं।
- अलग से कोई बजट उपलब्ध न होना।

नंदीशाला में 1800 पशु
निगम ने धांसू रोड नंदीशाला में 18 सौ नंदी रखे हुए हैं। इन नंदियों के लिए निगम पशुचारे की व्यवस्था नहीं कर पाता। संस्थाएं और आम लोगों के सहयोग से यह नंदीशाला चल रही है। चारे और सुविधाओं की कमी के कारण गर्मी और सर्दी में नंदीशाला में बड़ी संख्या में पशु मरते हैं।


पशु पकड़ने का अभियान लगातार जारी है। गो अभयारण्य का काम भी जोरों पर चल रहा है। टीम पशु पकड़ती है और पशुपालक फिर पशुओं को छोड़ देते हैं। शहर के आसपास गांवों की तरफ से भी पशुु शहर में आ रहे हैं।
-इंद्रजीत कुल्हड़िया, ईओ नगर निगम

जिला प्रशासन का 15 अगस्त तक शहर को स्ट्रे कैटल फ्री करने का है टारगेट
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